Iran US War: अमेरिकी टेक कंपनी Oracle इन दिनों दो वजहों से चर्चा में है—एक तरफ बड़े पैमाने पर छंटनी और दूसरी तरफ ईरान के हमले का दावा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब टेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस टकराव का हिस्सा बनता दिख रहा है।
ईरान का दावा: Oracle के डेटा सेंटर पर हमला
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने UAE में Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाया है।
- दावा: दुबई स्थित फैसिलिटी पर हमला
- वजह: Oracle के अमेरिका और इजराइल से संबंध
- टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को “वैध टारगेट” बताया
हालांकि इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
UAE ने किया साफ इनकार
Dubai प्रशासन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा—
- Oracle पर किसी हमले की पुष्टि नहीं
- ईरान के दावे को खारिज किया
हालांकि, कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर Oracle सर्विसेज में डिसरप्शन की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
Fake News Alert pic.twitter.com/5JI4VLnxDL
— Dubai Media Office (@DXBMediaOffice) April 2, 2026
पहले से संकट में Oracle: 12 हजार लोगों की छंटनी
Oracle पहले ही बड़े पैमाने पर छंटनी को लेकर चर्चा में है—
- भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों की नौकरी गई
- ग्लोबल स्तर पर 30,000 छंटनी का लक्ष्य
यह कंपनी के लिए एक बड़ा restructuring phase माना जा रहा है।
टेक कंपनियां क्यों बन रही हैं टारगेट?
ईरान का आरोप है कि बड़ी टेक कंपनियां—
- अमेरिका की सैन्य और इंटेलिजेंस गतिविधियों में मदद करती हैं
- क्लाउड, AI और डेटा सिस्टम “डिजिटल हथियार” बन चुके हैं
इसी वजह से Oracle, Amazon, Google, Meta जैसी कंपनियां निशाने पर हैं।
Amazon AWS पर पहले ही असर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक—
- Amazon Web Services के बहरीन डेटा सेंटर पर हमला हुआ
- ड्रोन हमलों से सर्विसेज प्रभावित हुईं
- बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम तक असर पड़ा
हालांकि इन घटनाओं की भी पूरी तरह स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
18 अमेरिकी कंपनियां निशाने पर
ईरान ने जिन कंपनियों को चेतावनी दी, उनमें शामिल हैं—
- Apple
- Microsoft
- Intel
- IBM, Google, Amazon आदि
IRGC ने इन्हें “वैध टारगेट” बताते हुए कर्मचारियों को ऑफिस छोड़ने तक की चेतावनी दी है।
Intel का बयान: कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता
Intel ने आधिकारिक बयान में कहा—
- स्थिति पर नजर रखी जा रही है
- कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है
क्या यह साइबर वॉर का नया दौर है?
यह घटनाक्रम कई बड़े सवाल खड़े करता है—
- क्या अब डेटा सेंटर भी युद्ध के निशाने पर होंगे?
- क्या साइबर अटैक और फिजिकल अटैक का मिश्रण बढ़ेगा?
- क्या दुनिया “टेक वॉर” के नए दौर में प्रवेश कर रही है?
जंग अब डिजिटल दुनिया में भी
Oracle पर हमले का दावा भले ही कन्फर्म न हो, लेकिन यह साफ है कि टेक कंपनियां अब सिर्फ बिजनेस का हिस्सा नहीं रहीं—वे ग्लोबल पॉलिटिक्स और जंग का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
आने वाले समय में इसका असर आम यूजर्स, कंपनियों और पूरी डिजिटल इकॉनमी पर पड़ सकता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).