3

Recent News

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग से 20 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा घायल। राहत-बचाव जारी, जांच शुरू।

Delhi Fire News: मालवीय नगर के होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 20 लोगों की मौत; 40 से ज्यादा घायल, जान…

गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड में पीलीभीत कनेक्शन सामने आया। मुख्य आरोपी असद के करीबी फरहान और आतिफ गिरफ्तार, जांच में नए खुलासे।

सूर्या चौहान हत्याकांड का पीलीभीत कनेक्शन, मुख्य आरोपी असद के दो करीबी गिरफ्तार; बकरीद के दिन हुई हत्या  गाजियाबाद में…

प्रयागराज में एक ही परिवार के 4 लोगों के शव बंद मकान से मिलने से सनसनी। पुलिस हत्या के कारणों, लापता सदस्य और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी।

प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या, बंद मकान से मिले शव, जांच में जुटीं पुलिस  साउथ…

Vaibhav Suryavanshi Case Study: IIM Indore करेगा 15 साल के इस क्रिकेटर पर रिसर्च, पता लगाएगा सक्सेस फॉर्मूला..

Vaibhav Suryavanshi Case Study: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी…

पीलीभीत: डीएम कार्यालय के सामने संविदाकर्मी की मौत, आधे घंटे तक तड़पता रहा, तमाशबीन बने रहे मौके पर मौजूद कर्मचारी

पीलीभीत कलेक्ट्रेट में विद्युत कर्मचारी की मौत, मौके पर मौजूद कर्मचारी देखते रहे, करंट से घायल मदद के इंतजार में…

3

Recent News

Delhi Fire News: मालवीय नगर के होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 20 लोगों की मौत; 40 से ज्यादा घायल, जान…

सूर्या चौहान हत्याकांड का पीलीभीत कनेक्शन, मुख्य आरोपी असद के दो करीबी गिरफ्तार; बकरीद के दिन हुई हत्या  गाजियाबाद में…

प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या, बंद मकान से मिले शव, जांच में जुटीं पुलिस  साउथ…

Vaibhav Suryavanshi Case Study: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी…

पीलीभीत कलेक्ट्रेट में विद्युत कर्मचारी की मौत, मौके पर मौजूद कर्मचारी देखते रहे, करंट से घायल मदद के इंतजार में…

Breaking News

जहरीली हवा में घिरी दिल्ली पर हाईकोर्ट का सरकार से तीखा सवाल, एयर प्यूरीफायर GST लगाना असंवेदनशील

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा—जब साफ हवा नहीं दे पा रही सरकार, तो एयर प्यूरीफायर पर 18% GST क्यों? जहरीली हवा पर बड़ा सवाल।

“सांस लेने पर भी टैक्स?” — जहरीली हवा में घिरी दिल्ली पर हाईकोर्ट का सरकार से तीखा सवाल, एयर प्यूरीफायर को बताया जरूरत, लग्जरी नहीं

दिल्ली

दिल्ली की हवा अब सिर्फ प्रदूषित नहीं, बल्कि इमरजेंसी जैसी जानलेवा हो चुकी है।
हर सांस में जहर, हर फेफड़े पर हमला… और ऐसे में अगर कोई नागरिक खुद को बचाने के लिए एयर प्यूरीफायर खरीदे, तो सरकार उस पर भी 18% GST वसूल रही है

यही सवाल अब दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के सामने सीधा दाग दिया है
“जब सरकार साफ हवा नहीं दे पा रही, तो कम से कम सांस लेने के उपकरण पर टैक्स क्यों?”

“साफ हवा में सांस लेना मौलिक अधिकार” — हाईकोर्ट का सख्त रुख

बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय

न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला

शामिल थे, उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से कड़े सवालों की झड़ी लगा दी

कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा —

“हर नागरिक को साफ हवा में सांस लेने का मौलिक अधिकार है। ऐसे हालात में एयर प्यूरीफायर को लग्जरी आइटम मानना गलत है।”

बेंच ने यह भी कहा कि जब राजधानी की हवा एयर इमरजेंसी की स्थिति में है, तो 18% GST लगाना पूरी तरह असंवेदनशील फैसला है।

PIL में बड़ी मांग, एयर प्यूरीफायर को ‘मेडिकल डिवाइस’ घोषित किया जाए

यह पूरा मामला एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसे एडवोकेट कपिल मदान ने दाखिल किया है।

याचिका में मांग की गई है कि —

एयर प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस की श्रेणी में रखा जाए

इन पर लगने वाला GST 18% से घटाकर 5% किया जाए

याचिका में तर्क दिया गया कि —

मेडिकल डिवाइस रूल्स

और केंद्र सरकार की 2020 की अधिसूचना

के अनुसार, एयर प्यूरीफायर की भूमिका सीधे तौर पर स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी है।

WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह का हवाला

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि —

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन)

और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय

दोनों ही खराब से गंभीर AQI के दौरान खासकर —

बुजुर्गों

बच्चों

दमा और हृदय रोगियों

के लिए एयर प्यूरीफायर को सुरक्षा उपकरण मानते हैं।

ऐसे में इन्हें लग्जरी बताकर भारी टैक्स लगाना लोगों के स्वास्थ्य अधिकार पर सीधा हमला है।

हाईकोर्ट के 3 तीखे कमेंट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान तीन बेहद अहम टिप्पणियां कीं —

“जब सरकार साफ हवा देने में नाकाम है, तो कम से कम टैक्स में राहत तो दीजिए।”
“लोग कब तक इंतजार करें? जब हालात और जानलेवा हो जाएं तब?”
“एक इंसान दिन में करीब 21 हजार बार सांस लेता है, जहर सीधा शरीर में जा रहा है।”

कोर्ट ने यहां तक पूछा कि —
क्या किसी आपात प्रावधान के तहत
अस्थायी रूप से ही सही,
 एयर प्यूरीफायर को GST से राहत नहीं दी जा सकती?

15 दिन के लिए ही सही, टैक्स राहत पर विचार हो

हाईकोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया कि —
अगर स्थायी फैसला मुश्किल है, तो कम से कम —

15 दिन

या किसी निर्धारित अवधि

के लिए ही एयर प्यूरीफायर पर GST में राहत दी जाए।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि —

“हम सिर्फ लंबी तारीखें नहीं चाहते, मौजूदा हालात में ठोस प्रस्ताव चाहिए।”

गडकरी का बड़ा कबूलनामा, 40% प्रदूषण ट्रांसपोर्ट सेक्टर से

इसी बीच, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया।

उन्होंने कहा —

“दिल्ली में दो-तीन दिन रहने पर मुझे खुद इन्फेक्शन हो जाता है। यह सच है कि प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है, और मैं उसी विभाग का मंत्री हूं।”

यह बयान सरकार के भीतर मौजूद सच्चाई और असहजता दोनों को उजागर करता है।

केंद्र सरकार का पक्ष, फैसला GST काउंसिल लेगी

लंच के बाद हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया —

“यह एक पॉलिसी मैटर है। इस पर फैसला GST काउंसिल लेती है, जिसमें सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होते हैं। इसकी एक तय प्रक्रिया है।”

हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अरविंद नायर ने पलटवार करते हुए कहा —

“2020 का नोटिफिकेशन पहले से मौजूद है। सांस लेने में मदद करने वाले उपकरणों को बहुत आसानी से उसमें शामिल किया जा सकता है।”

कोर्ट की अहम टिप्पणी और अगली तारीख

कोर्ट ने कहा —

“हमें बताया गया है कि फरवरी 2020 के नोटिफिकेशन में शामिल मेडिकल डिवाइस पर 5% GST लगता है। एयर प्यूरीफायर के काम को देखते हुए, पहली नजर में कोई कारण नहीं दिखता कि इसे 5% की श्रेणी में क्यों न रखा जाए।”

अब इस मामले को 26 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है, ताकि —

यह पता लगाया जा सके कि

GST काउंसिल कितनी जल्दी बैठक कर सकती है

और क्या कोई तत्काल राहत का रास्ता निकल सकता है

 बड़ा सवाल, क्या सांस लेना अमीरों की सुविधा बन जाएगा?

यह मामला अब सिर्फ टैक्स का नहीं, बल्कि —

संविधान में दिए गए जीवन के अधिकार

सरकार की प्राथमिकताओं

और आम आदमी की सांस

से जुड़ गया है।

अब नजरें टिकी हैं 26 दिसंबर पर —
 क्या सरकार राहत देगी?
 या दिल्लीवाले यूं ही जहरीली हवा में सांस लेते रहेंगे?

रॉकेट पोस्ट लाइव इस मुद्दे पर हर अपडेट के साथ आपके साथ रहेगा