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Shocking News: 12 साल से फरार हत्या का दोषी बॉलीवुड में छिपा था! नाम बदलकर बना एक्टर, बड़े स्टार्स संग किया काम..

Shocking News: 12 साल से फरार हत्या का दोषी बॉलीवुड में छिपा था! नाम बदलकर बना एक्टर, बड़े स्टार्स संग किया काम..

Shocking News: Ahmedabad की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक ऐसा शख्स, जिसे हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली… जेल गया… फिर पेरोल पर बाहर आया और अचानक गायब हो गया। लेकिन हैरानी की बात ये नहीं कि वो 12 साल तक फरार रहा—बल्कि ये है कि इन 12 सालों में वह छिपा नहीं, बल्कि खुलेआम फिल्मों में काम करता रहा।

उसका नाम था हेमंत मोदी… लेकिन फिल्मी दुनिया उसे ट्विंकल दवे के नाम से जानती थी।

जब असली ‘ठग’ पहुंच गया फिल्मों में

साल 2018 में Thugs of Hindostan रिलीज हुई। बड़े सितारे—Amitabh Bachchan और Aamir Khan। सेट पर सैकड़ों लोग थे। लेकिन किसी को ये नहीं पता था कि उनके बीच एक असली अपराधी भी मौजूद है।

वो कैमरे के सामने छोटे-छोटे रोल कर रहा था… लाइट, कैमरा, एक्शन के बीच अपनी नई जिंदगी जी रहा था।

फिर 2022 में Jayeshbhai Jordaar आई, जिसमें Ranveer Singh लीड रोल में थे। यहां भी वो नजर आया।

इसके बाद साउथ की फिल्मों से लेकर वेब सीरीज तक—वो हर जगह था। Mohanlal की फिल्म में भी, और कई दूसरे प्रोजेक्ट्स में भी।

लाखों-करोड़ों लोगों ने उसे स्क्रीन पर देखा… लेकिन कोई नहीं जान पाया कि ये आदमी असल में कौन है।

असल कहानी—एक मर्डर, एक सजा और फिर फरारी

इस कहानी की शुरुआत 2005 में होती है। अहमदाबाद में एक झगड़ा हुआ, जो इतना बढ़ा कि हेमंत मोदी ने अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर नरेंद्र कांबले नाम के शख्स की हत्या कर दी।

2008 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुना दी। जेल… कैदी नंबर 31146… और एक लंबी सजा।

सब कुछ यहीं खत्म हो सकता था। लेकिन असली कहानी तो अभी शुरू हुई थी।

एक पेरोल… और जिंदगी की सबसे बड़ी चाल

2014 में हेमंत को 30 दिन की पेरोल मिली। 25 जुलाई को वह जेल से बाहर आया।

24 अगस्त को उसे वापस लौटना था… लेकिन वो कभी लौटा ही नहीं।

बस, यहीं से वो “हेमंत मोदी” से “ट्विंकल दवे” बन गया।

उसने अपना चेहरा बदला, पहचान बदली, नाम बदला… यहां तक कि अपनी पूरी जिंदगी बदल दी। परिवार से रिश्ता तोड़ लिया, दोस्तों को छोड़ दिया, मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बना ली।

फरार से फिल्मी दुनिया तक का सफर

शुरुआत में वह पाटन में छिपा रहा। फिर अहमदाबाद लौटा, नौकरी की। लेकिन शायद उसके अंदर कुछ और करने की चाह थी।

वो थिएटर से जुड़ गया। छोटे-छोटे रोल करने लगा।

फिर 2017 में मुंबई पहुंच गया—जहां सपनों की दुनिया है… और पहचान खो जाना भी आसान।

धीरे-धीरे उसे फिल्मों में काम मिलने लगा। छोटे रोल… फिर बड़े सेट… फिर बड़े स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर करना।

और ये सब करते हुए वो भूल चुका था कि वो एक फरार अपराधी है… या शायद उसे भरोसा हो गया था कि अब कोई उसे पहचान नहीं पाएगा।

इस दौरान उसने फिल्मी दुनिया में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनकर काम किया। 2018 की फिल्म Thugs of Hindostan में उसने Amitabh Bachchan और Aamir Khan जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर की। इसके बाद 2022 की फिल्म Jayeshbhai Jordaar में वह Ranveer Singh के साथ नजर आया। साउथ सिनेमा में भी उसकी मौजूदगी रही और उसने Mohanlal की फिल्म L2: Empuraan जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी काम किया। इसके अलावा वह कुछ वेब सीरीज और अन्य फिल्मों में भी छोटे रोल करता रहा, जिनमें वह अलग-अलग किरदारों के जरिए लगातार स्क्रीन पर दिखाई देता रहा, लेकिन किसी को उसकी असली पहचान का अंदाजा नहीं हुआ।

12 साल बाद… एक गलती और सब खत्म

साल 2026… 12 साल गुजर चुके थे।

हेमंत को लगा कि अब सब सुरक्षित है। वो अहमदाबाद वापस आया… शायद अपने पुराने शहर को देखने, या शायद खुद को साबित करने।

लेकिन यहीं उसने एक गलती कर दी।

किसी ने उसे पहचान लिया। एक मुखबिर ने पुलिस को खबर दे दी।

21 मई 2026 को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने छापा मारा… और एक आम से दिखने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया।

जब उसकी पुरानी तस्वीरों से तुलना हुई… तो सब चौंक गए—

ये वही हेमंत मोदी था… 12 साल से फरार हत्यारा… जो फिल्मों में “एक्टर” बनकर घूम रहा था।

एक अधूरी फिल्म, जो अब पूरी होगी

आज हेमंत मोदी फिर जेल जाएगा। उसकी बाकी सजा उसका इंतजार कर रही है।

लेकिन उसकी कहानी यहीं खत्म नहीं होती…

क्योंकि ये सिर्फ एक अपराधी की कहानी नहीं है—ये एक ऐसी जिंदगी की कहानी है, जो जेल से भागकर फिल्मी पर्दे तक पहुंची… और फिर एक दिन उसी असली दुनिया ने उसे पकड़ लिया।

सच कहें तो… अगर इस कहानी पर फिल्म बने, तो शायद लोग इसे भी “फिल्मी” ही समझें।