Pilibhit Triple Murder: पीलीभीत के अमरिया कस्बे में रामलीला कमेटी के पिछले चार साल के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की रात दोनों पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग हुई, जिसमें अंकित गुप्ता, मोहित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव की मौत हो गई, जबकि रोज गुप्ता घायल हो गए। उनका बरेली में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से लाइसेंसी राइफल, अवैध तमंचा, दो कारें और लाठी-डंडे बरामद किए गए हैं। घटना के बाद एसपी पीलीभीत सुकीर्ति माधव और डीआईजी बरेली ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चार साल के हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अमरिया कस्बे की रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सूरज गुप्ता पुत्र चंद्रप्रकाश गुप्ता हैं। उनकी उम्र करीब 35 वर्ष है और वह सरिया-सीमेंट की दुकान चलाते हैं। वहीं, कौशल गुप्ता की उम्र करीब 34 वर्ष है। वह गारमेंट्स की दुकान चलाते हैं और रामलीला कमेटी के सदस्य भी हैं।
बताया गया है कि 9 अक्टूबर 2026 को रामलीला कमेटी की एक बैठक हुई थी। इस दौरान कौशल गुप्ता ने पिछले करीब चार वर्षों के आय-व्यय का हिसाब मांगा था। इसी मुद्दे को लेकर कौशल गुप्ता और कमेटी अध्यक्ष सूरज गुप्ता के बीच मतभेद चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, विवाद को लेकर घटना से पहले किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई थी। हालांकि, हिसाब-किताब के विवाद ने कुछ ही दिनों में इतना गंभीर रूप ले लिया कि मामला मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया।
बैठक से लौटते समय भिड़े दोनों पक्ष, मारपीट के बाद चलीं गोलियां
पुलिस के प्रारंभिक विवरण के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे दोनों पक्षों के कुछ लोग एक विद्यालय में आयोजित बैठक से लौट रहे थे। इसी दौरान अमरिया कस्बे में, जहां दोनों पक्षों के घर और दुकानें आसपास स्थित हैं, उनके बीच विवाद हो गया।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी दौरान कौशल गुप्ता पक्ष के संतोष गुप्ता ने अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की।
गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि रोज गुप्ता घायल हो गए। हालांकि, विवाद किस बात पर अचानक बढ़ा, मारपीट किसने शुरू की और फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
गोलीकांड में अंकित, मोहित और कुणाल की मौत
इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान अंकित गुप्ता पुत्र नरेश गुप्ता, मोहित गुप्ता पुत्र नरेश गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव पुत्र गुड्डू के रूप में हुई है। एक ही घटना में तीन लोगों की मौत से उनके परिवारों में शोक का माहौल है। वहीं, घटना के बाद अमरिया कस्बे में सनसनी फैल गई।
इस गोलीकांड में रोज गुप्ता पुत्र प्रदीप गुप्ता घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए बरेली ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। उनकी स्थिति फिलहाल सुरक्षित बताई गई है।
तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी।
मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोग हिरासत में
पुलिस ने घटना के बाद कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों का विवरण इस प्रकार है।
- कौशल गुप्ता: उम्र करीब 34 वर्ष, गारमेंट्स की दुकान चलाते हैं और रामलीला कमेटी के सदस्य हैं।
- हर्षित गुप्ता: कौशल गुप्ता के भाई।
- नरेश गुप्ता: कौशल गुप्ता के पिता।
- संतोष गुप्ता: ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं और कौशल गुप्ता के चाचा हैं।
- रचित गुप्ता: संतोष गुप्ता के पुत्र।
- राकेश अरोड़ा।
- आशु।
- विक्की मौर्य।
पुलिस ने इन आठ लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
लाइसेंसी राइफल, अवैध तमंचा और दो कारें बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी की है। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान में ये चीजें शामिल हैं।
- घटना में इस्तेमाल की गई एक लाइसेंसी राइफल, जिसका लाइसेंस संतोष गुप्ता के नाम पर है।
- एक अवैध तमंचा।
- दो कारें।
- कुछ लाठी-डंडे।
पुलिस बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि विवेचना के दौरान की जाएगी।
एसपी सुकीर्ति माधव और डीआईजी बरेली ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक पीलीभीत सुकीर्ति माधव तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा डीआईजी बरेली ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, मृतकों के परिजनों से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बताई है। वहीं, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
चार साल के हिसाब से शुरू हुआ विवाद तीन मौतों तक कैसे पहुंचा?
अमरिया की इस घटना में सबसे अहम सवाल यही है कि रामलीला कमेटी के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद फायरिंग तक कैसे पहुंच गया। पुलिस के प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, पिछले करीब चार वर्षों के हिसाब को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद चल रहे थे। 9 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद तीन दिन के भीतर ही 12 अक्टूबर की रात विवाद हिंसक हो गया।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घटना से ठीक पहले ऐसा क्या हुआ, जिससे दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई और फिर गोलियां चलने लगीं। विवाद बढ़ने की पूरी वजह, फायरिंग की परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).