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यूपी जनगणना 2027: पीलीभीत में शुरू हुई स्व-गणना, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

यूपी में जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया शुरू। पीलीभीत में नागरिक अब ऑनलाइन फॉर्म भरकर खुद दर्ज कर सकेंगे जानकारी।

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ,आज  से शुरू हुई स्व-जनगणना प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियों ने अब जमीनी स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। प्रदेशभर में आज 7 मई से जनगणना के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकान गणना” अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई। शासन के निर्देश पर सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य पारदर्शिता, सटीकता और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। पीलीभीत सहित पूरे प्रदेश में प्रगणकों और सुपरवाइजरों की तैनाती कर घर-घर जाकर आंकड़े एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा स्वयं स्व-जनगणना फॉर्म भरकर की गई, जिसके साथ ही जनगणना के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक की सही और प्रमाणिक जानकारी सरकारी अभिलेखों में दर्ज हो, जिससे भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

7 मई से शुरू हुआ अभियान, 20 जून तक चलेगा प्रथम चरण

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत “मकान सूचीकरण एवं मकान गणना” का व्यापक फील्ड कार्य 7 मई 2026 से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि में नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित आवश्यक जानकारियां एकत्र करेंगे।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य पूर्णतः सरकारी प्रक्रिया के अंतर्गत किया जा रहा है और नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे सही एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना कार्य में सहयोग करें।

स्व-जनगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं भर सकेंगे जानकारी

प्रशासन द्वारा जारी किए गए जागरूकता पोस्टर और डिजिटल सूचना सामग्री में नागरिकों को स्व-जनगणना की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई है। इसके तहत नागरिक अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

पोस्टर में स्पष्ट किया गया है कि नागरिकों को सबसे पहले पोर्टल खोलना होगा, फिर परिवार की आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद अपने मकान का जियो टैग (Geo Tag) करना होगा और अंत में जानकारी सबमिट करनी होगी। सफलतापूर्वक जानकारी दर्ज होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक विशेष SEID नंबर प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक बताया गया है।

जानिए कैसे करें जनगणना 2027 की स्व-गणना, क्या है पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सबसे पहले नागरिकों को अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in खोलना होगा। इसके बाद पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर लॉगिन करना होगा। लॉगिन के बाद परिवार के मुखिया और परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी जैसे नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय, मोबाइल नंबर और आवास संबंधी विवरण भरना होगा। अगला चरण मकान का जियो टैग (Geo Tag) करने का है, जिसमें अपने घर की लोकेशन को पोर्टल पर सत्यापित करना होगा। सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने के बाद फॉर्म को सबमिट करना होगा। सफलतापूर्वक आवेदन भरने  पर नागरिकों को एक विशेष SEID (Self Enumeration ID) नंबर प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा। बाद में जब प्रगणक सत्यापन के लिए घर पहुंचेंगे, तब यही SEID दिखाकर दर्ज जानकारी की पुष्टि कराई जा सकेगी।

SEID नंबर से होगी जानकारी की पुष्टि

प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि जब प्रगणक फील्ड विजिट के दौरान संबंधित परिवार के घर पहुंचेंगे, तब नागरिकों को अपना SEID नंबर दिखाना होगा। इससे पहले से दर्ज जानकारी की पुष्टि हो सकेगी और जनगणना प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से नागरिकों और प्रगणकों दोनों का समय बचेगा तथा आंकड़ों का संग्रहण अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।

पीलीभीत में सेल्फी प्वाइंट बनाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक

पीलीभीत में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय परिसर में विशेष “सेल्फी प्वाइंट” बनाया गया है, जहां “जनगणना-2027 में आपका स्वागत है” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इस सेल्फी प्वाइंट पर भारत सरकार के जनगणना लोगो, क्यूआर कोड और स्व-जनगणना पोर्टल की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है, ताकि लोग आसानी से ऑनलाइन प्रक्रिया को समझ सकें। इसके माध्यम से प्रशासन युवाओं और आम नागरिकों को जनगणना के प्रति जागरूक और सहभागी बनाने का प्रयास कर रहा है।

प्रदेशभर में तैनात किए गए प्रगणक और सुपरवाइजर

जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में बड़ी संख्या में प्रगणकों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है। इन कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण देकर फील्ड में भेजा गया है ताकि डेटा संग्रहण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि गणना कार्य के दौरान निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन हो।

नागरिकों की भागीदारी से ही सफल होगी जनगणना

अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि देश के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। जनसंख्या, आवास, परिवार, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही जानकारी देकर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब प्रगणक उनके घर पहुंचें तो वे आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।

डिजिटल और व्यवस्थित प्रणाली से होगा आंकड़ों का संकलन

इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर आंकड़ों के सुरक्षित और सटीक संकलन के लिए तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में इन आंकड़ों का प्रभावी उपयोग हो सके।

प्रदेश सरकार की मंशा है कि जनगणना कार्य पूरी पारदर्शिता, विश्वसनीयता और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो तथा प्रत्येक नागरिक का विवरण सही रूप में दर्ज किया जाए।

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्वयं भरकर किया स्व-जनगणना फॉर्म का शुभारंभ

पीलीभीत में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने स्वयं स्व-जनगणना फॉर्म भरकर इस अभियान की शुरुआत की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र निर्माण की आधारभूत प्रक्रिया है और इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं की दिशा तय करते हैं। इसलिए सभी कार्मिक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

विकास योजनाओं की मजबूत नींव बनेगी जनगणना

विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना किसी भी राज्य और देश की वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक तस्वीर प्रस्तुत करती है। इसी आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, सड़क, पेयजल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं तैयार की जाती हैं।

ऐसे में उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ यह व्यापक अभियान आने वाले वर्षों में प्रदेश की विकास नीतियों और प्रशासनिक योजनाओं के लिए मजबूत आधार साबित होगा। फिलहाल प्रशासनिक मशीनरी पूरी सक्रियता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में जुटी हुई है।