Pilibhit में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है। वहीं, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हेमराज वर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी धरना-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में नाम, वल्दियत और पते से जुड़ी कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई है।
पीलीभीत में SIR को लेकर भाजपा और सपा आमने-सामने
पीलीभीत में मतदाता सूची को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी को लेकर सपा ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।
समाजवादी पार्टी ने साफ किया है कि मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी की मांग है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े।
धर्मेश गंगवार ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में विसंगतियों का मुद्दा उठाया
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया गया है। ज्ञापन में नाम, वल्दियत यानी पिता के नाम और पते से जुड़ी त्रुटियों को दूर कराने की मांग की गई है।
सपा ने मांग की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और मतदाता सूची में सामने आने वाली शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाए। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।
17 और 24 अक्टूबर को संशोधन की मांग
समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में सुधार के लिए 17 और 24 अक्टूबर 2026 को संशोधन की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसके पुनरीक्षण के दौरान किसी तरह का पक्षपात नहीं होना चाहिए।
सपा ने यह भी मांग की है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। पार्टी के मुताबिक, पात्र मतदाताओं के नाम और विवरण सही रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
हेमराज वर्मा ने मंत्री संजय सिंह गंगवार पर लगाए आरोप
बोले—भाजपा नेता के इशारे पर हो रही कथित गड़बड़ी
समाजवादी पार्टी के नेता, पूर्व मंत्री और पीलीभीत की 127 विधानसभा सीट से भावी प्रत्याशी हेमराज वर्मा ने मतदाता सूची के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सामने आ रही कथित गड़बड़ियां प्रदेश सरकार में मंत्री संजय सिंह गंगवार के इशारे पर कराई जा रही हैं।
हेमराज वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस तरह की कथित अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके मुताबिक, यह मामला केवल नाम या पते में गलती होने तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से भी जुड़ा है।
हालांकि, संजय सिंह गंगवार पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इस मामले में मंत्री का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध जानकारी में उनकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘गड़बड़ी नहीं रुकी तो सड़कों पर उतरेगी सपा’
हेमराज वर्मा ने दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
हेमराज वर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का सिलसिला नहीं रुका, तो समाजवादी पार्टी धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
सपा नेता का कहना है कि लोकतंत्र में वोट की ताकत सबसे अहम है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से प्रभावित होता है या उसके विवरण में ऐसी गलती रहती है जिससे उसे परेशानी हो, तो यह गंभीर विषय है। पार्टी ने मांग की है कि ऐसी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।
हेमराज वर्मा की चेतावनी के बाद अब इस मुद्दे पर जिले में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, धरना-प्रदर्शन की तारीख या स्थान की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
भाजपा और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
पीलीभीत में मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद ने भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव को नया मुद्दा दे दिया है। सपा ने जहां कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं अब प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका अहम हो गई है।
मतदाता सूची में त्रुटियों की शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना जरूरी है। साथ ही, राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही होनी चाहिए।
इस मामले में अब प्रशासन की कार्रवाई, निर्वाचन अधिकारियों का जवाब और भाजपा की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि शिकायतें सामने आती हैं, तो उनका समय पर समाधान मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
अब ज्ञापन से आगे बढ़ेगी सियासी लड़ाई?
धर्मेश गंगवार की ओर से ज्ञापन सौंपने और हेमराज वर्मा की ओर से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देने के बाद मतदाता सूची का मुद्दा पीलीभीत की राजनीति में और गरमा सकता है। समाजवादी पार्टी ने साफ किया है कि वह कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मतदाता सूची में नाम, वल्दियत और पते से जुड़ी शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं। साथ ही, भाजपा और मंत्री संजय सिंह गंगवार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।
सपा की मांग है कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो, पात्र मतदाताओं के विवरण दुरुस्त किए जाएं और यदि कोई गड़बड़ी साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। यदि विवाद का समाधान नहीं हुआ, तो पीलीभीत में धरना-प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक संघर्ष तेज हो सकता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).