Ram Mandir Chori: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और गबन विवाद के बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को एक बेहद अहम बैठक हुई। करीब सवा तीन घंटे चली इस बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। साथ ही ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव भी किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राम भक्तों और आम लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना दिया है। ट्रस्ट ने अब भरोसा बहाल करने और व्यवस्थाओं को ज्यादा पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
ट्रस्ट बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार
राम मंदिर ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में चंपत राय के इस्तीफे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि चंपत राय के फैसले पर ट्रस्ट ने विचार किया और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट ने चंपत राय द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना भी की।
अब कृष्ण मोहन संभालेंगे मंदिर की जिम्मेदारी
ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर की आगे की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंप दी है। गोविंद देव गिरी के मुताबिक, अब मंदिर के प्रशासनिक और अन्य जरूरी कार्य कृष्ण मोहन की निगरानी में होंगे। वहीं चंपत राय की फिलहाल ट्रस्ट में कोई भूमिका नहीं रहेगी। इसके अलावा डॉ. अनिल मिश्रा को भी ट्रस्ट और मंदिर की व्यवस्था से अलग रखा जाएगा।
बैठक से बाहर रहे चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा
राम मंदिर परिसर में हुई इस अहम बैठक में एक और बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल राव को भी बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने साफ कहा था कि अगर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा बैठक में मौजूद रहेंगे तो वे बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। इसी वजह से दोनों नेताओं को बैठक से बाहर रखा गया। बताया जा रहा है कि बैठक की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया।
चंपत राय के समर्थन में सामने आई वीएचपी
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रस्ट जो भी फैसला करेगा, उसका सम्मान किया जाएगा। वीएचपी ने कहा कि सिर्फ आरोप लगने भर से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े संतों और सदस्यों के विवेक पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि संगठन बैठक के नतीजों को लेकर कोई अनुमान नहीं लगाना चाहता और ट्रस्ट के फैसले का सम्मान करेगा।
जांच पूरी होने तक किसी को दोषी न मानने की अपील
सुरेंद्र जैन ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगने से वह दोषी साबित नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने से पहले ही चंपत राय को दोषी ठहराने की कोशिश की। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचना सही होगा।
कई आरोप जांच में साबित नहीं हुए: वीएचपी
वीएचपी नेता सुरेंद्र जैन ने दावा किया कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए कई आरोप शुरुआती जांच में टिक नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने जांच से बचने की कोशिश नहीं की बल्कि उन्होंने एसआईटी जांच के गठन का समर्थन किया और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया।
उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती जानकारी सामने आते ही मंदिर ट्रस्ट ने तुरंत एफआईआर दर्ज करवाई और किसी भी व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं की गई।
कृष्ण मोहन बोले- जनता का भरोसा वापस लाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
ट्रस्ट की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने अपनी पहली आधिकारिक प्रेस वार्ता में साफ कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता जनता और राम भक्तों का भरोसा दोबारा मजबूत करना होगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में समाज के भीतर कुछ सवाल और अविश्वास का माहौल बना है। इसे खत्म करने के लिए ट्रस्ट जरूरी और सख्त कदम उठाएगा।
दान व्यवस्था को बनाया जाएगा पूरी तरह सुरक्षित
कृष्ण मोहन ने राम भक्तों को भरोसा दिलाया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले दान को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना पूरी तरह खत्म हो सके और श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बना रहे।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे और दान व्यवस्था को लेकर कथित गबन और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा पकड़ ली। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुए पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और आगे के फैसलों पर बनी हुई है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).