Closing Year Deadline: आज 30 मार्च है और आपके पास अपने वित्तीय कामों को पूरा करने के लिए सिर्फ 2 दिन बचे हैं। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद टैक्स और बैंकिंग से जुड़े कई अहम कामों की डेडलाइन खत्म हो जाएगी। अगर आपने ये काम समय पर नहीं किए, तो आपको पेनाल्टी, ज्यादा टैक्स या फिर अतिरिक्त झंझट झेलना पड़ सकता है।
सरकारी स्कीम्स चालू रखें: PPF, NPS और सुकन्या में डालें मिनिमम बैलेंस
अगर आपके पास Public Provident Fund, National Pension System या Sukanya Samriddhi Yojana खाता है, तो उसे एक्टिव रखना जरूरी है।
हर साल इन स्कीम्स में कम से कम ₹250 से ₹500 तक का निवेश करना अनिवार्य होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। बाद में उसे चालू कराने के लिए पेनाल्टी भी देनी पड़ेगी और बैंक के चक्कर अलग से लगाने पड़ेंगे।
टैक्स बचाने का आखिरी मौका: 80C और 80D के तहत निवेश करें
अगर आप पुरानी टैक्स रिजीम चुनते हैं, तो टैक्स बचाने के लिए आपके पास सिर्फ 31 मार्च तक का समय है।
इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत आप ₹1.5 लाख तक की छूट पा सकते हैं। इसके लिए आप PPF, लाइफ इंश्योरेंस या अन्य सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकते हैं।
वहीं, सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर ₹1 लाख तक की छूट मिलती है। ध्यान रखें, 1 अप्रैल के बाद किया गया निवेश अगले फाइनेंशियल ईयर में गिना जाएगा।
सैलरी वालों के लिए जरूरी: ऑफिस में जमा करें इन्वेस्टमेंट प्रूफ
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको अपने ऑफिस में समय पर इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करना बेहद जरूरी है।
इन प्रूफ में शामिल हैं:
- घर के किराए की रसीद (HRA)
- बीमा प्रीमियम की रसीद
- होम लोन ब्याज का सर्टिफिकेट
अगर आपने ये डॉक्यूमेंट्स समय पर जमा नहीं किए, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से ज्यादा TDS काट सकती है। बाद में इसे वापस पाने के लिए आपको ITR फाइल करने तक इंतजार करना पड़ेगा।
देरी का मतलब सीधा नुकसान
इन कामों को टालने का मतलब है:
- पेनाल्टी देना
- ज्यादा टैक्स कटना
- बेवजह की भागदौड़
इसलिए बेहतर है कि 31 मार्च से पहले ही इन सभी जरूरी कामों को पूरा कर लें।