UP News: फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। पवन नाम के एक व्यक्ति ने अपनी ससुराल में सो रहे साले के तीन बेटों और साले-सलहज पर तलवार जैसे हथियार से हमला कर दिया। हमले में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वारदात के बाद गांव के लोगों ने पवन को पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, उसके साथ गए साले राजू का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
‘बेटा घबराया हुआ घर आया था, कह रहा था अब सब सही हो जाएगा’
पवन के पिता रामसजीवन विश्वकर्मा का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले उनका बेटा घबराया हुआ घर आया था। वह बड़बड़ा रहा था कि अब सब सही हो गया है। पिता ने हाथ जोड़कर उससे पूछा कि आखिर क्या हुआ है, लेकिन पवन ने कुछ नहीं बताया। करीब 15 मिनट बाद वह घर से दोबारा चला गया।
पत्नी और बच्चों से बातचीत नहीं होने का था दुख
रामसजीवन के मुताबिक, पवन अपनी पत्नी को लेकर काफी परेशान था। वह बार-बार पत्नी और बच्चों को फोन करता था, लेकिन उससे कोई बात नहीं करता था। पिता का कहना है कि पवन को इस बात का बहुत दुख था कि जिन बच्चों को उसने पूरी जिंदगी खिलाया-पिलाया, वही अब उससे दूर भाग रहे हैं।
पहले समझिए क्या हुआ था
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 2 बजे पवन अपनी ससुराल पहुंचा और वहां सो रहे साले राजू के तीन बेटों पर एक के बाद एक तलवार से हमला कर दिया। इसके बाद चीख-पुकार सुनकर बाहर आए राजू और उनकी पत्नी पर भी सिर और गर्दन पर तलवार से वार किए गए।
सोते समय तीन भतीजों पर किया हमला
पवन के साले राजू के तीन बेटे खाटू उर्फ राजकरन (25), प्रदीप (23) और गोरे (20) घर के बाहर सो रहे थे। बताया गया कि पवन ने अचानक उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर घर के अंदर मौजूद लोग बाहर आए तो उसने बचाने पहुंचे राजेश और उनकी पत्नी बुद्धा पर भी हमला कर दिया।
गांव वालों ने पवन को घेरकर पकड़ा
हमले की आवाज सुनकर आसपास के गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पवन को घेर लिया और उसके हाथ से तलवार जैसा हथियार छीन लिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने उसे लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। पिटाई के दौरान पवन की मौत हो गई।
चार घायलों की हालत अभी भी गंभीर
पुलिस ने हमले में घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल 4 घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पवन के साथ गया साला राजू अभी लापता
इस पूरी घटना में एक और बड़ा सवाल राजू के लापता होने को लेकर है। परिजनों के मुताबिक, पवन बुधवार शाम राजू को एक लड़का-लड़की दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद राजू वापस घर नहीं लौटा।
बीकमपुर गांव में एक ही घर में रहते थे दो भाइयों के परिवार
बीकमपुर गांव में महावीर का परिवार रहता है। उनके दो बेटे राजू और राजेश हैं। राजू की पत्नी विमलेश और उनके तीन बेटे खाटू उर्फ राजकरन (25), प्रदीप (23), गोरे (20) और बेटी गुड़िया (18) हैं। छोटा बेटा राजेश अपनी पत्नी बुद्धा के साथ रहता है। परिवार के कुल 9 सदस्य एक ही घर में रहते थे।
26 साल पहले हुई थी पवन और फूलकुमारी की शादी
महावीर ने करीब 26 साल पहले अपनी बेटी फूलकुमारी उर्फ सीमा की शादी आसापुर निवासी पवन (55) से की थी। पवन कारपेंटर का काम करता था। दोनों के चार बच्चे हैं। इनमें बेटियां शीतल उर्फ मानसी (22), कोमल (18), राधा (15) और बेटा सत्यम (12) शामिल हैं।
शादी के कुछ साल बाद ही पति-पत्नी में शुरू हो गया था विवाद
परिजनों के मुताबिक, शादी के कुछ साल बाद ही पवन और फूलकुमारी के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब 9 साल पहले फूलकुमारी बच्चों को लेकर ससुराल छोड़कर मायके आ गई थी।
चार साल पहले सुलह के लिए हुई थी पंचायत
परिजनों ने बताया कि करीब 4 साल पहले दोनों के बीच सुलह कराने के लिए गांव में पंचायत भी हुई थी। लोगों के मुताबिक, उस पंचायत में भी पवन की काफी बेइज्जती हुई थी। हालांकि, पंचायत के बावजूद दोनों के बीच विवाद का समाधान नहीं हो सका।
पत्नी बच्चों के साथ गुजरात में रह रही थी
परिवार के मुताबिक, फूलकुमारी अपने बच्चों के साथ गुजरात में किसी रिश्तेदार के साथ रह रही है। दूसरी तरफ पवन अपने पिता रामसजीवन के साथ गांव में रहता था।
ससुरालवालों से मन में नाराजगी थी, लेकिन आना-जाना जारी था
पवन को कथित तौर पर शक था कि उसकी पत्नी के मायके वाले उसका साथ दे रहे हैं और उन्हीं की वजह से वह घर वापस नहीं लौट रही है। इसी बात को लेकर उसके मन में ससुरालवालों के प्रति नाराजगी थी। हालांकि, इसके बावजूद उसका ससुराल आना-जाना बंद नहीं हुआ था।
लड़की दिखाने के बहाने साले राजू को साथ ले गया
बुधवार शाम करीब 5 बजे पवन अपनी ससुराल पहुंचा। उसने बड़े साले राजू (55) से कहा कि उसके बेटे राजकरन के लिए पास के गांव में एक लड़की देखी है। उसने राजू से कहा कि वह अभी उसके साथ चलकर लड़की देखकर आए, इसके बाद घर के बाकी लोग भी लड़की देखने चलेंगे।
राजू पवन के साथ चला गया। रात करीब 9 बजे पवन अकेला ससुराल लौट आया।
राजू के बारे में पवन ने कहा- लड़की वालों के घर रुक गए हैं
जब घरवालों ने राजू के बारे में पूछा तो पवन ने बताया कि राजू लड़की वालों के घर रुक गए हैं। उसने कहा कि सुबह सभी लोग साथ में लड़की देखने जाएंगे। परिवार ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया।
भतीजी गुड़िया ने पवन को खाना खिलाया
इसके बाद राजू की बेटी गुड़िया ने पवन को खाना खिलाया। खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए। पवन और राजू के तीनों बेटे घर के बाहर सो रहे थे, जबकि परिवार के बाकी सदस्य घर के अंदर सोए हुए थे।
रात 2 बजे चीख-पुकार से मची अफरा-तफरी
रात करीब 2 बजे अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं। घर के लोग बाहर भागे तो देखा कि पवन हाथ में तलवार जैसा हथियार लेकर अपने तीनों भतीजों पर लगातार वार कर रहा था।
राजेश और उनकी पत्नी बुद्धा उन्हें बचाने के लिए दौड़े तो पवन ने उन पर भी कई वार कर दिए।
गुड़िया ने कमरे में छिपकर बचाई जान
हमले के दौरान राजू की बेटी गुड़िया ने एक कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई। हालांकि, उसे भी कुछ चोटें आईं। इसी बीच शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए और पवन को घेर लिया।
भीड़ की पिटाई में पवन की मौत
ग्रामीणों ने पवन को पकड़कर उसके हाथ से हथियार छीन लिया। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। इसी दौरान पवन की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
पिता का दावा- पत्नी के व्यवहार से परेशान था पवन
पवन के पिता रामसजीवन विश्वकर्मा ने पत्नी से जुड़े विवाद को लेकर कई आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पवन की पत्नी का व्यवहार ठीक नहीं था और इसी वजह से दोनों के बीच विवाद रहता था। हालांकि, ये पिता के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘एक बार किसी आदमी के साथ चली गई थी’
रामसजीवन ने दावा किया कि एक बार फूलकुमारी किसी व्यक्ति के साथ चली गई थी और रातभर वहीं रही थी। उनके मुताबिक, इसके बाद उसने पवन के खिलाफ रिपोर्ट भी लिखवाई थी। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
उन्होंने कहा कि अब फूलकुमारी सभी बच्चों को लेकर गुजरात में किसी के साथ रह रही है और पवन उनके साथ गांव में अकेला रहता था।
‘बच्चों को फोन करता था, लेकिन कोई बात नहीं करता था’
पवन के पिता के मुताबिक, उनका बेटा कई बार अपने बच्चों और पत्नी को फोन करता था, लेकिन उससे कोई बात नहीं करता था। पिता का कहना है कि यही बात पवन को अंदर से परेशान करती थी।
उन्होंने कहा कि पवन को इस बात का दुख था कि जिन्हें उसने पूरी जिंदगी खिलाया-पिलाया, वही अब उससे दूर भाग रहे हैं।
घटना वाली शाम पवन काफी परेशान था
रामसजीवन ने बताया कि घटना वाले दिन शाम को पवन घर से निकला था, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह कहां जा रहा है। रात करीब 8 बजे वह घर लौटा। पिता के मुताबिक, उस समय उसकी स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी और वह काफी दुखी व गुस्से में था।
‘घबराया हुआ बोल रहा था कि अब सब सही हो जाएगा’
पिता ने बताया कि पवन घबराया हुआ था और बार-बार कह रहा था कि अब सब सही हो जाएगा। उसकी हालत देखकर उन्हें डर लग रहा था। उन्होंने हाथ जोड़कर बेटे से पूछा कि क्या हुआ है, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।
इसके बाद पवन ने जल्दी-जल्दी कपड़े बदले और बाइक लेकर दोबारा घर से निकल गया। पिता का कहना है कि उस समय उसके कपड़ों पर कोई छींटे या खून के निशान नहीं थे। बाद में उन्हें घटना के बारे में पता चला।
राजू की बेटी गुड़िया ने बताया- ‘मेरे पापा कभी बाहर नहीं रुकते’
लापता राजू की बेटी गुड़िया ने बताया कि अभी तक उसके पिता का कोई पता नहीं चला है। उसके मुताबिक, उसके फूफा पवन उसके पिता को लड़की दिखाने के लिए साथ ले गए थे। जब पवन वापस आया तो राजू उसके साथ नहीं थे।
गुड़िया के मुताबिक, परिवार ने पवन से पूछा कि उसके पिता को कहां छोड़ा है। इस पर पवन ने कहा कि जहां लड़की देखने गए थे, वहीं लड़की की मां ने राजू को रोक लिया है।
‘हम लेने जा रहे हैं’ कहकर भी राजू वापस नहीं आए
गुड़िया ने बताया कि परिवार को पवन की बात पर भरोसा नहीं हुआ। उसके भाई ने कहा कि वे राजू को लेने जा रहे हैं, क्योंकि उसके पिता कभी बाहर नहीं रुकते थे। इस पर पवन ने कहा कि सुबह सभी लोगों को लेकर चलेंगे।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद पवन ने भाइयों को किसी बहाने से अपने पास रोक लिया। गुड़िया का कहना है कि अगर वे लोग छिपकर नहीं रहते तो परिवार में शायद कोई नहीं बचता।
राजू की पत्नी बोली- ‘मेरा तो सब कुछ चला गया’
राजू की पत्नी विमलेश ने बताया कि उनके पति का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उनके तीनों बेटे अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका सब कुछ चला गया है।
पुलिस ने राजू की तलाश में तीन टीमें लगाईं
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि लापता राजू की तलाश के लिए तीन पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी मदद ले रही है।
CCTV फुटेज से राजू की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस टीम हाईवे के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजू को आखिरी बार कहां देखा गया था और वह किस दिशा में गया। एसपी ने जल्द ही राजू की बरामदगी की उम्मीद जताई है।
फतेहपुर की वारदात में कई सवाल अभी भी अनसुलझे
इस पूरी घटना में पवन का ससुराल पहुंचना, साले राजू को लड़की दिखाने के बहाने अपने साथ ले जाना, रात में लौटकर परिवार पर हमला करना और फिर ग्रामीणों की पिटाई में उसकी मौत हो जाना कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल अभी राजू के लापता होने को लेकर है। पुलिस जांच और CCTV फुटेज से ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).