CJP Party Video: नीट पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के जश्न और डांस वाले वीडियो को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ CJP नेता जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि विरोध प्रदर्शन खत्म होते ही पार्टी करना उन प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनहीनता दर्शाता है, जो लंबे समय तक आंदोलन में शामिल रहे।
अब इस पूरे विवाद पर जंतर-मंतर आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और CJP के समर्थकों की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
🚨 After Dharmendra Pradhan’s resignation, Abhijeet Dipke and CJP organised a massive party today at a five-star hotel for their team and social media influencers who were part of the CJP protest.
But Abhijeet Dipke didn’t invite Mohammad Junaid and Shadab Saifi, even though… pic.twitter.com/6BBKWyyFu0
— TEJASH 🚩 (@Tejashyy) July 26, 2026
सोनम वांगचुक बोले- जीत के साथ विनम्रता भी होनी चाहिए
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि किसी भी सफलता के बाद विनम्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“जीत के साथ विनम्रता भी होनी चाहिए।”
वांगचुक ने समर्थकों और आंदोलन से जुड़े लोगों से अपील की कि सफलता का जश्न सम्मान, संयम और जिम्मेदारी के साथ मनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी आंदोलन की नैतिक ताकत तभी बनी रहती है जब जीत के बाद भी व्यवहार में सादगी और संवेदनशीलता दिखाई जाए।
CJP समर्थकों ने भी जताई नाराजगी
इस विवाद में केवल विपक्षी या आलोचक ही नहीं, बल्कि CJP के कुछ समर्थकों ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के संस्थापक सदस्य और कमेंटेटर-यूट्यूबर मेघनाद ने सोशल मीडिया पर CJP नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद कई प्रदर्शनकारी भूखे और बेसहारा रह गए थे, जबकि नेता जश्न मना रहे थे।
मेघनाद का दावा- प्रदर्शनकारियों के लिए हमने किया इंतजाम
मेघनाद ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि उन्होंने और कुछ अन्य लोगों ने अपने स्तर पर उन प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और यात्रा की व्यवस्था की, जो एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर आंदोलन का हिस्सा रहे थे।
उनका कहना था कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी कई वॉलंटियर्स और छात्र मदद के इंतजार में थे।
‘मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है’
मेघनाद ने अपनी पोस्ट में नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा,
“मैं यह सुबह 4 बजे देख रहा हूं। मैंने और कुछ लोगों ने पिछले दो दिनों में अपने पैसे से CJP के उन वॉलंटियर्स और प्रदर्शनकारियों को घर भेजा है जिन्हें बेसहारा और भूखा छोड़ दिया गया था। मैं कुछ नहीं कहने वाला था, लेकिन यह वीडियो देखकर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जब नेता जश्न मना रहे थे, तब दिल्ली में कई प्रदर्शनकारी और छात्र भोजन तथा सहायता का इंतजार कर रहे थे।
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा,
“बधाई हो CJP, आखिरकार आप भी एक और राजनीतिक पार्टी बन ही गए।”
आलोचना के बाद CJP ने दिया जवाब
वीडियो को लेकर बढ़ती आलोचना के बाद CJP ने अपना पक्ष भी रखा।
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वीडियो युवा पीढ़ी की सोच और अभिव्यक्ति का हिस्सा है।
उन्होंने लिखा,
“हम जितनी देर चाहें सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते हुए विरोध कर सकते हैं। हम कोल्ड कॉफी पीते हुए भी संगठन बना सकते हैं।”
‘यह पीढ़ी अलग तरह से अपनी बात रखती है’
सौरव दास ने आगे कहा कि आज की पीढ़ी आत्मविश्वासी, रचनात्मक और कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाली है।
उन्होंने लिखा कि,
“यह पीढ़ी बस ऐसी ही है। कॉन्फिडेंट, क्रिएटिव, मुश्किलों का सामना करने वाली और जिसे किसी एक सांचे में नहीं ढाला जा सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और कुछ टीवी एंकर Gen Z और युवा पीढ़ी की भाषा और तरीके को नहीं समझते।
CJP का दावा- यह पार्टी नहीं, वॉलंटियर्स के सम्मान की बैठक थी
बाद में मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से देखा जा रहा है।
उनके अनुसार, यह कार्यक्रम आंदोलन में योगदान देने वाले वॉलंटियर्स के सम्मान और उनसे बातचीत के लिए आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा कि नाच-गाने से पहले सभी स्वयंसेवकों के साथ जमीन पर बैठकर विस्तार से चर्चा की गई थी और उनके योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया गया।
विवाद अभी भी जारी
CJP के स्पष्टीकरण के बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक पक्ष इसे आंदोलन की सफलता के बाद युवाओं के जश्न का सामान्य तरीका बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे उन प्रदर्शनकारियों के प्रति असंवेदनशील मान रहा है जिन्होंने लंबे समय तक आंदोलन में हिस्सा लिया।
इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और बहस अभी थमती नजर नहीं आ रही।