बड़ी खबर: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। उनका शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अचेत अवस्था में मिला। अधिकारियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती पुलिस जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है।
पुलिस मुख्यालय में अचेत अवस्था में मिले DGP
सोमवार सुबह त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में अनुराग धनखड़ अचेत अवस्था में मिले। अधिकारियों ने बिना देर किए उन्हें अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GBP) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल उनका शव पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए अस्पताल में रखा गया है।
शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, अनुराग धनखड़ ने कथित तौर पर आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले थे अनुराग धनखड़
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अधिकारी थे और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी थे।
अपने लंबे पुलिस करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं और कई संवेदनशील मामलों की जांच का नेतृत्व किया।
1984 सिख विरोधी दंगों की SIT का किया था नेतृत्व
अनुराग धनखड़ उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व किया।
उनके नेतृत्व में कई अहम मामलों की जांच हुई और उन्हें एक कुशल जांच अधिकारी के रूप में भी जाना जाता था।
शिक्षा और प्रोफेशनल योग्यता
अनुराग धनखड़ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई उपलब्धियां हासिल की थीं।
- मैसूर विश्वविद्यालय से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन
- उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स
- NALSAR यूनिवर्सिटी से साइबर क्राइम में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
तीन दशक से ज्यादा का शानदार पुलिस करियर
अपने लगभग तीन दशक लंबे करियर में अनुराग धनखड़ ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
- 2003-04 में संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो मिशन में सेवाएं दीं।
- 2005 से 2013 तक CBI में SP और DIG रहे।
- 2013 से 2016 तक त्रिपुरा में IG (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर कार्य किया।
- इसके बाद CBI, CISF और BPR&D में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
- सितंबर 2023 में त्रिपुरा के ADGP बने।
- जनवरी 2024 से DGP (इंटेलिजेंस) और ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) का अतिरिक्त प्रभार संभाला।
- मई 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया।
राष्ट्रपति पुलिस पदक समेत कई सम्मान मिले
अनुराग धनखड़ को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले।
उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
मौत के कारणों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।