Viral Video: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक हैरान करने वाली लेकिन बहादुरी से भरी घटना सामने आई है। घाघरा नदी किनारे तटबंध पर काम कर रहे एक मजदूर पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। लेकिन यह कहानी सिर्फ हमले की नहीं, बल्कि हिम्मत और साथियों की बहादुरी की भी है।
मगरमच्छ ने पैर पकड़ा, मजदूर ने हार नहीं मानी
घटना बुधवार की है, जब मजदूर भानु उर्फ भोलू (40) तटबंध पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक नदी से एक मगरमच्छ बाहर आया और उसने सीधे भानु का पैर अपने जबड़े में जकड़ लिया।
मगरमच्छ उसे खींचते हुए नदी की ओर ले जाने लगा, लेकिन भानु ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी ताकत से खुद को बचाने की कोशिश करता रहा।
साथी मजदूर तुरंत दौड़े, शुरू हुआ रेस्क्यू
जैसे ही भानु ने मदद के लिए आवाज लगाई, आसपास काम कर रहे मजदूर तुरंत मौके पर पहुंच गए। करीब 50 मजदूर वहां काम कर रहे थे, जो तुरंत उसकी तरफ दौड़ पड़े।
एक साथी ने भानु का हाथ पकड़कर उसे नदी की तरफ जाने से रोका, जबकि बाकी लोग मगरमच्छ से भिड़ गए।
गोंडा: घाघरा नदी में मगरमच्छ के हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया। भिखारीपुर-सकरौर बांध पर काम कर रहे एक मजदूर पर मगरमच्छ ने किया हमला। मगरमच्छ ने अचानक मजदूर के पैर को जबड़े में दबोच लिया। घायल मजदूर को गहरे पानी में खींचने का प्रयास करता रहा मगरमच्छ। साथी मजदूरों ने साहस दिखाते… pic.twitter.com/GoC9LJwNlD
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) June 25, 2026
हथौड़े से वार कर मगरमच्छ को किया मजबूर
मगरमच्छ लगातार भानु को खींचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मजदूरों ने हार नहीं मानी। इसी दौरान एक साथी ने साहस दिखाते हुए हथौड़ा उठाया और मगरमच्छ के सिर पर वार करना शुरू कर दिया।
लगातार वार के बाद मगरमच्छ कमजोर पड़ गया और आखिरकार उसने भानु का पैर छोड़ दिया। इसके बाद वह वापस नदी में चला गया।
बहादुरी से बची जान, लेकिन पैर पर गंभीर चोट
इस पूरी घटना में भानु की जान तो बच गई, लेकिन उसके पैर में गंभीर चोट आई है और मांस तक निकल गया। साथियों ने तुरंत उसे गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया।
इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है, लेकिन यह घटना मजदूरों की बहादुरी की मिसाल बन गई है।
पूरे इलाके में चर्चा, लोगों ने दिखाई हिम्मत
घटना के बाद इलाके में इस साहसिक बचाव की चर्चा हो रही है। मजदूरों की सूझबूझ और हिम्मत ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो मामला बेहद गंभीर हो सकता था।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घाघरा नदी किनारे पहले भी मगरमच्छ के हमले हो चुके हैं। लेकिन इस बार मजदूरों की एकजुटता और बहादुरी ने एक जान बचा ली, जो अब इलाके में मिसाल बन गई है।