Nurse Murder Case: मेरठ के लोहिया नगर स्थित एक निजी अस्पताल में नर्स नेहा की संदिग्ध मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। पुलिस के मुताबिक अस्पताल कर्मचारी सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर ऑपरेशन थिएटर (OT) में ड्रिप के जरिए जहरीला रासायनिक पदार्थ देकर नेहा की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने फर्जी सुसाइड नोट लिखकर शव के पास रख दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे।
नेहा की संदिग्ध मौत से शुरू हुई जांच
मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र स्थित एमसीसी अस्पताल में कार्यरत 25 वर्षीय नेहा, जो फफूंडा की रहने वाली थी, शनिवार सुबह अपनी ननद के साथ ड्यूटी पर पहुंची थी। दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में वह अचेत अवस्था में मिली। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से सल्फर की गोलियां और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा था।
परिवार ने उठाए सवाल, यहीं से बदल गई जांच की दिशा
नेहा के मायके और ससुराल दोनों पक्षों ने सुसाइड नोट पर सवाल खड़े किए। परिजनों का कहना था कि नोट में लिखी गई हैंडराइटिंग नेहा की नहीं है। उन्होंने पुलिस को नेहा की पुरानी लिखावट भी दिखाई और साफ कहा कि ससुराल में किसी तरह का विवाद नहीं था।
परिवार के बयान के बाद पुलिस ने आत्महत्या की बजाय हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज
पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। जांच में सामने आया कि अस्पताल कर्मचारी सुरेश और नेहा के बीच पिछले 7 से 8 महीने से प्रेम संबंध थे।
सीसीटीवी फुटेज में नेहा, सुरेश और अस्पताल कर्मचारी फरहान एक साथ ऑपरेशन थिएटर में जाते दिखाई दिए। कुछ समय बाद सुरेश अकेले ग्लव्स पहनकर बाहर निकलता नजर आया। यही फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ।
शादी का दबाव बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी सुरेश ने पुलिस को बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसका पांच साल का बेटा भी है। दूसरी ओर नेहा उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी।
सुरेश ने इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए अपने साथी फरहान के साथ मिलकर नेहा की हत्या की साजिश रची।
ड्रिप में मिलाया जहरीला रासायनिक पदार्थ
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन नेहा ने कमजोरी महसूस होने की बात कही। इस बहाने उसे ड्रिप लगाने के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया।
वहीं पर ड्रिप में जहरीला रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसके शरीर में इंजेक्ट कर दिया गया। जहर शरीर में पहुंचते ही नेहा की मौत हो गई।
हत्या के बाद रचा गया आत्महत्या का पूरा ड्रामा
हत्या करने के बाद सुरेश और फरहान ने पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की।
दोनों आरोपियों ने अस्पताल के नोटपैड पर खुद एक सुसाइड नोट लिखा और उसे नेहा के शव के पास रख दिया। साथ ही सल्फर की गोलियां भी रख दीं ताकि पुलिस को लगे कि नेहा ने जहर खाकर जान दी है।
लेकिन हैंडराइटिंग और अन्य सबूतों ने उनकी पूरी साजिश बेनकाब कर दी।
पुलिस ने बरामद किए अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण सबूत कब्जे में लिए हैं। इनमें शामिल हैं—
- फर्जी सुसाइड नोट
- अस्पताल का नोटपैड
- सिरिंज
- जहरीले रासायनिक पदार्थ का रैपर
- कैनूला
- मृतका का मोबाइल फोन
इन सभी सामानों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
पति की एक साल पहले हो चुकी थी मौत
जांच में यह भी सामने आया कि नेहा की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। करीब एक साल पहले उसके पति रवि कुमार ने आत्महत्या कर ली थी।
पति की मौत के बाद परिवार और बच्चे की जिम्मेदारी संभालने के लिए नेहा ने एमसीसी अस्पताल में नौकरी शुरू की थी। पुलिस के अनुसार मायके और ससुराल दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे और किसी तरह का विवाद नहीं था।
पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि 18 तारीख को दोपहर करीब 2 बजे थाना लोहिया नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि एमसीसी अस्पताल की एक नर्सिंग स्टाफ ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिस, फील्ड यूनिट और अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया, जहां एक सुसाइड नोट मिला। लेकिन परिवार ने साफ कहा कि नोट की लिखावट नेहा की नहीं है। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे पूरा मामला सामने आ गया।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी सुरेश और फरहान ने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।