Women Test Match: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच को अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को पूरी तरह मात दी। यह रनों के लिहाज से भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी है।
लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में पहली बार खेला गया महिला टेस्ट
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट मैच वर्ष 1884 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीमों के बीच खेला गया था। लेकिन इस ऐतिहासिक मैदान पर पहला महिला टेस्ट खेलने के लिए 142 साल का इंतजार करना पड़ा।
10 जुलाई 2026 को भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय टीम ने इसे ऐतिहासिक जीत में बदल दिया।
इंग्लैंड में आज तक नहीं हारी भारतीय महिला टीम
भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड बरकरार है।
अब तक टीम ने इंग्लैंड में 11 टेस्ट मैच खेले हैं—
- 3 मैच जीते
- 8 मैच ड्रॉ रहे
- एक भी मैच नहीं हारा
इस जीत के साथ भारत ने अपना यह शानदार रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया।
भारत ने कैसे जीता मुकाबला?
भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए।
इसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
दूसरी पारी में भारत ने 341/7 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा।
जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया।
पहली पारी में स्मृति, हरमन और दीप्ति ने संभाली जिम्मेदारी
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं।
इसके बाद—
- स्मृति मंधाना – 83 रन
- हरमनप्रीत कौर – 58 रन
- दीप्ति शर्मा – 57 रन
की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने 285 रन बनाए।
इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 2-2 विकेट लिए।
क्रांति गौड़ ने पहली पारी में झटके 5 विकेट
इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई।
भारतीय गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट अपने नाम किए।
वहीं—
- सयाली सतघारे – 2 विकेट
- स्नेह राणा – 2 विकेट
- दीप्ति शर्मा – 1 विकेट
एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके।
यस्तिका भाटिया ने रचा इतिहास
दूसरी पारी में भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई।
इसके बाद यस्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन की शतकीय पारी खेली।
उन्होंने—
- स्मृति मंधाना के साथ 73 रन
- दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन
की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत का स्कोर 341/7 तक पहुंचाया।
लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला टेस्ट क्रिकेटर बनीं यस्तिका
यस्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया।
वह इस मैदान पर महिला टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज बन गईं।
वहीं, क्रांति गौड़ लॉर्ड्स में महिला टेस्ट में 5 विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बनीं। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने खत्म किया मैच
457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही।
टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं।
एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने इंग्लैंड टिक नहीं सका।
- स्नेह राणा – 4 विकेट
- सयाली सतघारे – 2 विकेट
- क्रांति गौड़ – 2 विकेट
- दीप्ति शर्मा – 2 विकेट
की शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड 186 रन पर सिमट गया।
दोनों पारियों में चमकीं स्मृति मंधाना
भारतीय टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की।
- पहली पारी – 83 रन
- दूसरी पारी – 70 रन
उनकी लगातार दो अर्धशतकीय पारियों ने भारत की जीत की मजबूत नींव रखी।
सचिन तेंदुलकर ने बढ़ाया टीम इंडिया का हौसला
मैच के चौथे दिन मुकाबला शुरू होने से पहले क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर लॉर्ड्स पहुंचे और भारतीय महिला टीम से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।
ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों और फैंस के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता कि सचिन तेंदुलकर खुद मैदान पर आकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।