UP Police Encounter: उत्तर प्रदेश में गुरुवार को पुलिस ने दो बड़े एनकाउंटर में कुल 3 बदमाशों को मार गिराया। पहला एनकाउंटर मथुरा में हुआ, जहां 30 लाख की डकैती करने वाले बावरिया गिरोह के दो शातिर बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। वहीं दूसरा एनकाउंटर हरदोई में हुआ, जहां 7 साल के बच्चे के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी 50 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने ढेर कर दिया। दोनों घटनाओं ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है।
मथुरा एनकाउंटर: बावरिया गैंग के 2 बदमाश ढेर
कारोबारी के घर डाली थी 30 लाख की डकैती
मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में 23 अप्रैल की रात कारोबारी अजय अग्रवाल के घर नकाबपोश बदमाशों ने बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 30 लाख रुपये की नकदी और जेवरात लूट लिए थे।
घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर हुई मुठभेड़
पुलिस को बृहस्पतिवार सुबह सूचना मिली कि डकैती में शामिल दो बदमाश इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
राजस्थान के रहने वाले थे दोनों बदमाश
मारे गए बदमाशों की पहचान राजस्थान के भरतपुर निवासी धर्मवीर उर्फ लंबू और अलवर निवासी राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। दोनों कुख्यात बावरिया गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, दोनों लंबे समय से संगठित अपराध और डकैती की वारदातों में सक्रिय थे।
दो सिपाही भी हुए घायल
एनकाउंटर के दौरान बदमाशों की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की थी।
दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, धर्मवीर उर्फ लंबू पर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल थीं।
वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर भी डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट समेत करीब 11 मामले दर्ज थे। दोनों पर कई राज्यों की पुलिस नजर रख रही थी।
हरदोई एनकाउंटर: मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोपी ढेर
उर्स देखने गया था 7 साल का बच्चा
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में उर्स कार्यक्रम के दौरान 7 साल का बच्चा शुक्रवार रात घर से निकला था। देर रात तक वापस न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
8 लाख की फिरौती मांगकर किया था कॉल
दो मई की शाम बच्चे के पिता के मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने बच्चे के अपहरण की बात कहकर 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
इसके बाद आरोपी लगातार परिवार को फोन करता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने कुल 7 बार कॉल कर फिरौती मांगी थी।
मक्के के खेत में मिला बच्चे का शव
मंगलवार दोपहर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर मक्के के खेत में बच्चे का शव मिट्टी में दबा मिला। शव का कुछ हिस्सा मिट्टी के ऊपर दिखाई दे रहा था।
प्राथमिक जांच में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
CCTV और सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र के रोरा निस्तौली निवासी मैनूर उर्फ सैनूर उर्फ मेहनुद्दीन के रूप में की।
आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुआ एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, मटियामऊ इलाके में वाहन चेकिंग के दौरान आरोपी बाइक से भागने लगा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी के सीने में दो गोलियां लगीं। उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी राजेश कुमार के हाथ में भी गोली लगी है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जनसेवा केंद्र के खाते में मंगवाना चाहता था फिरौती
जांच में सामने आया कि आरोपी ने फिरौती की रकम सीधे अपने खाते में न मंगवाकर कानपुर के किदवईनगर स्थित एक जनसेवा केंद्र का यूपीआई और बैंक अकाउंट नंबर परिवार को दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी शुरुआत में 8 लाख रुपये मांग रहा था, लेकिन लगातार बातचीत के दौरान वह 5 लाख रुपये लेने को भी तैयार हो गया था।
हालांकि, इससे पहले ही बच्चे का शव बरामद हो गया और पुलिस ने केस की दिशा बदल दी।
यूपी में अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इन दोनों एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में आ गई है। एक तरफ मथुरा में डकैती गैंग पर कार्रवाई हुई, तो दूसरी तरफ हरदोई में मासूम के कातिल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
दोनों घटनाओं के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।