PV Sindhu Japan Open: भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। वह जापान ओपन सुपर-750 जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल में उन्होंने जापान की स्टार शटलर अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत सिंधु के लिए बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने करीब चार साल बाद यामागुची को किसी पूरे मुकाबले में हराया है और 2019 के बाद अपना सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब भी जीता है।
फाइनल में अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराया
31 वर्षीय पीवी सिंधु ने रविवार को खेले गए महिला सिंगल्स फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया।
करीब 50 मिनट तक चले इस मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से अंत तक शानदार नियंत्रण बनाए रखा और बिना कोई गेम गंवाए खिताब अपने नाम कर लिया।
चार साल बाद यामागुची पर मिली बड़ी जीत
पीवी सिंधु ने अकाने यामागुची को पूरे मुकाबले में करीब चार साल बाद हराया है।
सिंधु की पिछली पूरी जीत 2022 थाईलैंड ओपन में आई थी। हालांकि पिछले साल मलेशिया ओपन में यामागुची चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं, लेकिन वह मुकाबला पूरा नहीं हो पाया था।
इतिहास रच दिया! 🏸🇮🇳
जापान ओपन सुपर-750 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करने पर भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी @Pvsindhu1 को हार्दिक बधाई।
यह ऐतिहासिक खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी हैं। pic.twitter.com/gkz0xGXUg2
— Haribhai Patel (@HariPatel5536) July 19, 2026
2019 के बाद सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब
जापान ओपन सुपर-750 का खिताब सिंधु के करियर का पहला सुपर-750 खिताब है।
उन्होंने इससे पहले 2024 सैयद मोदी इंटरनेशनल जीता था, जबकि 2022 सिंगापुर ओपन सुपर-500 में भी चैंपियन बनी थीं।
हालांकि, 2019 में विश्व चैंपियनशिप जीतने के बाद यह सिंधु का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब माना जा रहा है।
जापान ओपन 2026 में ऐसा रहा सिंधु का सफर
पहला राउंड
पीवी सिंधु ने मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 21-14, 21-11 से हराकर शानदार शुरुआत की।
दूसरा राउंड
दूसरे दौर में सिंधु ने चीन की हान यू को 21-16, 21-14 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल
क्वार्टर फाइनल में जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा चोट के कारण मुकाबले में नहीं उतरीं। इसके चलते सिंधु को वॉकओवर मिला।
सेमीफाइनल
सेमीफाइनल में सिंधु का मुकाबला चीन की चेन यू फेई से हुआ। मैच के दौरान चेन यू फेई हैमस्ट्रिंग चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गईं।
उस समय सिंधु 21-19, 15-10 से आगे चल रही थीं और फाइनल में पहुंच गईं।
फाइनल
फाइनल में सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीत लिया।
क्या होता है सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट?
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के टूर्नामेंट दो प्रमुख ग्रेड में आयोजित होते हैं।
ग्रेड-1 टूर्नामेंट
ये BWF के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट होते हैं, जिनमें शामिल हैं—
- वर्ल्ड चैंपियनशिप
- ओलंपिक गेम्स
- थॉमस कप
- उबर कप
- सुदीरमन कप
- वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप
- वर्ल्ड सीनियर चैंपियनशिप
- पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप
BWF वर्ल्ड टूर (ग्रेड-2) क्या है?
ग्रेड-2 को BWF World Tour कहा जाता है। इसमें कुल 31 टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं।
हर टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को अलग-अलग रैंकिंग अंक और प्राइज मनी मिलती है।
इस वर्ल्ड टूर को चार प्रमुख स्तरों में बांटा गया है—
| लेवल | श्रेणी | टूर्नामेंट |
|---|---|---|
| लेवल-1 | सुपर 1000 | 4 |
| लेवल-2 | सुपर 750 | 6 |
| लेवल-3 | सुपर 500 | 9 |
| लेवल-4 | सुपर 300 | 11 |
सुपर-100 श्रेणी भी होती है
ग्रेड-2 टूर्नामेंट में सुपर-100 श्रेणी भी शामिल होती है।
हालांकि इसे आधिकारिक BWF World Tour का हिस्सा नहीं माना जाता, लेकिन यहां मिलने वाले रैंकिंग अंक खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंटों में प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
पीवी सिंधु की इस जीत के साथ भारत ने पहली बार जापान ओपन सुपर-750 का महिला एकल खिताब जीता है। यह उपलब्धि न सिर्फ सिंधु के शानदार करियर में एक और मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का पल है।