Parliament Special Session 2026: संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू होते ही सियासी गर्मी तेज हो गई। जैसे ही परिसीमन बिल पेश हुआ, सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस बिल पर कड़ा विरोध जताया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर बाद सदन में अपनी बात रखते हुए इसे लेकर बड़ा बयान दिया।
बिल पेश होते ही सदन में हंगामा
सुबह से दोपहर तक चली कार्यवाही के दौरान विपक्ष के कई नेताओं ने परिसीमन बिल का विरोध किया। सदन में शोर-शराबा और बहस का माहौल बना रहा, जिससे शुरुआत से ही सत्र काफी गरमाया हुआ नजर आया।
अखिलेश यादव का हमला, महिला आरक्षण पर रखी शर्त
समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन भाजपा की “साजिश” के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने साफ किया कि बिल के मौजूदा स्वरूप को लेकर उन्हें आपत्ति है।
अमित शाह का पलटवार
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को इतनी चिंता है, तो वह अपने सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।
पीएम मोदी का बयान: भेदभाव नहीं होगा
दोपहर बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सदन में कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े इस बिल में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीटों का अनुपात भी नहीं बदलेगा।
“विरोध करने वालों का हुआ बुरा हाल”
पीएम मोदी ने कहा कि देश में जब-जब महिलाओं को अधिकार देने की बात आई है, तब-तब इसका विरोध करने वालों को जनता ने सजा दी है। उन्होंने इशारों में विपक्ष को चेतावनी भी दी।
“क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं”
प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के अंदाज में विपक्ष को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें इस बिल का कोई क्रेडिट नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, “बिल पास हो जाए तो हम एड देकर सबको धन्यवाद देंगे, सबकी फोटो छपवा देंगे। आप क्रेडिट ले लो, मैं आपको ब्लैंक चेक दे रहा हूं।”
सियासी संकेत: साथ आए तो फायदा, विरोध किया तो नुकसान
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग इसे उनका राजनीतिक स्वार्थ मानते हैं, लेकिन अगर सभी मिलकर इस बिल को पास करते हैं तो किसी का नुकसान नहीं होगा। वहीं विरोध करने पर राजनीतिक फायदा भाजपा को हो सकता है।