Indigo Plane Haadsa: वाराणसी से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बेंगलुरु से आ रही IndiGo की फ्लाइट में एक यात्री ने लैंडिंग के दौरान इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश कर दी। यह घटना शनिवार रात करीब 10:20 बजे की है, जब फ्लाइट वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरने वाली थी। इसी दौरान एक यात्री ने अचानक इमरजेंसी एग्जिट के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी, जिसे केबिन क्रू ने तुरंत देख लिया और उसे रोक दिया। इसके बाद तुरंत पायलट को इसकी जानकारी दी गई।
पायलट की सूझबूझ से टला हादसा
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने विमान को तुरंत दोबारा हवा में ले जाने का फैसला किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया गया। करीब 15 मिनट तक विमान हवा में चक्कर लगाता रहा, जिसके बाद सभी सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करते हुए रात 10:35 बजे विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया। लैंडिंग के बाद Central Industrial Security Force के जवानों ने आरोपी यात्री को तुरंत हिरासत में ले लिया।
आरोपी का चौंकाने वाला बयान
पूछताछ में आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई, जो मऊ जिले का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह गोवा घूमने गया था और उसे खुद समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा क्यों किया। उसने यह भी दावा किया कि उसके ऊपर “भूत का साया” है और उसे यह अंदाजा नहीं था कि एक बटन दबाने से विमान का दरवाजा खुल सकता है। इस बयान ने मामले को और ज्यादा सनसनीखेज बना दिया है।
उड़ान के दौरान भी कर चुका था कोशिश
जानकारी के मुताबिक, यह पहली बार नहीं था जब आरोपी ने ऐसी हरकत की हो। फ्लाइट ने शनिवार रात करीब 8:15 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरी थी और उड़ान के महज 15 मिनट बाद ही अदनान ने इमरजेंसी गेट के साथ छेड़छाड़ की थी। हालांकि उस समय केबिन क्रू ने उसे समझाकर शांत कर दिया था और वह अपनी सीट पर बैठ गया था। लेकिन वाराणसी पहुंचते ही लैंडिंग के समय उसने फिर वही हरकत दोहरा दी, जिससे सभी यात्री और क्रू में हड़कंप मच गया।
केस दर्ज, जांच जारी
इस मामले में फूलपुर थाना प्रभारी Atul Kumar Singh ने बताया कि इंडिगो के सुरक्षा प्रबंधक देवांशु प्रताप सिंह की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके परिवार को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने दी चेतावनी
वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक Puneet Gupta ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि जिस समय यात्री ने इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की, उस वक्त विमान लैंडिंग की स्थिति में था। अगर पायलट ने समय रहते विमान को दोबारा हवा में न उड़ाया होता, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। उन्होंने समझाया कि जैसे तेज रफ्तार में चल रही कार का दरवाजा अचानक खुलने पर वह पलट सकती है, उसी तरह विमान भी अनियंत्रित होकर क्रैश हो सकता था।
नो-फ्लाई लिस्ट में आ सकता है नाम
अधिकारियों का कहना है कि यदि Directorate General of Civil Aviation में इस मामले की शिकायत की जाती है, तो आरोपी को नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जा सकता है, जिससे उस पर भविष्य में हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध लग सकता है।