Pilibhit News: पीलीभीत की विनीता शुक्ला की कहानी जिसने सबको हैरान कर दिया
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों को हैरान भी कर दिया है और भावुक भी।
जिस महिला को डॉक्टरों ने लगभग मृतप्राय मान लिया था, जिसके घर अंतिम संस्कार की तैयारी हो चुकी थी, वही महिला आज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आई है।
यह कहानी है पीलीभीत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तैनात विनीता शुक्ला की — जिनकी जिंदगी एक ऐसे मोड़ पर लौट आई, जहां से वापसी लगभग नामुमकिन मानी जा रही थी।
डॉक्टरों ने कह दिया था – अब कोई उम्मीद नहीं
विनीता शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कई जांचों और इलाज के बाद डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और उन्हें ब्रेन डेड जैसी स्थिति माना जा सकता है।
परिजनों को साफ कहा गया कि वेंटिलेटर हटाने के बाद उनका बचना मुश्किल है, इसलिए उन्हें घर ले जाया जाए।
यह सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घर पर शुरू हो गई थीं अंतिम संस्कार की तैयारियां
डॉक्टरों की बात मानते हुए परिवार ने भारी मन से विनीता को एंबुलेंस से पीलीभीत स्थित अपने घर लाने का फैसला किया।
घर पर उनके बेटे, बहू और बेटी को जब यह खबर मिली, तो घर में मातम का माहौल छा गया।
मोहल्ले में भी खबर फैल चुकी थी कि विनीता अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
परिवार के लोग रोते-बिलखते अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे।
लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
रास्ते के एक झटके ने बदल दी कहानी
जब एंबुलेंस पीलीभीत की ओर जा रही थी, तभी हाफिजगंज के पास सड़क के एक गहरे गड्ढे में एंबुलेंस का पहिया गिर गया।
गड्ढे में गिरने से एंबुलेंस को जोरदार झटका लगा।
और उसी झटके के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
परिजनों ने देखा कि विनीता के शरीर में हलचल होने लगी।
जो महिला कुछ देर पहले तक मृतप्राय मानी जा रही थी, उसके शरीर में जीवन के संकेत दिखाई देने लगे।
तुरंत अस्पताल ले जाया गया
विनीता के पति कुलदीप शुक्ला और परिवार के अन्य सदस्य यह देखकर हैरान रह गए।
उन्होंने तुरंत एंबुलेंस का रुख बदला और विनीता को पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां उनकी जांच और इलाज की जिम्मेदारी संभाली न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह ने।
डॉक्टर को हुआ सांप के काटने का शक
जांच के दौरान डॉ. राकेश सिंह को विनीता के शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दिए जिससे उन्हें सांप के काटने (Snake Bite) का संदेह हुआ।
इसी आधार पर डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत एंटी-वेनम इंजेक्शन और जरूरी दवाएं देना शुरू किया।
इलाज के कुछ घंटों के भीतर ही विनीता के शरीर में सुधार दिखने लगा।
24 घंटे में दिखा असर, 13 दिन में पूरी तरह स्वस्थ
डॉक्टरों की टीम ने लखनऊ के विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी सलाह ली।
लगातार इलाज और निगरानी के बाद करीब 24 घंटे में उनकी हालत में स्पष्ट सुधार दिखाई देने लगा।
करीब 13 दिनों के इलाज के बाद विनीता पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आईं।
Pilibhit News: चमत्कार या सही इलाज?
इस घटना के बाद इलाके में एक ही चर्चा है —
क्या यह किसी चमत्कार का परिणाम था, या फिर सही समय पर सही इलाज मिलने का असर?
डॉक्टरों का कहना है कि कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्याओं या सांप के जहर के कारण मरीज की हालत ब्रेन डेड जैसी दिखाई दे सकती है।
ऐसी स्थिति में सही समय पर इलाज मिलने से मरीज को बचाया जा सकता है।
“जाको राखे साइयां मार सके न कोय”
विनीता के परिवार वाले इस पूरी घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।
जहां कुछ घंटे पहले तक घर में मातम था, वहीं अब खुशी और राहत का माहौल है।
जज विभाग और मोहल्ले में लोग कह रहे हैं —
“जिसे भगवान बचाना चाहें, उसे कोई नहीं मार सकता।”
क्योंकि जहां मौत तय मान ली गई थी, वहीं आज जिंदगी फिर मुस्कुरा रही है।