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भुने चने में मौत की मिलावट! गोरखपुर में 30 टन जहरीला चना पकड़ा—सेहत के नाम पर ‘धीमा जहर’

गोरखपुर में फूड विभाग ने 30 टन जहरीला भुना चना पकड़ा। कपड़ा रंगने वाले केमिकल औरामाइन O की मिलावट सेहत के लिए घातक, कड़ी कार्रवाई शुरू।

भुने चने में मौत की मिलावट! गोरखपुर में 30 टन जहरीला चना पकड़ा—कपड़ा और चमड़ा रंगने वाला केमिकल मिला, लीवर-किडनी फेल होने का पूरा खतरा

“सेहत के नाम पर ज़हर बेचने का घिनौना खेल… कुछ लोग चंद रुपये के लालच में पूरी आबादी की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं।”

 जब सेहत भी बिकने लगी और लोगों की जिंदगी की कीमत ठेलों पर तौली जाने लगी…

आज का इंसान सुबह उठते ही सेहत की चिंता में लग जाता है—किसी की पहली शुरुआत मॉर्निंग वॉक से होती है, कोई योग करता है, कोई न्यूट्रीशनिस्ट की सलाह पर प्रोटीन-रिच चीजें खरीदता है।
हर कोई चाहता है कि उसका शरीर फिट रहे, परिवार स्वस्थ रहे।

लेकिन दूसरी तरफ…
कुछ लोग वही सेहत मुनाफे की भट्टी में झोंक देने पर उतारू हैं।
पैसे के लालच में वे ऐसे जहरीले खेल खेल रहे हैं, जिनका अंजाम सिर्फ बीमारी नहीं, मौत भी हो सकता है।

और इस बार निशाना बनाया गया भुने चने को—जिसे लोग “स्वास्थ्यवर्धक स्नैक” समझकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक नाश्ते में शामिल करते हैं।

गोरखपुर में जो खुलासा हुआ है, वह सिर्फ मिलावट नहीं—धीमे-धीमे ज़िंदगी खत्म कर देने वाला ‘मौत का सामान’ है।

गोरखपुर में बड़ा खुलासा, 18 लाख की कीमत वाला 30 टन जहरीला भुना चना बरामद

गोरखपुर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार की शाम राजघाट क्षेत्र के लाल डिग्गी स्थित मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स में छापेमारी कर 750 बोरी भुना चना जब्त किया।
इसकी मार्केट कीमत 18 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।

सबसे खतरनाक बात—
इसे रंगने में औद्योगिक कपड़ा व चमड़ा फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाला ‘ORAMINE O’ केमिकल मिलाया गया था।
यह वही केमिकल है जिसका इस्तेमाल कपड़ों को तेज रंग देने के लिए किया जाता है—लेकिन मानव शरीर के लिए यह जहर से भी घातक है।

औरामाइन O क्या है?—लीवर-किडनी फेल कर सकता है, DNA तक बदल सकता है!

इस केमिकल को खाने के बाद शरीर में क्या होता है?

लीवर फेल होने का खतरा बढ़ जाता है

किडनी डैमेज होना शुरू होता है

 शरीर में सेल्स के DNA में परिवर्तन हो सकता है

लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है

खून को जहरीला बना सकता है

बच्चों में विकास रुकना, महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन

यह कोई खाद्य रंग नहीं—
यह धीमे असर वाला रासायनिक हथियार है, जो शरीर को अंदर-ही-अंदर खत्म करता है।

 400 बोरी मध्य प्रदेश से, 350 बोरी छत्तीसगढ़ से—मिलावट का नेटवर्क बड़ा

छापे में पकड़ी गई कुल 750 बोरी में—

400 बोरी मध्य प्रदेश के कटनी जिले की श्रीराम दाल इंडस्ट्रीज से

350 बोरी छत्तीसगढ़ के बलूटा बाजार से SVG Pulses नाम की फर्म से मंगाई गई थी

यह साफ दिखाता है कि यह कोई छोटी-मोटी मिलावट नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के साथ संचालित संगठित अपराध है।

सूत्रों के मुताबिक कई दिनों से चल रही थी रेकी—मोबाइल लैब में जांच के बाद पुष्ट‍ि

खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त
डॉ. सुधीर कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने कई दिनों तक छुपकर निगरानी की।

बाज़ारों में रंगे हुए चने मिलने की लगातार शिकायतें

ट्रकों की आवाजाही पर नजर

गुप्त सूचना मिलने के बाद टीम पहले से तैयार

छापेमारी के दौरान मौके पर ही Food Safety on Wheels मोबाइल लैब मंगाई गई और वहीं चने का सैंपल टेस्ट किया गया।
परिणाम साफ था—
ORAMINE O केमिकल की मिलावट 100% प्रमाणित हुई।

अधिकारी का बयान 

डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग (गोरखपुर)
“हम पिछले कई दिनों से मिलावटी चने की सूचना पर नजर रख रहे थे। संदेह पुख्ता होने पर टीम भेजी गई। मौके पर लिए गए सैंपल की जांच में प्रतिबंधित औरामाइन केमिकल की पुष्टि हुई, जो बेहद खतरनाक और जानलेवा है।”

अब इन पर होगी कड़ी कार्रवाई—अन्य राज्यों को भी भेजा जाएगा पत्र

कार्रवाई जिनके खिलाफ शुरू की गई—

मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स, साहबगंज गीता प्रेस

श्रीराम दाल इंडस्ट्रीज, कटनी (मध्य प्रदेश)

SVG Pulses, बलूटा बाजार (छत्तीसगढ़)

साथ ही MP और छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा विभागों को भी जांच के आदेश के लिए पत्र भेजा जाएगा, जिससे पूरा गिरोह बेनकाब हो सके।

 यह सिर्फ मिलावट नहीं—सेहत के नाम पर की जा रही ‘धीमी हत्या’ है

गोरखपुर ही नहीं, पूरे देश में यह मिलावटखोरी का जाल फैल रहा है।
जहां इंसान अपनों के लिए अच्छा खाना खोजता है, वहीं कुछ लोग उसके थाली में मौत परोसने में लगे हैं।
लोग बदन बनाए रखने के लिए—

हाई प्रोटीन स्नैक्स खाते हैं

डाइटिंग करते हैं

डॉक्टर के पास जाते हैं

दवाएं लेते हैं

योग-व्यायाम करते हैं

लेकिन इन्हीं सबके बीच कोई भुना चना जैसे आम और सुरक्षित समझे जाने वाले खाद्य पदार्थ में ऐसा जहर घोल दे—तो स्वास्थ्य का पूरा संघर्ष बेकार हो जाता है।

यह कारोबार सिर्फ गैरकानूनी नहीं, मानवता के खिलाफ अपराध है।

लोगों के लिए चेतावनी, भुना चना खरीदते समय सावधानी बरतें

अत्यधिक गहरा, चमकदार या अनियमित रंग वाला चना न खरीदें

ढीले, बिना पैक और बिना ब्रांड वाले चने से बचें

विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदें

बच्चों को ऐसे चने बिल्कुल न दें

शक होने पर तुरंत फूड सेफ्टी विभाग को सूचना दें

मिलीभगत का जाल बड़ा है—लेकिन जनता की जागरूकता उससे भी बड़ी ताकत

गोरखपुर में मिला यह 30 टन जहरीला चना कोई साधारण मामला नहीं।
यह बता रहा है कि मिलावटखोर किस हद तक गिर चुके हैं।
अब जरूरी है कि जनता सतर्क हो, प्रशासन कठोर हो और ऐसे अपराधियों को ऐसी सजा मिले कि कोई दोबारा जनता की थाली में जहर मिलाने की हिम्मत न कर सके।