TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) ऑफिस से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में आरोपी रजा मेमन की गिरफ्तारी के बाद अब चौथी पीड़िता का बयान सामने आया है। पीड़िता ने कार्यस्थल पर पीछा करने, छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरे मामले ने कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा और शिकायत प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंडक्शन ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुआ मामला
घटना नासिक के TCS ऑफिस की बताई जा रही है। पीड़िता के मुताबिक, मई 2023 में जब वह नई-नई कंपनी में शामिल हुई थी, उसी दौरान इंडक्शन ट्रेनिंग के समय रजा मेमन उससे मिला।
ट्रेनिंग रूम में अकेले पाकर उसने पीड़िता से नाम और पता पूछा और फिर एक “मौखिक पहेली” देकर मैसेज के जरिए जवाब भेजने को कहा। इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि इस तरह की बातें वह आगे भी करता रहेगा और “यह सब हमारे बीच सीक्रेट रहना चाहिए।”
हालांकि रजा मेमन उसकी टीम का हिस्सा नहीं था, फिर भी उसका यह व्यवहार शुरुआत से ही संदिग्ध और असहज करने वाला था। नई होने के कारण पीड़िता ने उस समय दबाव में आकर किसी से शिकायत नहीं की।
पीछा करना, छूने की कोशिश और अजीब हरकतें
पीड़िता ने आरोप लगाया कि रजा मेमन लगातार उसका पीछा करता था और बिना अनुमति उसे छूने की कोशिश करता था। जब भी वह अकेली होती, वह जानबूझकर घूरता और जबरदस्ती बातचीत करने की कोशिश करता।
डर के कारण पीड़िता अक्सर वहां से हट जाती थी, लेकिन यह सिलसिला लगातार जारी रहा।
शिकायत के बाद भी नहीं मिला सहयोग
जब घटनाएं बढ़ने लगीं तो पीड़िता ने जून 2023 में अपने क्वालिटी ट्रेनिंग मैनेजर जयेश से मौखिक शिकायत की।
पीड़िता के मुताबिक, मैनेजर ने यह स्वीकार किया कि रजा मेमन का व्यवहार पहले भी सवालों में रहा है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ यह सलाह दी कि “हमेशा ग्रुप में रहो, अकेले मत रहो।”
इसके बाद टीम लीडर निताली जगताप से भी शिकायत की गई, लेकिन वहां से भी वही सलाह मिली—अकेले न रहना।
बदले की भावना से बदनाम करने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद रजा मेमन ने रंजिश रखते हुए उसे बदनाम करना शुरू कर दिया।
उसने ऑफिस में अफवाह फैलाई कि पीड़िता और उसके सहकर्मी अभिषेक के बीच संबंध हैं और दावा किया कि दोनों को अशोक मार्ग पर साथ देखा गया था।
इस तरह उसने पीड़िता की छवि खराब करने की कोशिश की।
शादी के बाद भी जारी रहा उत्पीड़न
पीड़िता की शादी नवंबर 2025 में हुई, लेकिन इसके बाद भी रजा मेमन की हरकतें नहीं रुकीं।
वह बार-बार उसकी निजी जिंदगी पर टिप्पणी करता और तंज कसते हुए कहता—
“रात में आखिर तुम इतनी व्यस्त किस चीज़ में रहती हो?”
इसके अलावा वह घूरते हुए कहता कि “शादी के बाद तो रात में सोना चाहिए।”
हनीमून और छुट्टी पर भी अश्लील टिप्पणियां
फरवरी 2026 में जब पीड़िता अपने पति के साथ गोवा जाने के लिए छुट्टी मांगने गई, तो रजा मेमन ने कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक सवाल पूछे।
उसने पूछा—“क्या तुम हनीमून पर जा रही हो? क्या तुम शराब पीती हो?”
इसके बाद उसने टिप्पणी की—“तुम्हें किसी ठंडी जगह पर जाना चाहिए, घूमने के लिए वही सबसे अच्छी होती हैं।”
पीड़िता के अनुसार, ये सभी बातें बेहद अपमानजनक और अश्लील थीं।
काम का दबाव बढ़ाने की साजिश का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उससे दूरी बनाने के बाद रजा मेमन ने अपने सहकर्मियों दानिश और तौसीफ के साथ मिलकर बदले की कार्रवाई की।
उसने आरोप लगाया कि सिस्टम की सेटिंग्स में छेड़छाड़ कर कॉल्स की फ्रीक्वेंसी, जो आमतौर पर हर 30 सेकंड में आती थी, उसे घटाकर हर 1 सेकंड कर दिया गया।
इससे पीड़िता पर काम का असामान्य दबाव बढ़ गया।
हेड ने भी शिकायत को किया नजरअंदाज
पीड़िता ने जब इस मामले की शिकायत हेड अश्विनी चैनानी से की, तो उसे भी राहत नहीं मिली।
पीड़िता के अनुसार, हेड ने कहा—“तुम क्यों सुर्खियों में आना चाहती हो? इसे जाने दो, यहीं खत्म कर दो।”
आरोप है कि उन्होंने रजा मेमन, दानिश और तौसीफ का बचाव किया और कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की।
गुड़ी पड़वा के दिन भी हुई टिप्पणी
पीड़िता ने 19 मार्च 2026 (गुड़ी पड़वा) की घटना का भी जिक्र किया।
उस दिन वह साड़ी पहनकर ऑफिस आई थी। दोपहर करीब 12 बजे जब वह अपनी डेस्क पर बैठी थी, तब शाहरुख नाम का कर्मचारी उसके पास आया और उसे घूरते हुए कहा—
“आज तुम बिल्कुल अलग लग रही हो, क्या हम कहीं बाहर चलें?”
पीड़िता के अनुसार, यह भी उत्पीड़न का हिस्सा था।
वर्कप्लेस सेफ्टी पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने कॉर्पोरेट ऑफिस में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, आंतरिक शिकायत प्रणाली और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार शिकायतों के बावजूद अगर कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसे मामलों में आरोपी के हौसले और बढ़ जाते हैं—यह मामला उसी का उदाहरण बनकर सामने आया है।