Accident News: मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। हादसा इतना भयानक था कि तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और फैक्ट्री की दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कैसे हुआ फैक्ट्री में ब्लास्ट?
जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे फैक्ट्री में बारूद तैयार किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दो केमिकल मिलाकर विस्फोटक सामग्री बनाई जा रही थी। इसी दौरान केमिकल की मात्रा सही नहीं मिलने की वजह से जोरदार ब्लास्ट हो गया।
हादसे में 3 मजदूरों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में:
- धीरज
- सनी
- सुमित
नाम के तीन मजदूरों की मौत हो गई।
ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे।
25 लोग घायल, 13 की हालत गंभीर
हादसे में करीब 25 लोग घायल हुए हैं।
इनमें से 13 गंभीर घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है।
फैक्ट्री की दीवारें तक हिल गईं
धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की दीवारें भी टूट गईं और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
घटना के समय फैक्ट्री में 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे।
लंच से पहले हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, ब्लास्ट लंच ब्रेक से करीब 15–20 मिनट पहले हुआ।
कर्मचारियों का खाना भी आ चुका था, लेकिन धमाके के बाद लोग खाना छोड़कर जान बचाने के लिए भाग गए।
फैक्ट्री मालिक हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अब फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन की जांच कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप- पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव भी किया।
फैक्ट्री में 400 से 500 लोग करते थे काम
बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री में करीब 400 से 500 मजदूर काम करते थे।
मजदूरों को रोजाना:
- पुरुषों को ₹400
- महिलाओं को ₹250
मजदूरी दी जाती थी। भुगतान हर सप्ताह किया जाता था।
रोज बनती थीं 700 पेटी पटाखे
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में पटाखे और माचिस बनाई जाती थी।
यहां पोटाश का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता था और रोजाना लगभग 700 पेटी तैयार की जाती थीं, जिनकी कीमत 18 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और जांच के निर्देश दिए हैं।
मृतकों के परिवार को मुआवजा
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को:
- ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता
- घायलों के मुफ्त इलाज
की घोषणा की है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).