UP News: गाजियाबाद के लोनी से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने अपनी प्रेमिका और दोस्त के साथ मिलकर 80 साल के पिता की हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेटा पिता से संपत्ति में हिस्सा चाहता था। इसके लिए उसने अपनी महिला मित्र को पिता के करीब भेजकर उन्हें ब्लैकमेल करने की साजिश रची थी। लेकिन जब बुजुर्ग उसकी बातों में नहीं आए तो तीनों ने मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। करीब एक महीने तक फरार रहने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बिलाल को मुंबई से और उसकी महिला मित्र खुशबू को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
संपत्ति के लालच में बेटे ने रची खौफनाक साजिश
लोनी के टोली मोहल्ला कॉलोनी निवासी अजीजुद्दीन (80) की हत्या के पीछे संपत्ति विवाद की बात सामने आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे बिलाल ने कबूल किया कि पिता द्वारा संपत्ति से बेदखल किए जाने के बाद उसने हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक, बिलाल चाहता था कि पिता उसे संपत्ति में हिस्सा दें। इसी वजह से उसने अपने दोस्त निसार अली और महिला मित्र खुशबू के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की।
महिला मित्र को बुजुर्ग के करीब भेजकर बनाना चाहता था वीडियो
जांच में सामने आया कि बिलाल ने खुशबू को अपने पिता के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार किया था। उसकी योजना थी कि इस दौरान वीडियो बनाकर पिता को ब्लैकमेल किया जाए, ताकि वह डरकर संपत्ति का हिस्सा दे दें।
लेकिन जब अजीजुद्दीन ने इसका विरोध किया और कमरे से बाहर जाने लगे, तभी तीनों आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया।
कमरे में बुलाकर गला दबाकर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, 8 अप्रैल को बिलाल ने खुशबू और अपने दोस्त निसार अली को घटनास्थल पर बुलाया था। इसके बाद अजीजुद्दीन को भी किराए के कमरे में बुलाया गया।
जैसे ही बुजुर्ग कमरे में पहुंचे, खुशबू ने उन्हें बहलाने की कोशिश की। लेकिन जब वह वहां से निकलने लगे तो तीनों ने मिलकर उनका गला दबा दिया। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
11 अप्रैल को मिला था शव
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, 8 अप्रैल को अजीजुद्दीन घर से लापता हुए थे। इसके बाद 11 अप्रैल को उनका शव घर से कुछ दूरी पर स्थित एक किराए के कमरे में मिला था।
मृतक की पत्नी नसरीन ने बेटे बिलाल और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
पुलिस ने जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो बिलाल और उसके दोस्तों की गतिविधियां सामने आ गईं। जांच के दौरान महिला मित्र खुशबू और दोस्त निसार अली का नाम भी सामने आया।
पुलिस को पता चला कि खुशबू का पति दुबई में रहता है और वह दिल्ली में बिलाल के साथ रह रही थी।
गिरफ्तारी के लिए 30 से ज्यादा शहरों में दबिश
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दिल्ली समेत 30 से ज्यादा शहरों में छापेमारी की। पुलिस से बचने के लिए बिलाल लगातार शहर बदल रहा था और बार-बार सिम कार्ड भी बदल रहा था।
उसने रिश्तेदारों से संपर्क भी बंद कर दिया था, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।
खुशबू की एक कॉल से पुलिस तक पहुंचा सुराग
जांच के दौरान खुशबू ने बिलाल के रिश्तेदारों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस ने रिश्तेदारों के नंबर ट्रेस किए, जिसके बाद खुशबू की लोकेशन का पता चल गया।
लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस मुंबई पहुंची, जहां पता चला कि खुशबू वापस लोनी लौट चुकी है। हालांकि, पुलिस ने मुंबई के ठाणे स्थित मुंब्रा इलाके से बिलाल को गिरफ्तार कर लिया।
मुंबई में मजदूरी कर रहा था बिलाल
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान बिलाल मुंबई में मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया भी बदल लिया था।
इसके बाद पुलिस ने दिल्ली के पटेल नगर स्थित घर से खुशबू को गिरफ्तार कर लिया।
खुशबू के नाम पर किराए पर लिया था कमरा
पूछताछ में बिलाल ने बताया कि उसने टोली मोहल्ले में खुशबू के नाम से किराए का कमरा लिया था। इसी कमरे में पूरी साजिश रची गई और हत्या को अंजाम दिया गया।
पुलिस अब फरार आरोपी निसार अली की तलाश में जुटी हुई है।
खुशबू के पति को नहीं है जानकारी
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि खुशबू के पति को अभी तक इस घटना और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है। उसने पुलिस से कोई संपर्क भी नहीं किया है।
पुलिस ने दोनों पर घोषित किया था इनाम
पुलिस ने बिलाल और खुशबू पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब एक महीने तक फरार रहने के बाद 6 मई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है।