मेरठ का दिल दहला देने वाला ‘नीला ड्रम सौरभ हत्याकांड’—अब नया मोड़, मृतक परिवार ने उठाई डीएनए जांच की मांग
मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’, जिसने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हिला दिया था, अब एक बार फिर सुर्खियों में है। पत्नी मुस्कान द्वारा बेरहमी से की गई सौरभ की हत्या, शव को नीले ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कहानी, और प्रेम–विश्वास–धोखे तथा क्रूरता का गठजोड़ … इन सबके बीच अब एक नवजात बच्ची का जन्म इस केस को बिल्कुल नए मोड़ पर ले आया है।
24 नवंबर—जिस दिन सौरभ अपना बर्थडे मनाने वाला था—उसी दिन उसकी पत्नी मुस्कान ने LLRM मेडिकल कॉलेज में एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का दावा है कि इस बच्ची का सौरभ से कोई जैविक संबंध होने की मात्र 1% उम्मीद है, इसलिए वे पीहू (मुस्कान की बेटी) और नवजात की डीएनए जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना से लेकर जेल तक, और अब नवजात के भविष्य पर उठते सवालों तक—पूरी कहानी में एक-एक परत दर्द, धोखा और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच उलझती जा रही है। नीचे पढ़िए पूरी रिपोर्ट बेहद विस्तृत रूप में—
नीला ड्रम हत्याकांड, कैसे पत्नी मुस्कान बनी अपने ही पति की मौत की वजह?
मेरठ में सौरभ की हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। यह मामला उन गिने–चुने केसों में से एक बन गया, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी।
मुस्कान ने पहले से ही एक रिश्ते में होने की बात सामने आई थी। सौरभ से शादी के बाद भी उसका यह रिश्ता चलता रहा। विवाद बढ़ता गया और आखिरकार बात हत्या तक पहुंच गई।
हत्या की भयावह सच्चाई:
सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी हुई
शव मिलने के बाद मामला पूरे प्रदेश में सनसनी का विषय बन गया
पुलिस ने मुस्कान और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेजा
मामला जितना क्रूर था, उतना ही पेचीदा भी—क्योंकि इसमें मुस्कान की बेटी पीहू और अब जन्मी नवजात की असलियत पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब नया विवाद—नवजात बच्ची का पिता कौन?
24 नवंबर, जो सौरभ का जन्मदिन था, उसी दिन मुस्कान ने जेल से LLRM कॉलेज में बच्ची को जन्म दिया।
मृतक सौरभ के भाई राहुल का स्पष्ट बयान है—
“नवजात बच्ची सौरभ की हो, इसकी सिर्फ 1% उम्मीद है। हम डीएनए टेस्ट चाहते हैं।” – राहुल, मृतक सौरभ का भाई
परिवार का कहना है कि मुस्कान लंबे समय से किसी और के साथ संबंध में थी, इसलिए बच्ची के जैविक पिता पर बड़ा सवाल है।
परिवार ने मांग रखी है—
पीहू का डीएनए टेस्ट
नवजात बच्ची का डीएनए टेस्ट
दोनों का मैच सौरभ से कराया जाए
जेल प्रशासन की व्यवस्था – 6 साल तक मां के साथ रह सकेगी बच्ची
मुस्कान फिलहाल मेरठ जिला जेल में बंद है।
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया—
“नियमों के अनुसार मुस्कान की नवजात बेटी 6 वर्ष की आयु तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकती है।”
साथ ही आगे कहा—
“6 साल बाद बच्ची को नारी निकेतन भेजने का प्रावधान है, अगर परिजन उसे नहीं लेते।”
ऐसे में सवाल केवल डीएनए का नहीं है—
बच्ची के भविष्य, पहचान और पालन-पोषण से जुड़े संवेदनशील पहलू अब न्याय व्यवस्था के सामने हैं।
परिवार का दर्द – सौरभ का जन्मदिन और मौत की निशानी?
यह कहानी जितनी कानूनी है, उतनी ही भावुक भी—
24 नवंबर…
वही तारीख…
जिस दिन सौरभ का जन्म हुआ था…
उसी दिन उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया।
परिवार कह रहा है—
“एक तरफ भाई की याद, दूसरी तरफ एक बच्ची… लेकिन वह बच्ची किसकी है—यह स्पष्ट होना जरूरी है।” – राहुल
पूरी घटना का मौजूदा अपडेट
मुस्कान जेल में बंद
LLRM मेडिकल कॉलेज में हुई डिलीवरी
नवजात बच्ची सुरक्षित
परिवार ने डीएनए की मांग की
जेल प्रशासन—बच्ची 6 साल तक मां के साथ रह सकती है
6 साल बाद नारी निकेतन भेजने की व्यवस्था
‘नीला ड्रम कांड’ में अब सबसे बड़ा सवाल: बच्ची की असलियत
हत्या, धोखा, संबंध, जेल, जन्म—
हर मोड़ पर यह मामला और जटिल होता जा रहा है।
अब पूरा परिवार, गांव, प्रशासन और पुलिस—
हाथ पर हाथ रखकर डीएनए टेस्ट की दिशा में आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
बच्ची का डीएनए ही बताएगा—
क्या वह सौरभ की आखिरी निशानी है,
या इस क्रूर हत्याकांड की एक और सच्चाई सामने आने वाली है?