3

Recent News

UP News: 15 साल के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट पर केवल लिखा - "Bye Bye".. माँ नहीं पूरी कर पाई एक ख्वाइश!

UP News: उत्तर प्रदेश के खुर्जा स्थित प्रीत विहार कॉलोनी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय…

Ghar Wapsi UP: सहारनपुर का शहजाद बना शंकर, पत्नी संग अपनाया सनातन धर्म! कहा - “मौलाना के फतवे से परेशान था”

Ghar Wapsi UP: सहारनपुर में एक बड़ा धार्मिक और सामाजिक मामला सामने आया है, जहां 40 वर्षीय शहजाद ने अपनी…

UP News: थाने में युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग, बुझाने में पुलिस के छूटे पसीने.. वजह आपके होश उड़ा देगी!

UP News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार शाम एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां…

Tejpratap Yadav GF: गर्लफ्रेंड की बेटी से मिलने जबरन घर में घुसे तेजप्रताप? हुई फिर! पहले पिता होने से किया था इंकार..

Tejpratap Yadav GF: पटना में सामने आए इस पूरे मामले का केंद्र एक छोटी बच्ची है, जिसे लेकर बड़ा विवाद…

UP Politics: चंपत राय पर केशव मौर्य बोले - ‘रामकाज के सच्चे भक्त हैं’, कहा - ‘सभी मुसलमानों के पुरखे भगवान श्रीराम’
3

Recent News

UP News: उत्तर प्रदेश के खुर्जा स्थित प्रीत विहार कॉलोनी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय…

Ghar Wapsi UP: सहारनपुर में एक बड़ा धार्मिक और सामाजिक मामला सामने आया है, जहां 40 वर्षीय शहजाद ने अपनी…

UP News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार शाम एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां…

Tejpratap Yadav GF: पटना में सामने आए इस पूरे मामले का केंद्र एक छोटी बच्ची है, जिसे लेकर बड़ा विवाद…

Breaking News

पीलीभीत: बच्ची से दुष्कर्म और मजार का अवैध निर्माण, क्या यह कोई बड़ी साजिश तो नहीं?

पीलीभीत में बच्ची से दुष्कर्म और मजार निर्माण पर उठे सवाल, ठाकुर रोहित सिंह की एंट्री से गरमाई सियासत, जांच की मांग तेज

पीलीभीत की दर्दनाक घटना के बीच गांव से उठ रहे सवाल, जिनके जवाब प्रशासन को देने वाकी हैं 

पीलीभीत में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक तरफ लोग इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पीड़ित परिवार केर घर के पीछे सरकारी जमीन पर नई अवैध मज़ार का निर्माण कर देना से कई नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सवाल इसलिए, क्योंकि जब किसी क्षेत्र में अपराध, स्थानीय विवाद, सरकारी जमीन को लेकर शिकायतें और लोगों में भय का माहौल जैसी बातें एक साथ सामने आने लगें, तो स्वाभाविक रूप से संदेह और चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है।

आखिर गांव में ऐसा क्या है, जिस पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से क्षेत्र में यह घटना हुई, और पीड़ित परिवार के घर के ठीक पीछे सरकारी स्कूल को जाने वाले रास्ते और वहां हुए अवैध मज़ार के निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का का स्पष्ट  कहना है कि हमने  इस संबंध में विरोध किया लेकिन समाधान नहीं निकला। और हमें धमकी दी जातीं है। रॉकेट पोस्ट भारत के कैमरे में कैद तरवीरें और मौके के हालत को देखकर ऐसा लगता है की मज़ार आनन् फानन और जल्दवाजी में बनाई गयी है।

यदि वास्तव में सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्ग या किसी अन्य सार्वजनिक संसाधन को लेकर विवाद मौजूद है, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित विभागों ने अब तक क्या कार्रवाई की? क्या जांच हुई? क्या सीमांकन हुआ? यही वे प्रश्न हैं जो अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

क्या केवल अपराध की जांच पर्याप्त है?

मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना की जांच अपनी जगह बेहद महत्वपूर्ण है। दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी ही चाहिए। लेकिन यदि स्थानीय लोग किसी अन्य मुद्दे को लेकर भी आवाज उठा रहे थे, तो प्रशासन को उस पहलू की भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

कई बार किसी क्षेत्र में छोटे-छोटे विवाद समय के साथ बड़े सामाजिक तनाव का रूप ले लेते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन परिस्थितियों को भी समझना होता है जो क्षेत्र में असंतोष पैदा कर रही हों।

ठाकुर रोहित सिंह ने उठाए बड़े सवाल

राष्ट्रीय हनुमान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर रोहित सिंह का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि केवल अपराध की घटना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े स्थानीय हालातों की भी समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि लोगों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलनकरने को वाद्य होगा।

अब प्रशासन के सामने अग्निपरीक्षा

आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन केवल एक आपराधिक घटना की जांच तक सीमित रहेगा या फिर गांव में उठ रहे अन्य विवादों और शिकायतों की भी निष्पक्ष पड़ताल करेगा?

पीलीभीत की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सवालों के जवाब अफवाहों से नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच और ठोस प्रशासनिक कार्रवाई से ही मिल सकते हैं। ग्रामीण जवाब चाहते हैं, पीड़ित परिवार न्याय चाहता है।