Rajya Sabha Election 2026: तीन राज्यों — Haryana, Bihar और Odisha — की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग पूरी हो गई है।
जैसी आशंकाएं पहले जताई जा रही थीं, वैसा ही माहौल मतदान के दौरान देखने को मिला। कई जगह क्रॉस वोटिंग और कुछ विधायकों के वोट न डालने की खबरें सामने आई हैं। सबसे ज्यादा असर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस के विधायकों पर देखा गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना था। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि बाकी 11 सीटों पर सोमवार को वोटिंग हुई।
अभी की स्थिति में 37 सीटों में से
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25 सीटें INDIA गठबंधन के पास हैं
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12 सीटें NDA के पास
लेकिन चुनाव के बाद यह समीकरण बदल सकता है और NDA को करीब 8 सीटों का फायदा होने की संभावना जताई जा रही है।
तीनों राज्यों में क्या हुआ?
1. हरियाणा: 2 सीटों पर 3 उम्मीदवार, क्रॉस वोटिंग का डर
Haryana विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। यहां 2 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, लेकिन 3 उम्मीदवार मैदान में हैं।
जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 31 वोट चाहिए।
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Bharatiya Janata Party के पास 48 विधायक हैं
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भाजपा उम्मीदवार Sanjay Bhatia की जीत लगभग तय मानी जा रही है
पहले वोट डालने वाले थे राज्य के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini।
दूसरी सीट पर मुकाबला दिलचस्प है।
भाजपा समर्थित निर्दलीय Satish Nandal को भाजपा के अतिरिक्त वोट और कुछ निर्दलीयों का समर्थन मिल सकता है।
वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। अगर सभी एकजुट रहते हैं तो उसके उम्मीदवार Karmveer Bauddh की जीत संभव है।
लेकिन क्रॉस वोटिंग होने पर नतीजे पलट सकते हैं। ऐसा पहले भी 2016 और 2022 में हो चुका है, जब संख्या ज्यादा होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार हार गया था।
2. बिहार: चार सीटें NDA के पक्ष में जाती दिख रही
Bihar विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं। यहां 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं।
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National Democratic Alliance (NDA) के पास 202 विधायक हैं
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महागठबंधन के पास करीब 35 विधायक हैं
इस हिसाब से NDA के 4 उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
एक सीट जीतने के लिए 41 वोट चाहिए।
चार सीटों के लिए NDA को 164 वोट चाहिए, जो उसके पास आसानी से हैं।
इसके बाद भी NDA के पास 38 विधायक बचेंगे।
अगर उसे 3 और विधायकों का समर्थन मिल जाए, तो वह पांचवीं सीट भी जीत सकता है।
इस बीच खबर है कि कांग्रेस के तीन विधायक और एक आरजेडी विधायक वोटिंग के दौरान गायब रहे और उनके फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।
3. ओडिशा: चौथी सीट पर फंसा पेंच
Odisha विधानसभा में 147 विधायक हैं। यहां 4 राज्यसभा सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं।
एक सीट जीतने के लिए 30 वोट जरूरी हैं।
भाजपा की स्थिति
Bharatiya Janata Party के दो उम्मीदवार
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Manmohan Samal
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Sujit Kumar
की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
बीजेडी की स्थिति
Biju Janata Dal के पास 48 विधायक हैं। पार्टी ने दो उम्मीदवार उतारे हैं:
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Santrupt Mishra
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Datteshwar Hota
इनमें से मिश्रा की जीत तय मानी जा रही है।
लेकिन चौथी सीट पर मुकाबला फंस गया है।
भाजपा ने Dilip Ray को समर्थन दिया है।
वहीं कांग्रेस के 14 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) का एक विधायक होता के समर्थन में बताए जा रहे हैं।
यहीं क्रॉस वोटिंग से पूरा खेल बदल सकता है।
कांग्रेस विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप
ओडिशा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Bhakta Charan Das ने आरोप लगाया है कि पार्टी के तीन विधायकों —
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Dasarathi Gomango
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Sofia Firdous
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Ramesh Jena
ने NDA के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की।
इसके अलावा BJD के दो विधायकों —
Souvik Biswal और Chakramani Kanhar — के नाम भी चर्चा में हैं।
आम आदमी के लिए इसका मतलब क्या है?
राज्यसभा चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि विधायकों के वोट से होते हैं। इसलिए यहां पार्टी अनुशासन और संख्या बल बहुत अहम होता है।
लेकिन जब
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विधायक पार्टी लाइन से हटकर वोट देते हैं,
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या वोटिंग में शामिल ही नहीं होते,
तो इसे क्रॉस वोटिंग कहा जाता है।
ऐसे मामलों में जिस पार्टी के पास कम संख्या होती है, वह भी सीट जीत सकती है, जिससे पूरी राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है।