Crime News: ठाणे के मुंब्रा से दादर जाने की बात कहकर निकला अरबाज खान अचानक लापता हो गया। परिवार एक महीने तक उसे तलाशता रहा, लेकिन जब पुलिस ने केस सुलझाया तो कहानी ने सबको हिला दिया।
अरबाज की सड़ी-गली लाश वसई के नाले में एक हरे ड्रम के अंदर मिली—और इसके पीछे निकली प्रेम, धोखा और हत्या की खौफनाक साजिश।
गुमशुदगी से शुरू हुई कहानी
3 अप्रैल को अरबाज खान घर से यह कहकर निकला था कि दादर जाकर काम के पैसे लेकर आएगा।
परिवार को उम्मीद थी कि वह शाम तक लौट आएगा, लेकिन वो कभी वापस नहीं आया। फोन बंद हो गया और कोई सुराग नहीं मिला।
आखिरकार पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मोबाइल लोकेशन ने खोला पहला राज
शुरुआत में मामला एक आम मिसिंग केस जैसा लग रहा था, लेकिन जांच में बड़ा ट्विस्ट आया।
पुलिस ने कॉल डिटेल्स खंगाले तो पता चला कि अरबाज की आखिरी लोकेशन वसई में थी।
इसी दौरान उसकी प्रेमिका मेहजबीन शेख की लोकेशन भी उसी दिन उसी इलाके में मिली।
यहीं से पुलिस का शक गहरा गया और केस ने नया मोड़ ले लिया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अरबाज और मेहजबीन के बीच संबंध थे, जिससे उसके पति को आपत्ति थी।
पति हसन को इस रिश्ते की जानकारी हो चुकी थी, जिससे घर में तनाव बढ़ गया था।
यहीं से हत्या की साजिश की नींव रखी गई।
पैसों के बहाने बुलाया और फिर रची साजिश
प्लान के तहत अरबाज को वसई बुलाया गया। उसे कहा गया कि वहां पैसे मिल जाएंगे।
लेकिन वहां उसका इंतजार मौत कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, मेहजबीन, उसका पति हसन, भाई तारिक शेख और उसका दोस्त मुआजम पठान—इन चारों ने मिलकर पहले उससे पैसे मांगे।
जब वह रकम नहीं दे पाया, तो मामला हत्या तक पहुंच गया।
प्लास्टिक पाइप से पीट-पीटकर हत्या
आरोपियों ने अरबाज को प्लास्टिक पाइप से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद शुरू हुआ इस केस का सबसे खौफनाक हिस्सा—सबूत मिटाने की साजिश।
हरे ड्रम में बंद कर नाले में फेंकी लाश
हत्या के बाद आरोपियों ने एक बड़ा हरा ड्रम खरीदा।
अरबाज की लाश उसमें ठूंसी गई और फिर वसई के एक नाले में फेंक दी गई, ताकि किसी को शक न हो।
पूछताछ में प्रेमिका ने उगले राज
करीब एक महीने बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो मेहजबीन टूट गई और पूरी साजिश कबूल कर ली।
उसकी निशानदेही पर पुलिस वसई पहुंची और नाले से ड्रम बरामद किया।
ड्रम खोलते ही अंदर सड़ी-गली लाश मिली—जिसकी पहचान अरबाज के रूप में हुई।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार
पुलिस ने मेहजबीन और उसके भाई तारिक शेख को गिरफ्तार कर लिया है।
लेकिन मुख्य आरोपी हसन और उसका साथी मुआजम पठान अब भी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश में सबसे बड़ा रोल हसन का था।
पुलिस जांच जारी, और खुल सकते हैं राज
डीसीपी प्रिया ढमाले के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फिरौती की रकम कितनी थी और क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल थे।
साथ ही, तारिक शेख का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिससे केस और गंभीर हो गया है।