डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में राष्ट्रीय विद्यालयी खेल कुराश का भव्य आगाज़, 18 राज्यों के 677 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति और नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ने की मंशा का जीवंत उदाहरण मंगलवार को सहारनपुर में देखने को मिला, जब डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में राष्ट्रीय विद्यालयी खेल कुराश प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे खिलाड़ी, जोश से भरा माहौल और देशभर से आए प्रतिभाशाली बच्चे — पूरा परिसर खेल उत्सव में तब्दील नजर आया।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, विधायक देवेंद्र निम एवं विधायक राजीव गुंबर द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
18 राज्यों के 677 खिलाड़ी, एक मंच पर देश की खेल प्रतिभा
राष्ट्रीय विद्यालयी खेल कुराश प्रतियोगिता 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में देश के 18 राज्यों से आए लगभग 677 लड़के और लड़कियां भाग ले रहे हैं। विभिन्न भार वर्गों और आयु वर्गों में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना की भी परीक्षा लेगी।
कुराश जैसे पारंपरिक मार्शल आर्ट खेल को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना सरकार और खेल संगठनों की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
“खेल प्रतियोगिताएं बच्चों को निखारती हैं” – कुंवर बृजेश सिंह
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि—
“खेल प्रतियोगिताओं से बच्चों के खेल में निखार आता है। आज के ये खिलाड़ी कल देश का नाम रोशन करते हैं। हाल ही में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह सब सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश और प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। स्टेडियमों का विकास, प्रशिक्षण सुविधाएं, प्रतियोगिताएं और खिलाड़ियों को सम्मान — यह सब एक मजबूत खेल संस्कृति की नींव रख रहे हैं।
स्कूल स्तर से राष्ट्रीय मंच तक, खेल नीति की सफलता
जिला विद्यालय निरीक्षक अरविंद कुमार पाठक ने कहा कि विद्यालयी खेल प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग और खेल विभाग के समन्वय से ऐसे आयोजन लगातार कराए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों को समान अवसर मिल सके।
सहारनपुर को मिली राष्ट्रीय पहचान
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता की मेजबानी से सहारनपुर को भी नई पहचान मिली है। स्थानीय प्रशासन, खेल विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त तैयारियों के चलते आयोजन को भव्य और व्यवस्थित रूप दिया गया है। स्टेडियम में खिलाड़ियों के ठहरने, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और प्रशिक्षण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
उद्देश्य: खेलों से भविष्य निर्माण का संदेश
इस खबर को प्रसारित करने का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह संदेश देना भी है कि—
सरकार खेलों को करियर के रूप में स्थापित करना चाहती है
बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं
विद्यालय स्तर से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं तैयार की जा रही हैं
खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रगौरव की भावना विकसित हो रही है
राष्ट्रीय विद्यालयी खेल कुराश प्रतियोगिता सहारनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए यह संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब खेल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।
आने वाले दिनों में जब यही खिलाड़ी देश और दुनिया में पदक जीतेंगे, तब सहारनपुर की यह धरती गर्व से कह सकेगी —
यहां से चैंपियन निकले थे।