लखनऊ:उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हुआ है। ACS राजेश कुमार सिंह को उनके सभी पदों से हटा दिया गया है। सरकार ने उन्हें सहकारिता और कारागार विभाग से मुक्त कर दिया है और अब उन्हें वेटिंग में डाल दिया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के एक मामले के संदर्भ में लिया गया है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया।
इसके साथ ही, प्रशासनिक विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती भी की गई है:
- एमपी अग्रवाल को प्रमुख सचिव सहकारिता का चार्ज सौंपा गया है।
- अनिल गर्ग को प्रमुख सचिव कारागार का चार्ज दिया गया है।
- वेंकटेश्वर लू को ग्राम विकास संस्थान बीकेटी का जिम्मा सौंपा गया है।
यह बदलाव प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है