लाठी-डंडों से पीटा गया अन्नदाता! वीडियो वायरल
नोवल शुगर मिल में गार्डों का खुला आतंक, गन्ना किसान को बेरहमी से पीटा
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र का सख्त रुख
“किसानों पर हाथ उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा” — डीएम
पीलीभीत | बरखेड़ा
जिस हाथ में देश का पेट भरने की ताकत हो, उसी हाथ पर अगर लाठियां बरसाई जाएँ — तो यह सिर्फ एक किसान पर हमला नहीं, पूरे अन्नदाता वर्ग का अपमान होता है।
पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित नोवल शुगर मिल से सामने आई यह घटना न सिर्फ झकझोर देने वाली है, बल्कि गन्ना किसानों पर लगातार हो रहे अत्याचारों की भयावह तस्वीर भी पेश करती है।
वीडियो वायरल, सच आया सामने
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नोवल शुगर मिल के सुरक्षा गार्ड एक गन्ना किसान को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं।
किसान हाथ जोड़ता दिखता है, बचने की कोशिश करता है, लेकिन गार्डों का गुस्सा थमता नहीं।
यह दृश्य देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति का दिल दहल जाए।
गन्ना लेकर आया था किसान, लहूलुहान होकर लौटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित किसान रोज़ की तरह अपनी मेहनत, पसीने और उम्मीदों की फसल — गन्ना लेकर नोवल शुगर मिल पहुँचा था। किसान को क्या पता था कि जिस मिल में वह अपनी उपज बेचने आया है, वहीं उसे सही कीमत की जगह लाठियां मिलेंगी। मिल परिसर में प्रवेश के दौरान जब जांच टीम ने किसान के गन्ने को रिजेक्ट कर दिया, तो किसान ने स्वाभाविक रूप से इसका कारण पूछा और आपत्ति जताई। यही आपत्ति गार्डों को नागवार गुजर गई और मामूली बहस ने देखते-देखते हिंसक रूप ले लिया।
सवाल पूछना पड़ा भारी, गार्डों ने बरसाई लाठियां
बहस बढ़ते ही मिल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने संयम खो दिया। आरोप है कि गार्डों ने अचानक लाठियां उठा लीं और किसान पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही किसान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस बर्बर हमले में किसान को गंभीर चोटें आईं, जबकि गार्डों की दबंगई कैमरे में कैद होती चली गई। यह दृश्य अब पूरे जिले में आक्रोश का कारण बना हुआ है।
अन्नदाता पर लाठी, सिस्टम पर सवाल
इस घटना के बाद हर गन्ना किसान के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है —
क्या चीनी मिल किसान की है या गार्डों की जागीर?
जो किसान दिन-रात खेत में मेहनत कर देश का पेट भरता है, क्या वही किसान मिल गेट पर अपमान, मारपीट और अत्याचार झेलेगा? यह सवाल अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे किसान समाज की पीड़ा बन चुका है।
पहली बार नहीं, पहले भी गार्डों पर लगते रहे हैं आरोप
स्थानीय किसानों का कहना है कि नोवल शुगर मिल में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार गार्डों द्वारा किसानों के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की, धमकी और मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। किसानों का आरोप है कि हर बार मामला किसी न किसी स्तर पर दबा दिया गया, जिससे गार्डों के हौसले और बुलंद होते चले गए। इस बार फर्क सिर्फ इतना है कि वीडियो सामने आ गया, और वही वीडियो सिस्टम को झकझोर गया।
वीडियो वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही बरखेड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों आरोपित गार्डों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और पीड़ित किसान के बयान के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र का सख्त और साफ संदेश
इस मामले पर पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र ने बेहद स्पष्ट, सख्त और किसान-हितैषी रुख अपनाया है।
डीएम ने कहा:
“मैंने वायरल वीडियो देखा है। यह बेहद गंभीर मामला है।
किसानों के साथ इस तरह की मारपीट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कल एक टीम को चीनी मिल भेजकर पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी।
जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”
किसानों के सम्मान पर कोई समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि:
किसान सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता हैं
गन्ना मिलों को नियमों के तहत ही काम करना होगा
किसानों की गरिमा और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा
यह बयान उन हजारों किसानों के लिए आशा और भरोसे की किरण है, जो अक्सर मिल गेट पर अपमान और शोषण का सामना करते हैं।
बड़ा सवाल — कब रुकेगा गार्डों का यह आतंक?
यह घटना सिर्फ एक किसान की नहीं है।
यह उस व्यवस्था पर सवाल है जहाँ:
किसान घंटों लाइन में खड़ा रहता है
मेहनत की फसल बेचने आता है
और बदले में उसे लाठियां मिलती हैं
अगर वीडियो सामने न आता, तो शायद यह मामला भी दबा दिया जाता।
किसान की पिटाई यह सिर्फ एक घटना नहीं
आज जरूरत है कि:
गन्ना मिलों में गार्डों की जवाबदेही तय हो
किसानों के लिए शिकायत तंत्र मजबूत बने
मिल प्रबंधन पर भी कार्रवाई हो, सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर नहीं
किसान अगर सुरक्षित नहीं, तो अन्न की सुरक्षा कैसे होगी?
नोवल शुगर मिल की यह घटना किसान-प्रशासन-मिल व्यवस्था के बीच संतुलन की सख्त जरूरत को उजागर करती है।
जिलाधिकारी का सख्त रुख उम्मीद जगाता है कि
इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई होगी।
क्योंकि
अन्नदाता पर हाथ उठाने वालों को सबक सिखाना अब मजबूरी नहीं, ज़रूरत है।