Crime News: इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी केस और पुणे की सिया हत्याकांड के बाद अब झारखंड के गिरिडीह से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी से महज तीन दिन पहले होने वाली दुल्हन उर्मिला कुमारी पर अपने मंगेतर नीरज हाजरा की हत्या कराने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि उर्मिला का अपने ही जीजा सुभाष पासवान से प्रेम संबंध था और तय शादी उनके रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा बन गई थी। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर मिलकर नीरज की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या का हुआ खुलासा
पूरा मामला झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र का है। भिखोडीह गांव निवासी 20 वर्षीय नीरज हाजरा के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
शुरुआत में पुलिस ने सामान्य गुमशुदगी मानकर जांच शुरू की, लेकिन परिवार ने अपहरण की आशंका जताई। इसके बाद 8 जुलाई को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।
एसआईटी बनी, मोबाइल लोकेशन से खुली पूरी साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
एसआईटी ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मिले सुराग पुलिस को बिहार के जमुई जिले के बेला जंगल तक ले गए।
बिहार के जंगल में मिला नीरज का शव
बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा थाना क्षेत्र स्थित बेला जंगल से पहले बरामद एक अज्ञात शव की पहचान नीरज हाजरा के रूप में हुई।
शव की पहचान होने के बाद गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल गया और पुलिस ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश करना शुरू किया।
जीजा से प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के गमतरिया गांव निवासी उर्मिला कुमारी का अपने ही जीजा सुभाष पासवान से लंबे समय से प्रेम संबंध था।
इसी बीच परिवार ने उर्मिला की शादी नीरज हाजरा से तय कर दी। शादी में केवल तीन दिन बाकी थे। पुलिस का दावा है कि दोनों इस शादी से खुश नहीं थे और अपने रिश्ते को बचाने के लिए उन्होंने कथित तौर पर नीरज की हत्या की योजना बनाई।
सुनियोजित तरीके से बुलाकर की गई हत्या
पुलिस के मुताबिक, पहले से बनाई गई योजना के तहत नीरज को बुलाया गया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद पहचान छिपाने और जांच को भटकाने के लिए शव को बिहार के बेला जंगल में फेंक दिया गया। हालांकि मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- उर्मिला कुमारी, निवासी गमतरिया, थाना बेंगाबाद, जिला गिरिडीह
- सुभाष पासवान, निवासी चंद्रमंडी थाना क्षेत्र, जिला जमुई (बिहार)
स्कूटी और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई होंडा स्कूटी (JH-11AS-0312) बरामद कर ली है।
वहीं बिहार पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू भी जब्त किए हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक टीम के पास भेजा जाएगा।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इस हत्याकांड में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।
सभी संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और झारखंड व बिहार में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वैज्ञानिक जांच और डिजिटल सबूत बने सबसे बड़ा आधार
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड का खुलासा आधुनिक तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से हुआ।
मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल और घटनास्थल से मिले अन्य सुरागों को जोड़कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। कम समय में पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया।
जांच में इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच में पुलिस निरीक्षक प्रदीप कुमार दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव, अवर निरीक्षक रोहित सिंह, जमुआ थाना की टीम और एसआईटी के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।