Petrol-Diesel Price India: देश में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। 19 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि इससे पहले 15 मई को ही कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी सिर्फ 5 दिनों के भीतर दूसरी बार दाम बढ़े हैं, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
देशभर में क्या है हालात?
देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। वहीं 17 राज्यों में डीजल ₹90 प्रति लीटर से ज्यादा बिक रहा है।
इस बढ़ोतरी का असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है—कहीं पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं तो कहीं लोगों को लिमिट में तेल दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश: पंपों के बाहर रातभर डटे लोग
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग रात से ही पेट्रोल पंपों के बाहर मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं।
कई पंप बंद हैं, जबकि बस्ती में बाइक वालों को ₹200 और कार वालों को ₹1000 तक का ही तेल दिया जा रहा है।
बिहार: ₹200 की लिमिट से बढ़ी परेशानी
बिहार में भी हालात चिंताजनक हैं। जमुई समेत कई जगहों पर पेट्रोल की कैपिंग की जा रही है और सिर्फ ₹200 का ही पेट्रोल दिया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने महंगाई को और बढ़ा दिया है।
राजस्थान: विवाद के बाद हड़ताल
पाली में ड्रम में डीजल देने से मना करने पर विवाद हो गया।
कुछ लोगों ने पेट्रोल पंप पर हंगामा किया, जिससे नाराज होकर संचालकों ने हड़ताल कर दी। इसके चलते कई पंप बंद हैं।
मध्यप्रदेश: लिमिट तय, शपथ दिलाई गई
छिंदवाड़ा में पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित कर दी गई है—
- दोपहिया: ₹200
- छोटी कार: ₹500
वहीं उज्जैन में एक कथावाचक ने लोगों को ईंधन बचाने और एक साल तक सोना न खरीदने की शपथ दिलाई।
हरियाणा-पंजाब: ऑल टाइम हाई पर दाम
हरियाणा के सिरसा में पेट्रोल ₹100.81 प्रति लीटर पहुंच गया है।
पंजाब के लुधियाना और जालंधर में भी पेट्रोल ₹101 के पार चला गया है, जबकि डीजल ₹91 के आसपास पहुंच चुका है।
छत्तीसगढ़: किराए बढ़ने की तैयारी
रायपुर में पेट्रोल ₹104.32 और डीजल ₹97.38 प्रति लीटर बिक रहा है।
इसका असर जल्द ही ऑटो, बस और स्कूल वाहनों के किराए में दिख सकता है।
महंगाई का सीधा असर आपकी जेब पर
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि कई जरूरी चीजें भी महंगी होंगी:
- मालभाड़ा बढ़ेगा → फल, सब्जियां और राशन महंगे
- खेती की लागत बढ़ेगी → अनाज महंगा
- बस-ऑटो किराया बढ़ेगा → रोजमर्रा का खर्च बढ़ेगा
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है।
ईरान-अमेरिका तनाव के चलते क्रूड ऑयल के दाम $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और घाटा कम करने के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?
भारत में ईंधन की कीमतें कई फैक्टर्स से मिलकर बनती हैं:
- कच्चे तेल की कीमत (Base Price)
- रिफाइनिंग और कंपनी मार्जिन
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
- डीलर कमीशन
- राज्य सरकार का VAT
इन्हीं सबके जुड़ने से बेस प्राइस कई गुना बढ़ जाता है।
पड़ोसी देशों में पहले बढ़े थे दाम
सरकार के अनुसार, पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में पहले ही 15-20% तक कीमतें बढ़ चुकी थीं।
भारत में अब जाकर इसका असर दिखा है।
कंपनियों को भारी नुकसान
सरकारी तेल कंपनियां हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान झेल रही थीं।
इसी घाटे की भरपाई के लिए दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया।
पीएम मोदी की अपील
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से अपील की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।
उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ पैसे बचेंगे, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा पर भी दबाव कम होगा।