Missing Parrot: आगरा में पिछले छह दिनों से लापता पालतू तोता ‘माऊ’ आखिरकार अपने परिवार के पास लौट आया। इस तोते की तलाश में परिवार ने शहरभर में होर्डिंग लगवाई थीं और उसे ढूंढकर लाने वाले को 50 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे एक व्यक्ति के फोन के बाद वीडियो कॉल पर माऊ की पहचान हुई और मालिक ने 50 हजार रुपए देकर अपना तोता वापस लिया। माऊ के घर लौटते ही पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
6 दिन बाद आया फोन, वीडियो कॉल पर हुई माऊ की पहचान
आगरा की आवास विकास कान्हाजी रेजीडेंसी में रहने वाले इनकम टैक्स अधिवक्ता सुनील सिंह ने बताया कि रविवार सुबह एक व्यक्ति का फोन आया। उसने बताया कि माऊ उसके पास है और शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया आकर उसे ले जाएं।
सुनील सिंह को पहले भरोसा नहीं हुआ, क्योंकि पिछले छह दिनों में कई फर्जी कॉल आ चुके थे। इसलिए उन्होंने वीडियो कॉल करने को कहा। वीडियो कॉल पर जैसे ही माऊ दिखाई दिया और उसने पहचान वाली आवाज निकाली, सुनील ने तुरंत उसे पहचान लिया।
50 हजार रुपए लेकर लौटाया तोता
वीडियो कॉल से पुष्टि होने के बाद सुनील सिंह शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचे। वहां एक व्यक्ति चेहरा कपड़े से ढके हुए मिला। उसने पहले 50 हजार रुपए लिए और फिर माऊ को वापस सौंप दिया।
सुनील सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले से घोषित इनाम की राशि देकर अपना पालतू तोता वापस ले लिया।
धमकी भी दी- किसी को बताया तो तोता नहीं मिलेगा
सुनील सिंह के मुताबिक, तोता लौटाने वाले व्यक्ति ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्होंने किसी को इसकी जानकारी दी तो माऊ वापस नहीं मिलेगा। इसी डर की वजह से उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया और पहले सुरक्षित तरीके से अपना तोता वापस लिया।
घर लौटते ही परिवार की खुशियां लौट आईं
माऊ के घर लौटते ही पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। एक वीडियो में माऊ अपनी मालकिन ममता सिंह के कंधे पर बैठा दिखाई देता है। ममता उसे प्यार से सहलाती हैं, जबकि बेटी सृष्टि और बेटे अभिनव भी उसे दुलारते नजर आते हैं।
सबसे भावुक पल तब आया जब माऊ ने एक-एक करके परिवार के सभी सदस्यों के नाम पुकारे—“सुनील”, “मम्मा”, “सी” और “अभी”। परिवार ने उसकी पसंद का देशी घी का डोसा, लीची, केला, अनार और अन्य फल भी खिलाए।
बेटी ने खाना छोड़ दिया था
ममता सिंह ने बताया कि पिछले छह दिनों से पूरा परिवार बेहद परेशान था। उनकी बेटी सृष्टि ने तो माऊ के गुम होने के बाद खाना तक छोड़ दिया था।
उन्होंने कहा, “माऊ के वापस आने की खुशी बिल्कुल वैसी है जैसे किसी मां का खोया हुआ बच्चा घर लौट आए। अब वह मेरी गोद से उतर ही नहीं रहा और छोटे बच्चे की तरह मुझसे चिपका हुआ है।”
इनाम के लालच में आए 1500 से ज्यादा फोन
ममता सिंह ने बताया कि माऊ के गुम होने के बाद करीब 1500 फोन कॉल आए। कई लोगों ने इनाम पाने के लिए दूसरे तोतों के वीडियो भेजे, जबकि कुछ लोगों ने एडवांस पैसे मांगकर धोखाधड़ी करने की कोशिश भी की।
करीब 150 लोगों ने अलग-अलग तोतों के वीडियो भेजकर दावा किया कि वही माऊ है।
परिवार का सदस्य बन चुका है माऊ
सुनील सिंह ने बताया कि एक साल पहले कॉलोनी के पास पेड़ टूटने के बाद उन्हें तोते का एक छोटा बच्चा मिला था। उन्होंने उसे पालकर उसका नाम माऊ रखा।
माऊ उन्हें “पापा” और उनकी पत्नी को “मम्मी” कहकर बुलाता था। वह परिवार के हर सदस्य और रिश्तेदारों को पहचानता था। शादी, धार्मिक यात्राओं और दूसरे कार्यक्रमों में भी हमेशा परिवार के साथ जाता था।
बिना पिंजरे के रहता है, एसी वाला अलग कमरा भी
परिवार के मुताबिक माऊ घर में कभी पिंजरे में नहीं रहा। उसके लिए घर में एसी वाला अलग कमरा बनाया गया है। 15 मार्च को उसका जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया गया था।
बेटी सृष्टि ने बताया कि माऊ उनके साथ दिल्ली, नोएडा, मथुरा, वृंदावन, कैलाश मंदिर, रमणरेती, दाऊजी मंदिर और गंगा घाट तक घूम चुका है। हर शाम उसे कारगिल पेट्रोल पंप के पास नाइट मार्केट भी घुमाने ले जाया जाता था।
13 जुलाई को अचानक उड़ गया था माऊ
सुनील सिंह ने बताया कि 13 जुलाई की शाम करीब साढ़े चार बजे माऊ उनके कंधे पर बैठा था। तभी तेज हवा चलने लगी और वह उड़कर आवास विकास सेक्टर-4 की तरफ चला गया।
उन्होंने काफी तलाश की, लेकिन माऊ नहीं मिला। इसके बाद शहरभर में होर्डिंग लगवाई गईं और 50 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई, जिसके छह दिन बाद आखिरकार माऊ सुरक्षित वापस मिल गया।
इंडियन रिंगनेक नस्ल का है माऊ
माऊ इंडियन रिंगनेक (Indian Ringneck) नस्ल का तोता है। इसका रंग हरा है और पंखों पर काली धारियां हैं। यह नस्ल अपनी तेज बुद्धिमत्ता, इंसानी आवाज की नकल करने की क्षमता और लंबी पूंछ के लिए जानी जाती है।