Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से फर्जीवाड़े का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी को फर्जी तरीके से आईपीएस (IPS) अधिकारी बताकर गांव में रौब जमाया। इतना ही नहीं, लोगों को प्रभावित करने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम का कथित जाली लेटर और फर्जी प्रशस्ति पत्र भी दिखाता रहा। मामला तब खुला जब पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद की शिकायत पुलिस तक पहुंची। जांच में कथित फर्जी दस्तावेज सामने आने के बाद अमरिया पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वैवाहिक विवाद से खुला पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मामला पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता परमजीत सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी बेटी का विवाह गुरजंट सिंह से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
परिवार और पंचायत की मौजूदगी में 18 सितंबर 2023 को समझौता कराया गया। समझौते के अनुसार गुरजंट सिंह को 9 लाख रुपये और शादी के दौरान दिए गए सोने-चांदी के जेवर वापस करने थे।
सिर्फ साढ़े चार लाख लौटाए, बाकी रकम और जेवर नहीं दिए
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि समझौते के बाद केवल 4.5 लाख रुपये ही वापस किए गए। बाकी 4.5 लाख रुपये और जेवर आज तक नहीं लौटाए गए।
परिवार का आरोप है कि कई बार पैसे और जेवर की मांग की गई, लेकिन हर बार टालमटोल की जाती रही। इसी दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई।
पत्नी को बताता था IPS अधिकारी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गुरजंट सिंह अपनी पत्नी पवनप्रीत कौर को फर्जी तरीके से आईपीएस अधिकारी बताकर गांव में धाक जमाता था।
इतना ही नहीं, लोगों को भरोसा दिलाने के लिए वह पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम से कथित जाली लेटर और फर्जी प्रशस्ति पत्र भी दिखाता था। इससे गांव के कई लोग उसे प्रभावशाली व्यक्ति मानने लगे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कथित फर्जीवाड़ा
शिकायत मिलने के बाद अमरिया पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कथित दस्तावेजों का सत्यापन कराया, जिसमें शुरुआती जांच में फर्जीवाड़े की बात सामने आने का दावा किया गया।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी गुरजंट सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कथित जाली दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और बरामद दस्तावेजों की भी जांच जारी है।
प्रार्थना पत्र में क्या-क्या लगाए गए आरोप?
शिकायतकर्ता परमजीत सिंह द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार—
- वर्ष 2023 में पंचायत के जरिए समझौता हुआ था।
- 9 लाख रुपये और शादी के जेवर लौटाने पर सहमति बनी थी।
- केवल 4.5 लाख रुपये वापस मिले।
- बाकी रकम और जेवर नहीं लौटाए गए।
- आरोपी अपनी पत्नी को फर्जी IPS अधिकारी बताकर गांव में रौब जमाता था।
- कथित तौर पर DGP के नाम का जाली लेटर और फर्जी प्रशस्ति पत्र दिखाकर लोगों को प्रभावित किया जाता था।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित जाली दस्तावेज कहां और कैसे तैयार किए गए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल सिर्फ गांव में रौब जमाने के लिए किया गया था या किसी अन्य उद्देश्य से भी किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।