Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का रास्ता प्रभावित हो गया, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी करना पड़ा। वहीं, बाढ़ और भूस्खलन के बाद चल रहे राहत-बचाव अभियान में तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है और 5300 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। भारत लगातार राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमें नेपाल भेज रहा है।
दार्चुला में भारी भूस्खलन, चौलानी नदी को लेकर अलर्ट
नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को पहाड़ से भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर गिरने के बाद चौलानी नदी का रास्ता कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। नदी का प्रवाह रुकने की आशंका के चलते निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया था और प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।
हालांकि, शनिवार को स्थिति सामान्य रही। नदी का बहाव सामान्य बताया गया और फिलहाल किसी बड़े नए खतरे की जानकारी नहीं है।
भट्टार में भी पहाड़ से गिरे मिट्टी-पत्थर
नेपाल के भट्टार इलाके में भी शुक्रवार को पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने की घटना हुई थी। इससे कुछ समय के लिए नदी का रास्ता बाधित होने की चिंता पैदा हो गई थी।
जिला अधिकारी बार्टराज पौडेल ने बताया कि नदी के पानी के स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और फिलहाल नदी का रास्ता बंद नहीं है। पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरना भी रुक गया है। इस घटना में किसी इंसान या पशु की मौत नहीं हुई।
खतरे को देखते हुए 8 परिवारों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शुक्रवार को 8 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इलाके में कोई नया खतरा नजर नहीं आ रहा है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
त्रिशूली बाजार से 3 भारतीय सुरक्षित निकाले गए
26 अगस्त की बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल के बच्चे समेत तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक कुल 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि, 275 भारतीय अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ से 1344 लोगों की मौत
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, पड़ोसी तिब्बत में भी इस आपदा के कारण 31 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में अभी भी 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं, जबकि राहत और बचाव दल करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।
32,933 लोग बाढ़ से प्रभावित
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ से अब तक 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का असर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। स्कूल-कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, जिससे 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं।
हेल्थ सेंटर और सड़कों को भी भारी नुकसान
बाढ़ के कारण नेपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। चार हेल्थ सेंटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि तीन हेल्थ सेंटरों को आंशिक नुकसान हुआ है।
इसके अलावा करीब 55 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह टूट गई हैं। 37 मोटरेबल ब्रिज और 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार का कहना है कि आपदा से हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है।
नेपाली सांसद ने बताया 800 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा का नुकसान
नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
केसी के मुताबिक, बाढ़ और इससे हुई तबाही से 800 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू और राहत कार्यों में पर्याप्त तालमेल और लंबी अवधि की योजना की कमी दिखाई दी।
अर्जुन नरसिंह केसी ने उठाया क्लाइमेट जस्टिस का मुद्दा
अर्जुन नरसिंह केसी ने सरकार पर आपदा के बाद जरूरतों का आकलन जल्द शुरू नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्लाइमेट जस्टिस और मुआवजे की मांग उठाने की बात कही।
उनका कहना है कि नेपाल की इस आपदा ने एक बार फिर दुनिया के सामने जलवायु असमानता का मुद्दा खड़ा कर दिया है।
भारत ने नेपाल को भेजी 95 टन राहत सामग्री
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत भी लगातार राहत और बचाव में मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है।
यह राहत सामग्री 7 विमानों के जरिए नेपाल पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात की थी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेज दी थी।
भारत ने 54 विशेषज्ञों की टीमें नेपाल भेजीं
भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है।
भारतीय विशेषज्ञ टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान में काम कर रही हैं।
नेपाल में अभी भी बड़ी चुनौती
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। हजारों लोगों के प्रभावित होने, बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और सड़कों, पुलों, स्वास्थ्य केंद्रों व शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान के बीच प्रशासन के सामने चुनौती बड़ी है।
हालांकि, दार्चुला और भट्टार में भूस्खलन के बाद नदी का बहाव फिलहाल सामान्य बताया गया है। प्रशासन की नजर संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है और लोगों को किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).