Crime News: बिहार के सुपौल में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) अस्मिता कुमारी ने अपने कथित प्रेमी अजीत कुमार के साथ मिलकर अपने इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने एक शूटर को 4 लाख रुपये की सुपारी देकर चलती ट्रेन में देव कुमार की हत्या करवाई। वारदात को लूटपाट के दौरान हुई हत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच में पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने इस मामले में अस्मिता कुमारी, अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है।
11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस में हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, 11 जून को देव कुमार गुंजन जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस में अपनी पत्नी अस्मिता से मिलने सुपौल जा रहे थे। रात करीब 8:30 बजे मानसी स्टेशन और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच शूटर राजू कुमार ने उन्हें गोली मार दी।
देव कुमार झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले थे और जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी अस्मिता कुमारी सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) थीं।
पत्नी ने पहले लूटपाट की कहानी सुनाई
हत्या के बाद अस्मिता कुमारी ने पुलिस को बताया कि ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर उनके पति की हत्या कर दी गई।
लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कई सवालों ने चौंका दिया। ट्रेन में किसी अन्य यात्री से लूटपाट नहीं हुई थी और निशाना सिर्फ देव कुमार बने थे। यहीं से पुलिस को पूरे मामले पर शक हुआ।
मोबाइल की जांच से खुला पूरा राज
पुलिस ने देव कुमार के मोबाइल की जांच की तो एक नंबर मिला, जो ‘कमीना’ नाम से सेव था।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट की जांच में सामने आया कि पिछले एक साल में अस्मिता और उस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। जांच में यह नंबर अजीत कुमार का निकला।
पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन सुबह 3 बजे से लेकर वारदात तक अस्मिता और अजीत के बीच कई बार व्हाट्सएप कॉल भी हुई थी।
प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह
रेल एसपी हरिशंकर कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि यह हत्या लूटपाट नहीं, बल्कि प्रेम-प्रसंग और कथित अवैध संबंध के कारण कराई गई थी।
पुलिस का दावा है कि देव कुमार दोनों के रिश्ते में बाधा बन रहे थे, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
4 लाख की सुपारी, 1.60 लाख एडवांस
पुलिस के अनुसार, जहानाबाद के घोसी निवासी राजू कुमार उर्फ धीरज को हत्या की सुपारी दी गई थी।
करीब 4 लाख रुपये में हत्या की डील हुई, जिसमें 1.60 लाख रुपये एडवांस दिए गए। पुलिस का कहना है कि यह रकम कथित प्रेमी अजीत कुमार ने शूटर तक पहुंचाई ताकि किसी को शक न हो।
हत्या से पहले की गई थी रेकी
जांच में यह भी सामने आया कि शूटर राजू कुमार ने हत्या से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर देव कुमार की यात्रा और समय की रेकी की थी।
सही मौका मिलने पर उसने चलती ट्रेन में देव कुमार को गोली मार दी।
इन तीन गलतियों से खुल गई पूरी साजिश
पुलिस के मुताबिक, तीन बड़ी बातें इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हुईं।
- ट्रेन में किसी अन्य यात्री से लूट या डकैती की घटना नहीं हुई थी।
- हत्या वाले दिन अस्मिता और अजीत के बीच लगातार बातचीत हुई थी।
- ATS और SIT ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच के जरिए शूटर तक पहुंच बनाई।
2017 में एक साथ शुरू हुआ था करियर
पुलिस जांच के अनुसार, अस्मिता कुमारी, देव कुमार गुंजन और अजीत कुमार ने वर्ष 2017 में बिजली विभाग में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के रूप में एक साथ नौकरी शुरू की थी।
इसके बाद 2018 में देव कुमार और अस्मिता की शादी हुई। दोनों की एक बेटी भी है।
शादी के बाद बढ़ीं नजदीकियां
कुछ समय बाद अजीत कुमार का तबादला नालंदा हो गया, जबकि देव कुमार की पोस्टिंग जमुई में रही।
साल 2023 में अस्मिता का चयन बिहार सरकार में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) के पद पर हुआ और उनकी पोस्टिंग सुपौल में हुई।
पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान अस्मिता और अजीत की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने देव कुमार को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अस्मिता कुमारी, अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।