Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। ग्लासगो में हुए इस मुकाबले में चानू ने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस जीत से भारत की मेडल टैली में भी मजबूती आई है।
मीराबाई चानू ने कुल 190 किलो वजन उठाकर जीता गोल्ड
महिला 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में मीराबाई चानू ने कुल 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाया।
- स्नैच: 85 किलोग्राम
- क्लीन एंड जर्क: 105 किलोग्राम
- कुल वजन: 190 किलोग्राम
इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
आंखों में आंसू, गले में सिसकियां और मस्तक पर विजय का गौरव..बैकग्राउन्ड में भारत का नेशनल ऐन्थम बज रहा है. इसी वक्त के लिए ही तो कोई खिलाड़ी जीता है.
मीराबाई चानू ने गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया, इतिहास लिख दिया. वह मणिपुर से आती है. बाकी आप जानते है pic.twitter.com/qwzxFPUOhw
— Farman Saifi (@FarmanSaifi1077) July 27, 2026
लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड
मीराबाई चानू का यह लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल है।
उनकी उपलब्धियां इस प्रकार हैं—
- 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स – सिल्वर
- 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स – गोल्ड
- 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स – गोल्ड
- 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स – गोल्ड
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास में अपना नाम और भी मजबूत कर लिया है।
स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कैसे रहा उनका प्रदर्शन?
मीराबाई चानू की शुरुआत आसान नहीं रही।
स्नैच में क्या हुआ?
- पहले प्रयास में 82 किलो वजन उठाने से चूक गईं।
- दूसरे प्रयास में सफलतापूर्वक 82 किलो उठाया।
- तीसरे प्रयास में 85 किलो उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम किया।
क्लीन एंड जर्क में क्या हुआ?
- पहले प्रयास में असफल रहीं।
- दूसरे प्रयास में 105 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाया।
- इसी सफल प्रयास के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया।
भारत की झोली में आए अन्य दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज
रविवार को भारत के लिए अन्य वेटलिफ्टर्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
ऋषिकांत सिंह ने जीता सिल्वर
मेंस 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम (121+143) वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
राजा मुथुपांडी ने भी दिलाया सिल्वर
मेंस 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने कुल 286 किलोग्राम (126+160) वजन उठाकर दूसरा सिल्वर मेडल जीता।
झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज
इससे पहले शुक्रवार को झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
भारत की मेडल टैली में अब कितने मेडल?
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खाते में अब कुल 4 मेडल हो चुके हैं।
- 🥇 गोल्ड – 1
- 🥈 सिल्वर – 2
- 🥉 ब्रॉन्ज – 1
इन चार पदकों के साथ भारत मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
वहीं ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड सहित कुल 39 मेडल जीतकर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
ऋषिकांत सिंह का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स
ऋषिकांत सिंह का यह दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है।
- इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
- ग्लासगो 2026 में उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।
- इस स्पर्धा का गोल्ड मलेशिया के अनीक कसदान ने जीता।
- ऋषिकांत मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के भी चैंपियन हैं।
वेटलिफ्टिंग में मेडल कैसे तय होता है?
वेटलिफ्टिंग में दो अलग-अलग इवेंट होते हैं—
1. स्नैच
इस इवेंट में खिलाड़ी एक ही मूवमेंट में बारबेल को जमीन से सीधे सिर के ऊपर तक उठाता है। इसमें गति, संतुलन, ताकत और लचीलेपन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
2. क्लीन एंड जर्क
यह दो चरणों में पूरा होता है।
क्लीन: खिलाड़ी बारबेल को जमीन से उठाकर कंधों तक लाता है।
जर्क: इसके बाद पैरों और कंधों की ताकत से बारबेल को सिर के ऊपर पूरी तरह सीधा उठाया जाता है।
विजेता कैसे चुना जाता है?
दोनों इवेंट में खिलाड़ियों को तीन-तीन प्रयास मिलते हैं।
- स्नैच में सबसे सफल वजन दर्ज किया जाता है।
- क्लीन एंड जर्क में भी सबसे सफल वजन माना जाता है।
- दोनों का कुल जोड़ ही खिलाड़ी का आधिकारिक टोटल होता है।
जिस खिलाड़ी का कुल वजन सबसे अधिक होता है, वही गोल्ड मेडल जीतता है।
उदाहरण: यदि किसी खिलाड़ी ने स्नैच में 120 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 151 किलोग्राम उठाया, तो उसका कुल स्कोर 271 किलोग्राम माना जाएगा।
मीराबाई चानू का प्रोफाइल
नाम: मीराबाई चानू
खेल: वेटलिफ्टिंग
वर्ग: महिला 48 किलोग्राम
जन्मस्थान: नोंगपोक काकचिंग, इंफाल ईस्ट, मणिपुर
पर्सनल बेस्ट
- कुल वजन: 205 किलोग्राम
- स्नैच: 86 किलोग्राम
- क्लीन एंड जर्क: 119 किलोग्राम
मीराबाई चानू की प्रमुख उपलब्धियां
| वर्ष | उपलब्धि |
|---|---|
| 2026 | 🥇 कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) गोल्ड |
| 2022 | 🥇 कॉमनवेल्थ गेम्स (बर्मिंघम) गोल्ड |
| 2021 | 🥈 टोक्यो ओलंपिक सिल्वर |
| 2018 | 🥇 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट) गोल्ड |
| 2017 | 🥇 विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप गोल्ड |
| 2014 | 🥈 कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) सिल्वर |
भारत के लिए शानदार शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन हमेशा शानदार रहता है। लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतना न सिर्फ उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी गर्व का पल है। अब देश को उम्मीद होगी कि आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ी मेडल टैली में और इजाफा करेंगे।