Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा—ऐसा संकेत तब मिला जब Raghav Chadha को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया। इसके बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा—“मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।” अब यह मामला सिर्फ एक पद से हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि पार्टी के अंदरूनी मतभेदों की ओर भी इशारा कर रहा है।
क्या हुआ: AAP ने क्यों हटाया राघव चड्ढा को?
AAP ने गुरुवार को बड़ा फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया। उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यहां तक कहा कि चड्ढा को सदन में बोलने का समय भी न दिया जाए।
हालांकि, इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह पार्टी ने नहीं बताई।
राघव चड्ढा का जवाब: “मेरी आवाज दबाई गई”
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा—
- मैं हमेशा आम जनता के मुद्दे उठाता रहा हूं
- क्या जनता की बात करना गुनाह है?
- मुझे बोलने से क्यों रोका जा रहा है?
उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना, मैं वक्त आने पर सैलाब बनकर लौटूंगा।”
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
—
खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
किन मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे चड्ढा?
राघव चड्ढा ने संसद में कई “आम आदमी” से जुड़े मुद्दे उठाए, जैसे—
- एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा
- Zomato, Blinkit डिलीवरी बॉय की समस्याएं
- मोबाइल रिचार्ज 28 दिन vs 30 दिन
- बैंक पेनल्टी और चार्जेस
- फूड मिलावट
- कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक
उन्होंने सवाल उठाया—इन मुद्दों से पार्टी को नुकसान कैसे हुआ?
AAP नेताओं का पलटवार: “आप डर गए हैं”
AAP के नेताओं ने राघव चड्ढा के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
Anurag Dhanda का बयान
उन्होंने कहा—
- संसद में समय बहुत कम मिलता है
- उसमें देश के बड़े मुद्दे उठाने चाहिए
- “कोई मोदी से डर जाए तो देश के लिए क्या लड़ेगा?”
Saurabh Bharadwaj का हमला
उन्होंने सीधे आरोप लगाया—
- आपने मोदी सरकार से कोई सवाल नहीं पूछा
- पंजाब के मुद्दों पर भी चुप रहे
- “जो डर गया, समझो वो मर गया”
Bhagwant Mann का संतुलित बयान
उन्होंने कहा—
- पार्टी में ऐसे फैसले पहले भी होते रहे हैं
- अगर कोई पार्टी लाइन के खिलाफ जाता है तो कार्रवाई होती है
क्या पहले से चल रही थी दूरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक—
- राघव चड्ढा लंबे समय से पार्टी से दूरी बनाए हुए थे
- Arvind Kejriwal के जेल जाने के दौरान भी वे UK में थे
- शराब घोटाले से जुड़े मामलों पर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
नए उपनेता अशोक मित्तल क्या बोले?
नए उपनेता अशोक मित्तल ने कहा—
- मैं अपनी अलग कार्यशैली से काम करूंगा
- मेरा फोकस सरकार और विपक्ष के बीच संवाद बेहतर करना होगा
राजनीतिक मायने: क्या AAP में अंदरूनी संकट?
यह पूरा मामला कई सवाल खड़े करता है—
- क्या AAP के अंदर मतभेद बढ़ रहे हैं?
- क्या राघव चड्ढा पार्टी से अलग रास्ता चुन सकते हैं?
- या यह सिर्फ “डिसिप्लिन एक्शन” है?
फिलहाल, राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनके तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में AAP की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख सकता है।
कहानी अभी बाकी है
राघव चड्ढा का बयान और AAP नेताओं की प्रतिक्रिया—दोनों ही इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मामला सिर्फ एक पद का नहीं है। यह पार्टी के अंदर की राजनीति, रणनीति और नेतृत्व शैली का टकराव भी हो सकता है।
अब सबकी नजर इस पर है कि राघव चड्ढा अगला कदम क्या उठाते हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).