उज्जैन मोहर्रम जुलूस: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर से मोहर्रम जुलूस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाकर उसमें विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। घटना के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने मामले में आयोजक, क्रेन मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मोहर्रम जुलूस में 40 फीट ऊपर लटकाई गई थी वैन
जानकारी के मुताबिक, घटना 23 जून की रात बड़नगर के अड़ान मोहल्ले की बताई जा रही है। यहां मोहर्रम जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया था। वैन के ऊपर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे।
इसके बाद वैन में विस्फोट किया गया। जिस गाड़ी में यह घटना हुई, उस पर “ले फिर आ गए” लिखा हुआ था।
क्या कोई बता सकता है…???
यह मोहर्रम का मातम है या किसी और चीज की तैयारी…
वीडियो उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील का है#moharam pic.twitter.com/i3mY3Lm4ir
— Himanshu Neema (@HimanshuNeema2) June 25, 2026
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो
बताया गया कि ‘परवेज एडिट्स_2.0’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी से इस कार्यक्रम से जुड़े कई वीडियो शेयर किए गए थे।
वीडियो में वैन से जुड़े प्रदर्शन के अलावा अन्य अलग-अलग तरह के प्रदर्शन भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ क्लिप्स में विस्फोट जैसे दृश्य भी नजर आए हैं।
इसके अलावा हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा के कार्यक्रम से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अलग-अलग करतब दिखाए गए।
वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं।
हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरि ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से गलत संदेश जा सकता है।
वहीं हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि जिला प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह के कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी या नहीं।
आयोजक समेत चार लोगों पर FIR दर्ज
उज्जैन के एडिशनल एसपी करनदीप सिंह ने बताया कि मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इनमें आयोजक शोएब खान, गाड़ी पर झंडे लहरा रहे तालीम खान और जाहिद खान तथा क्रेन मालिक गोपाल माली शामिल हैं।
चारों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 285, 286 और 287 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जुलूस की अनुमति थी, विस्फोट की नहीं
एएसपी के मुताबिक, जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी, लेकिन किसी तरह के विस्फोटक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अखाड़ों के बीच लोगों को आकर्षित करने और ज्यादा व्यूज पाने की होड़ रहती है, जिसके चलते इस तरह की गतिविधियां की जाती हैं।
पुलिस ने बताया क्यों दिखा ब्लास्ट जैसा दृश्य
एएसपी करनदीप सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि इसमें दिवाली में इस्तेमाल होने वाले रॉकेट का उपयोग किया गया था।
पुलिस का कहना है कि कई रॉकेट एक साथ चलाए गए थे। गाड़ी के कांच बंद होने की वजह से अंदर गैस का दबाव बढ़ गया था और बाद में कांच टूटने के साथ वह बाहर निकली। इसी वजह से वीडियो में यह दृश्य ब्लास्ट जैसा दिखाई दिया।