Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पाकिस्तान की कूटनीति और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद को मुस्लिम देशों का नेता बताने वाला पाकिस्तान, जो इस वक्त मध्यस्थता की कोशिश में लगा है, उसी के एक जहाज को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया। इस घटना ने साफ कर दिया है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।
IRGC ने पाकिस्तान के जहाज को रोका
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे ‘सेलेन’ नाम के जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया।
IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने साफ कहा कि इस जहाज के पास स्ट्रेट पार करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी।
मध्यस्थता कर रहा पाकिस्तान, फिर भी झटका
यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान इस संघर्ष में मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत भी की थी। इसके बावजूद ईरान द्वारा पाकिस्तानी जहाज को रोकना इस बात का संकेत है कि जमीनी हालात कूटनीतिक दावों से काफी अलग हैं।
भारत के 5 जहाज सुरक्षित पार कर चुके हैं
जहां पाकिस्तान को झटका लगा, वहीं भारत के लिए स्थिति थोड़ी अलग नजर आई।
जंग शुरू होने के बाद से भारत के 5 एलपीजी और तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजर चुके हैं। इनमें शामिल हैं:
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जग वसंत
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पाइन गैस
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शिवालिक
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नंदा देवी
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जग लाडकी
यह दिखाता है कि भारत के जहाजों को फिलहाल कोई बड़ी बाधा नहीं आई है।
ईरान की चेतावनी: नियम मानो, तभी मिलेगा रास्ता
ईरान ने साफ कहा है कि जो जहाज उसके खिलाफ नहीं हैं और उसके नियमों का पालन करते हैं, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने दिया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने भी कहा कि ऐसे जहाज ‘सुरक्षित रास्ते’ का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो किसी तरह की विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।
जमीन पर हालात बेहद खराब, व्यापार लगभग ठप
हालांकि ईरान राहत देने की बात कर रहा है, लेकिन असल स्थिति काफी चिंताजनक है।
पहले जहां हर दिन करीब 120 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 4-5 रह गई है।
यानी समुद्री व्यापार लगभग ठप हो चुका है।
दुनिया पर मंडरा रहा बड़ा ऊर्जा संकट
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है।
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यहां से करीब 20% वैश्विक तेल और गैस सप्लाई गुजरती है
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अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहा, तो वैश्विक असर गंभीर होगा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो तेल की कीमत 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
कूटनीति बनाम जमीनी सच्चाई
पाकिस्तान जहां मुस्लिम एकता और मध्यस्थता की बात कर रहा है, वहीं ईरान का यह कदम दिखाता है कि मौजूदा हालात में हर देश अपने हित को प्राथमिकता दे रहा है।
अगर होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव जारी रहा, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।