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UP News: महिला के पेट से निकलीं 6 सुइयां, हेयर पिन और कांच के टुकड़े, ‘Pica’ नाम की बीमारी में खाने का होता है मन?

UP News: महिला के पेट से निकलीं 6 सुइयां, हेयर पिन और कांच के टुकड़े, 'Pica' नाम की बीमारी में खाने का होता है मन?

UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 24 वर्षीय महिला ने मानसिक तनाव और अवसाद के बीच 6 सुइयां, नुकीले हेयर पिन और कांच की चूड़ियों के टुकड़े निगल लिए। एक्स-रे और सीटी स्कैन में पेट के अंदर इन खतरनाक चीजों का पता चला। जांच में सामने आया कि दो सुइयां आंत को छेदकर दाहिनी किडनी तक पहुंच गई थीं। इसके बाद शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में करीब ढाई से तीन घंटे तक चली सर्जरी में डॉक्टरों ने सभी सुइयों और अन्य नुकीली चीजों को बाहर निकाला और क्षतिग्रस्त आंतों की भी मरम्मत की। फिलहाल महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

खागा की 24 वर्षीय विजमा कुमारी के साथ क्या हुआ?

खागा की रहने वाली विजमा कुमारी (24) पिछले करीब सात महीनों से मानसिक तनाव और परेशानी से जूझ रही थीं। उनके पति बृजेश सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। विजमा का एक साल का बेटा भी है।

मानसिक परेशानी के दौरान विजमा सुई, पिन, नुकीली चीजें और कांच के टुकड़े निगलने लगीं। लगातार ऐसी चीजें निगलने से उनकी आंतों में कई जगह छेद हो गए और उनकी हालत गंभीर होती चली गई।

दो सुइयां आंत को चीरकर दाहिनी किडनी तक पहुंचीं

डॉक्टरों के मुताबिक, विजमा के पेट में पहुंची नुकीली चीजों ने उनकी आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। दो सुइयां आंत को चीरते हुए दाहिनी किडनी तक पहुंच गई थीं।

आंत फटने की वजह से पेट में गंभीर संक्रमण फैलने लगा था। स्थिति इतनी नाजुक हो गई थी कि तत्काल ऑपरेशन की जरूरत पड़ी।

परिवार ने कई जगह कराया इलाज, लेकिन नहीं मिली राहत

विजमा के जेठ गुमान सिंह ने बताया कि परिवार ने उनकी हालत को देखते हुए कई जगह इलाज कराया, लेकिन उन्हें आराम नहीं मिला।

एक दिन काम से लौटने के बाद गुमान सिंह ने विजमा को रोते हुए देखा। जब उन्होंने रोने की वजह पूछी तो विजमा ने सुई निगलने की बात बताई। इसके बाद परिवार तुरंत उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा।

एक्स-रे में सामने आई पेट के अंदर फंसी सुइयां

स्थानीय स्तर पर विजमा का एक्स-रे कराया गया। जांच में स्थिति गंभीर दिखाई दी। इसके बाद डॉक्टरों ने परिवार को उन्हें बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

परिवार विजमा को प्रयागराज लेकर पहुंचा, जहां उन्हें नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

सीटी स्कैन से पता चली सुइयों की सही जगह

डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर पहले महिला का एक्स-रे और फिर सीटी स्कैन कराया गया। इन जांचों से पेट के अंदर फंसी सुइयों की सही स्थिति का पता चला।

आंतों के अंदर मौजूद सुइयों को ढूंढना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि नुकीली चीजें आंतों को नुकसान पहुंचा चुकी थीं।

सी-आर्म मशीन की मदद से हुई सर्जरी

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम ने सी-आर्म तकनीक की मदद ली। करीब ढाई घंटे चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने सभी सुइयों को बाहर निकाल लिया।

सर्जरी के दौरान सुइयों से क्षतिग्रस्त हुई आंतों की भी मरम्मत की गई। पूरी प्रक्रिया करीब ढाई घंटे चली। शुरुआती जानकारी में ऑपरेशन की अवधि करीब तीन घंटे तक बताई गई थी।

सर्जरी के बाद महिला की हालत में सुधार

ऑपरेशन सफल होने के बाद विजमा की हालत में सुधार बताया गया है। उन्हें फिलहाल अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

डॉक्टरों ने बताया- पायका नाम के ईटिंग डिसऑर्डर की आशंका

डॉक्टरों के मुताबिक, विजमा मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थीं। इसी वजह से उन्हें पायका (Pica) नाम का दुर्लभ ईटिंग डिसऑर्डर होने की बात सामने आई है।

पायका में व्यक्ति ऐसी चीजों को खाने या निगलने लगता है, जो सामान्य तौर पर खाने की चीजें नहीं होतीं।

क्या है पायका (Pica) डिसऑर्डर?

डॉक्टरों के मुताबिक, पायका एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है। इसमें व्यक्ति को खाने की चीजों के बजाय दूसरी वस्तुओं को खाने या निगलने की बार-बार इच्छा हो सकती है।

इसमें कुछ लोग मिट्टी, चॉक, कागज, बाल, सुई, पिन और कांच जैसी चीजें तक खाने लगते हैं।

मानसिक तनाव और डिप्रेशन भी हो सकते हैं कारण

पायका कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादा मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक परेशानी और OCD इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा शरीर में आयरन, जिंक या अन्य पोषक तत्वों की कमी भी इस तरह की आदत को बढ़ावा दे सकती है।

पायका में नुकीली चीजें निगलना कितना खतरनाक?

पायका से पीड़ित व्यक्ति को इन चीजों को खाने की इच्छा बार-बार हो सकती है। अगर समय रहते इलाज नहीं मिले और व्यक्ति नुकीली या खतरनाक चीजें निगलता रहे तो ये शरीर के अंदर जाकर आंतों और दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

विजमा के मामले में भी सुइयों और अन्य नुकीली चीजों ने आंतों को नुकसान पहुंचाया और दो सुइयां दाहिनी किडनी तक पहुंच गई थीं।

डॉक्टर बोले- खान-पान की आदत में बदलाव को नजरअंदाज न करें

डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया कि अगर परिवार में कोई व्यक्ति ज्यादा मानसिक तनाव में है और उसके खान-पान की आदत में असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति खाने की चीजों के बजाय दूसरी चीजें खाने या निगलने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

समय पर जांच और काउंसलिंग से रोकी जा सकती है गंभीर स्थिति

डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मामलों में समय पर जांच, काउंसलिंग और उचित इलाज बेहद जरूरी है। शुरुआती स्तर पर समस्या की पहचान होने से इसे गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है।

विजमा के मामले में भी समय पर जांच के जरिए पेट में फंसी सुइयों और दूसरी नुकीली चीजों की जानकारी मिली, जिसके बाद सर्जरी कर उन्हें बाहर निकाला गया।