Private Job New Rule: देश में लागू हुए नए लेबर कानून के तहत कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब अगर आप नौकरी छोड़ते हैं या कंपनी आपको निकालती है, तो आपका पूरा फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ 2 दिनों के भीतर किया जाएगा। पहले यही प्रक्रिया 40-45 दिनों तक खिंच जाती थी।
क्या है नया नियम?
नए नियम के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से कंपनियों को कर्मचारियों का FnF सेटलमेंट 2 वर्किंग डेज के अंदर करना होगा।
यह बदलाव Code on Wages, 2019 के तहत लागू किया गया है।
इसमें ये स्थितियां शामिल हैं:
- कर्मचारी खुद नौकरी छोड़ दे
- कंपनी कर्मचारी को निकाल दे
- कंपनी बंद हो जाए
हर स्थिति में कंपनी को तय समय में पूरा भुगतान करना होगा।
पहले क्या था नियम?
पहले कर्मचारियों को अपना बकाया पैसा पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था:
- 30 से 90 दिन तक का समय
- कई जगह 40-45 दिन की देरी आम बात
इस वजह से कर्मचारियों को किराया, EMI और रोजमर्रा के खर्च में परेशानी होती थी।
क्या होता है FnF (Full & Final Settlement)?
FnF का मतलब है कि नौकरी खत्म होने पर कर्मचारी के सभी बकाया पैसों का पूरा हिसाब और भुगतान।
इसमें सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य चीजें शामिल होती हैं।
FnF में क्या-क्या शामिल होता है?
फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में आमतौर पर ये शामिल होता है:
- आखिरी महीने की सैलरी (वर्किंग डेज के हिसाब से)
- बची हुई छुट्टियों का पैसा
- बोनस या इंसेंटिव
- यात्रा या अन्य खर्चों का रिइम्बर्समेंट
- एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी सामान की कटौती
ग्रेच्युटी नियम में भी बड़ा बदलाव
नए लेबर कोड में ग्रेच्युटी को लेकर भी राहत दी गई है।
पहले:
- 5 साल नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी मिलती थी
अब:
- सिर्फ 1 साल नौकरी के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकता है
- कंपनी को 30 दिनों के अंदर भुगतान करना होगा
कुछ मामलों में देरी संभव
हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में सेटलमेंट में देरी हो सकती है:
- डॉक्यूमेंट या क्लियरेंस लंबित हो
- कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया
लेकिन सामान्य स्थिति में 2 दिन का नियम लागू रहेगा।
कर्मचारियों के लिए गेम चेंजर?
नया लेबर कोड कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
अब नौकरी छोड़ने के बाद महीनों तक पैसे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इससे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।