Lottery: पंजाब के मोगा से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। 65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह ने 17 साल तक लगातार लॉटरी टिकट खरीदने के बाद आखिरकार ₹50 लाख का बंपर इनाम जीत लिया। खास बात यह है कि किसान पर करीब 13 लाख रुपये का कर्ज था और बचपन से उन्हें बोलने में भी दिक्कत है। अब इस बड़ी जीत के बाद वह कर्ज चुकाकर अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
13 लाख के कर्ज में डूबे थे किसान
मोगा शहर के रहने वाले चरणजीत सिंह एक छोटे किसान हैं। खेती-बाड़ी करके ही वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
परिजनों के मुताबिक, उन पर करीब 13 लाख रुपये का कर्ज था। सीमित जमीन और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करते रहे।
बचपन से बोलने में है दिक्कत, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीद
चरणजीत सिंह को बचपन से ही बोलने में कठिनाई होती है। इसके बावजूद उन्होंने जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना किया।
वह पिछले 17 वर्षों से लगातार लॉटरी टिकट खरीद रहे थे। उन्हें हमेशा विश्वास था कि एक दिन उनकी किस्मत जरूर बदलेगी और आखिरकार उनकी यह उम्मीद सच साबित हुई।
पहले ₹20 हजार जीते, फिर खरीदी आखिरी टिकट
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले चरणजीत सिंह की ₹20 हजार की लॉटरी निकली।
जब वह इनाम की राशि लेने लॉटरी एजेंट के पास पहुंचे, तो एजेंट ने उन्हें पंजाब स्टेट डियर बंपर की आखिरी बची टिकट खरीदने की सलाह दी।
उन्होंने बिना ज्यादा सोचे ₹1000 देकर वह टिकट खरीद ली। यही टिकट उनकी जिंदगी बदलने वाली साबित हुई।
₹50 लाख का बंपर इनाम जीतकर बदल गई जिंदगी
कुछ समय बाद जब लॉटरी का रिजल्ट आया तो चरणजीत सिंह की टिकट पर ₹50 लाख का बंपर इनाम निकल आया।
इस खबर के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। चरणजीत सिंह का कहना है कि 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उनकी किस्मत चमक गई।
अब सबसे पहले चुकाएंगे कर्ज
चरणजीत सिंह ने बताया कि वह सबसे पहले अपने ऊपर चढ़ा 13 लाख रुपये का कर्ज चुकाएंगे।
इसके बाद बची हुई राशि से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे और बेहतर जीवन जीने की कोशिश करेंगे।
चचेरे भाई ने बताई संघर्ष की कहानी
चरणजीत सिंह के चचेरे भाई शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि चरणजीत बचपन से ही बोलने में दिक्कत होने के बावजूद बेहद ईमानदार और मेहनती इंसान हैं।
उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। खेती ही उनकी आय का मुख्य साधन है और कम जमीन होने के कारण आर्थिक परेशानियां लगातार बनी रहती थीं।
17 साल का इंतजार आखिरकार हुआ खत्म
शमशेर सिंह के अनुसार, चरणजीत सिंह पिछले 17 वर्षों से लगातार लॉटरी टिकट खरीदते आ रहे थे। उन्हें हमेशा भरोसा था कि एक दिन भगवान उनकी मेहनत और उम्मीद का फल जरूर देंगे।
अब ₹50 लाख की इस जीत ने उनके परिवार की जिंदगी में नई उम्मीद, राहत और खुशियां लेकर आई हैं।