3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

अंबेडकर जयंती पर यूपी में भयंकर बवाल: भीड़ ने DSP, तहसीलदार सहित पुलिस की कई गाड़ियां तोड़ दी, लगाई आग..
Fuel Price India: पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है? कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन..

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: PM Modi और Donald Trump के बीच 40 मिनट बातचीत, बोले—“भारत के लोग आपको..”

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

Breaking News

Hospital Fire: SCB मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा ICU में कैसे लगी आग ? 10 मरीजों की मौत का जिम्मेदार कौन ?

Hospital Fire: SCB मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा ICU में कैसे लगी आग ? 10 मरीजों की मौत का जिम्मेदार कौन ?

Hospital Fire: ओडिशा के कटक में स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में बने ट्रॉमा केयर ICU में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में पूरे वार्ड में धुआं भर गया और वहां भर्ती गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य मरीज और अस्पताल कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं।

तड़के 3 बजे लगी आग, ICU में मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में ICU वार्ड धुएं से भर गया। उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर भर्ती थे, जिससे उन्हें तुरंत बाहर निकालना मुश्किल हो गया।

दमकल और अस्पताल स्टाफ ने शुरू किया रेस्क्यू

आग लगने की जानकारी मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कियाहालांकि कुछ मरीज धुएं और आग की लपटों की चपेट में गए।
दमकल विभाग की तीन गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

अस्पताल प्रशासन और दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गयाजिन मरीजों की हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत न्यू मेडिसिन ICU में शिफ्ट कर दिया गया ताकि उनका इलाज जारी रखा जा सके।

23 मरीजों में से 10 की मौत

ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने बताया कि हादसे के समय उस वार्ड में कुल 23 मरीज भर्ती थे

  • बचाव अभियान शुरू होने से पहले ही 7 मरीजों की मौत हो गई थी।

  • बाद में बचाए गए मरीजों में से 3 लोगों की मौत धुएं और चोटों की वजह से हुई।

इस तरह कुल 10 लोगों की जान चली गईइसके अलावा कम से कम 5 मरीज गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अस्पताल के दो कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का किया दौरा

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी भी मौजूद रहे और राहत बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे।

मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा

राज्य सरकार ने इस दुखद घटना के बाद मृतकों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।

शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका

हादसे की शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ICU के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी हो सकती है।
हालांकि सरकार ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि अस्पताल में फायर सेफ्टी नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं