Crime News: दिल्ली के किलोकारी इलाके में मणिपुरी म्यूजिशियन चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत के मामले में जांच के दौरान नया खुलासा सामने आया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया है कि विक्रम सिंह उनके घर के बाहर होने वाले शोर-शराबे पर आपत्ति जताते थे और इसी वजह से उन्हें पीटकर ‘सबक सिखाने’ की बात सामने आई है। हालांकि, आरोपियों को कथित तौर पर अंदाजा नहीं था कि मारपीट इतनी गंभीर हो जाएगी कि विक्रम सिंह की जान चली जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना की वजह, आरोपियों की भूमिका और मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
घर के बाहर शोर को लेकर विक्रम सिंह जताते थे आपत्ति
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, किलोकारी इलाके में सी. विक्रम सिंह के घर के बाहर अक्सर कुछ लोग जमा होते थे। उनके मुताबिक, वहां होने वाले शोर-शराबे को लेकर विक्रम सिंह कई बार आपत्ति जताते थे। उन्होंने कुछ मौकों पर पास के ढाबे के मालिक से भी वहां लोगों के जमा होने और उससे होने वाले शोर की शिकायत की थी।
पुलिस के पास शोर की कोई औपचारिक शिकायत नहीं
हालांकि, पुलिस का कहना है कि शोर-शराबे को लेकर विक्रम सिंह की ओर से पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। यानी घर के बाहर होने वाले कथित शोर को लेकर आपत्ति की बात सामने आई है, लेकिन इस संबंध में पहले से कोई पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे हुई मारपीट
मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा ने घर के बाहर अपने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर उसने घर का दरवाजा खोला तो बाहर 4-5 लड़के उसके पिता को कथित तौर पर लात-घूंसों से पीटते दिखाई दिए।
बेटे ने आरोपियों के चेहरे पहचानने का दावा किया
FIR में याइफाबा ने पुलिस को बताया कि जब उसने शोर मचाया तो वहां मौजूद सभी आरोपी बताए जा रहे युवक भाग गए। याइफाबा का दावा है कि भागते समय उसने उन लड़कों के चेहरे देख लिए थे और अगर वे उसके सामने आए तो वह उन्हें पहचान सकता है।
याइफाबा ने पुलिस को क्या बताया?
याइफाबा के बयान के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ किलोकारी में दिए गए पते पर रहता है और मूल रूप से इंफाल, मणिपुर का रहने वाला है। वह नोएडा के एशियन लॉ कॉलेज से BA LLB की पढ़ाई कर रहा है।
7-8 साल से काम नहीं करते थे विक्रम सिंह
याइफाबा ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सी. विक्रम सिंह म्यूजिशियन थे। हालांकि, वह करीब 7-8 साल से कोई काम नहीं करते थे और ज्यादातर समय घर पर ही रहते थे।
घायल पिता को टैक्सी से अस्पताल ले गए
मारपीट के बाद याइफाबा ने अपनी मां जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से घायल विक्रम सिंह को अस्पताल ले जाने का फैसला किया। FIR के मुताबिक, उन्हें टैक्सी से होली फैमली हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था।
टैक्सी में विक्रम सिंह ने बेटे को बताई पूरी बात
FIR में दर्ज याइफाबा के बयान के मुताबिक, अस्पताल जाते समय टैक्सी में विक्रम सिंह ने कथित तौर पर अपने बेटे को बताया कि जिन लड़कों ने उनके साथ मारपीट की थी, वे सामने वाले ढाबे से आए थे। FIR में यह भी दर्ज है कि इन लड़कों में से कुछ के साथ विक्रम सिंह की पहले भी कहासुनी हो चुकी थी।
शोर करने से मना करने पर पहले भी धमकाने का आरोप
याइफाबा के मुताबिक, उसके पिता ने पहले इन लड़कों को घर के बाहर शोर-शराबा करने से मना किया था। बेटे का आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ लड़के उसके पिता को पहले भी धमकाते थे।
हालांकि, यह बात FIR में शिकायतकर्ता और मृतक के कथित बयान के आधार पर दर्ज है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और घटना की पूरी वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बेहोश हो गए विक्रम सिंह
याइफाबा के मुताबिक, टैक्सी में विक्रम सिंह ने उसे मारपीट की घटना के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन अस्पताल पहुंचने के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू हुआ।
इलाज के दौरान मणिपुरी म्यूजिशियन की मौत
होली फैमली हॉस्पिटल में इलाज के दौरान सी. विक्रम सिंह की मौत हो गई। FIR में याइफाबा ने अपने पिता की मौत को घर के बाहर हुई मारपीट से जोड़ा है। उसका आरोप है कि जिन लड़कों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की, उसी हमले की वजह से उनकी मौत हुई।
बेटे ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
याइफाबा ने पुलिस से मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने FIR के मुताबिक उसका बयान दर्ज किया है और शिकायतकर्ता ने बयान को पढ़कर और समझकर उसे सही बताया है।
‘सबक सिखाने’ की बात जांच में क्यों अहम है?
पूछताछ में सामने आई ‘सबक सिखाने’ वाली बात इस मामले में अहम मानी जा रही है। आरोपियों के कथित बयान के मुताबिक, उनका मकसद विक्रम सिंह को शोर-शराबे पर आपत्ति जताने के लिए डराना या उन्हें ‘सबक सिखाना’ था। हालांकि, मारपीट के बाद विक्रम सिंह की मौत हो गई।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमला वास्तव में किसने किया, इसमें कितने लोग शामिल थे और हर आरोपी की क्या भूमिका थी।
पुराने विवाद और ढाबे से जुड़े कनेक्शन की जांच
मामले की जांच में पुलिस कथित पुराने विवाद, विक्रम सिंह की ओर से शोर-शराबे पर जताई गई आपत्ति और सामने वाले ढाबे से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। FIR के मुताबिक, विक्रम सिंह की कुछ युवकों के साथ पहले भी कहासुनी हुई थी। पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर घटना की पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अब किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
पुलिस की जांच में मुख्य तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि 6 सितंबर की रात विक्रम सिंह पर हमला किसने किया, हमले में कितने लोग शामिल थे, आरोपियों और विक्रम सिंह के बीच पहले से क्या विवाद था और मारपीट के दौरान किसकी क्या भूमिका रही।
इसके साथ ही पुलिस विक्रम सिंह की मौत का सीधा कारण और मारपीट से उसका संबंध भी उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल जांच के आधार पर स्पष्ट करेगी।
FIR में दर्ज आरोपों को जांच के बाद ही माना जाएगा पुष्ट
फिलहाल इस मामले में FIR में दर्ज आरोप, शिकायतकर्ता का बयान और पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी जांच का हिस्सा हैं। इन्हें अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर यह तय करेगी कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और आरोपियों के खिलाफ कौन-सी कानूनी कार्रवाई बनती है।
मणिपुरी म्यूजिशियन की मौत के मामले में आगे क्या?
सी. विक्रम सिंह की मौत के बाद अब पुलिस आरोपियों की पहचान, उनकी भूमिका, पुराने विवाद, मारपीट की वजह और मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। 6 सितंबर की रात हुई कथित मारपीट से लेकर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत तक की पूरी कड़ी को जांच के जरिए जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में घटना की पूरी और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).