Kanpur Horiffic Accident: दिल्ली से अपने घर लौट रहे दो लोगों के लिए रविवार की रात आखिरी सफर बन गई। कानपुर देहात में कानपुर-इटावा हाईवे पर उनकी CNG कार डिवाइडर से टकराई और अगले ही पल जोरदार धमाके के साथ आग का गोला बन गई। आग इतनी भीषण थी कि कार में सवार दोनों लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। करीब डेढ़ घंटे बाद जब आग बुझाई गई तो अंदर का मंजर बेहद दर्दनाक था। दोनों शव पूरी तरह जल चुके थे। सिर्फ हड्डियां और मांस के कुछ लोथड़े ही बचे थे।
हाईवे पर तेज धमाका, देखते ही देखते धधक उठी कार
यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात करीब 1 बजे कानपुर-इटावा हाईवे पर मुंगीसापुर के पास हुआ, जो जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ा और कार डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि CNG टैंक में ब्लास्ट हो गया और कुछ ही सेकेंड में पूरी कार आग की लपटों में घिर गई।
करीब 20 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जिन्हें डेढ़ किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था।
बाहर निकलने का भी नहीं मिला मौका
हादसा इतना अचानक हुआ कि कार में बैठे दोनों लोग अपनी सीट से उठ भी नहीं सके।
आग ने कुछ ही पलों में पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोग और राहगीर कुछ समझ पाते, उससे पहले कार धधकने लगी। लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
डेढ़ घंटे बाद बुझी आग, अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग
दमकल कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
जब कार का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। दोनों शव पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस के मुताबिक शवों की हालत ऐसी थी कि उन्हें खुरचकर काली पॉलीथिन में भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना पड़ा।
दिल्ली से कार और बाइक के पार्ट्स लेकर लौट रहे थे
पुलिस के अनुसार, कानपुर नगर के बर्रा निवासी ओम शुक्ला (23) बाइक और कार मेंटेनेंस की दुकान चलाते थे।
रविवार को वह कार और बाइक के पार्ट्स खरीदने के लिए दिल्ली गए थे। उनके साथ गुरप्रीत ढिल्लों (40) कार चला रहे थे, जो कानपुर नगर के मेहरबान सिंह का पुरवा के रहने वाले थे।
खरीदारी पूरी करने के बाद दोनों देर रात वापस कानपुर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
हादसे में गई दो परिवारों की खुशियां
इस हादसे में जान गंवाने वाले ओम शुक्ला की उम्र महज 23 साल थी।
वहीं, ड्राइवर गुरप्रीत ढिल्लों अपने पीछे पत्नी पिंकी (35), 12 साल के बेटे और 3 साल की बेटी को छोड़ गए हैं। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और झपकी आने की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना हो सकती है।
बताया जा रहा है कि चालक का कार से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद CNG टैंक फट गया और पूरी कार आग की चपेट में आ गई।
हादसे का शिकार हुई कार फॉक्सवैगन वेंटो थी, जो CNG और पेट्रोल दोनों से चलती थी।
जले आधार कार्ड से हुई मृतकों की पहचान
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार दिल्ली नंबर की थी।
जब रजिस्ट्रेशन के आधार पर संपर्क किया गया तो पता चला कि कार काफी पहले बिहार के एक व्यक्ति को बेची जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस को कार के अंदर एक जला हुआ आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर मृतकों की पहचान की गई और उनके परिजनों को सूचना दी गई।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब हादसे के सही कारणों की जांच में जुटी है।
हाईवे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना से पहले कार की रफ्तार, उसकी स्थिति और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
एक पल की लापरवाही और खत्म हो गई दो जिंदगियां
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान तेज रफ्तार और थकान कितनी घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञ भी लगातार सलाह देते हैं कि अगर ड्राइविंग के दौरान नींद या थकान महसूस हो तो कुछ देर आराम करने के बाद ही सफर जारी रखें।