Crime News: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में ऐसा मोड़ आया है, जिसने पुलिस के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। ससुर की मौत के बाद जिस बहू शालू को परिवार के साथ रोते-बिलखते देखा गया, पुलिस की जांच में उसी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, डुप्लीकेट चाबी और कथित पैसों के लेन-देन ने मामले की कई परतें खोल दीं।
63 साल के विनीत मिनोचा की घर में बेरहमी से हत्या
विनीत मिनोचा करीब 63 साल के दवा कारोबारी थे। उनकी हत्या कानपुर के कल्याणपुर इलाके में स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने उन पर चाकू से करीब 26 वार किए। शुरुआती जांच में मामला लूट या बाहरी हमलावरों से जुड़ा लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे CCTV और दूसरी जानकारियां सामने आईं, पुलिस की जांच का रुख परिवार और पुराने घरेलू कर्मचारी की ओर बढ़ गया।
रात 9:36 बजे घर से निकला परिवार, अंदर पहुंचे दो संदिग्ध
पुलिस जांच के मुताबिक घटना वाली रात करीब 9:36 बजे विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत, बहू शालू और उनका करीब 6 साल का बेटा पार्टी के लिए घर से निकले थे। इसके कुछ ही मिनट बाद CCTV में दो संदिग्ध अपार्टमेंट की तरफ जाते दिखाई दिए। पुलिस का दावा है कि दोनों किसी तरह फ्लैट के अंदर पहुंचे और विनीत के वापस आने का इंतजार करने लगे।
करीब सवा घंटे तक फ्लैट में छिपे रहे हमलावर?
जांच के मुताबिक विनीत मिनोचा करीब 10:58 बजे वापस घर लौटे। पुलिस को शक है कि उस समय तक दोनों आरोपी फ्लैट के अंदर मौजूद थे और काफी देर से उनका इंतजार कर रहे थे। यानी यह मामला अचानक हुए हमले के बजाय पहले से बनाई गई योजना की तरफ इशारा करता है।
पहले तकिया से दम घोंटकर हत्या का था कथित प्लान
जांच में सामने आए पुलिस के दावे के मुताबिक आरोपियों की शुरुआती योजना विनीत की हत्या इस तरह करने की थी कि मामला प्राकृतिक मौत या हार्ट अटैक जैसा लगे। इसके लिए कथित तौर पर सोते समय तकिए से दम घोंटने की योजना बनाई गई थी।
लेकिन घटनाक्रम उस तरह नहीं चला। पुलिस के मुताबिक विनीत घर में अपने बेटे के कमरे की तरफ गए, जहां दोनों आरोपी मौजूद थे। इसके बाद उनका सामना आरोपियों से हो गया और दोनों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में गर्दन, सीने और शरीर के दूसरे हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।
कौन है विशाल गौतम? पुराने नौकर ने खोली जांच की कड़ी
पुलिस की जांच में जिस नाम ने पूरे केस की दिशा बदल दी, वह है विशाल गौतम। विशाल पहले विनीत के घर पर काम कर चुका था। रिपोर्टों के मुताबिक उसे करीब छह साल पहले चोरी के आरोपों के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था।
हालांकि नौकरी जाने के बाद भी उसका परिवार से संपर्क बना रहा। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से उसे घर की व्यवस्था, परिवार की दिनचर्या और फ्लैट में आने-जाने के तरीके की जानकारी थी।
डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक विशाल के पास फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी थी। आरोप है कि वह अपने साथी राजकिशोर के साथ इसी चाबी के जरिए अंदर पहुंचा।
पुलिस ने CCTV फुटेज और अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था को खंगालकर दोनों की गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार और आरोपियों के कपड़ों से जुड़े सुराग भी मिले।
गार्ड को पहले से दी गई थी कथित सूचना
जांच में अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड की भूमिका और उससे हुई बातचीत भी अहम मानी जा रही है। पुलिस के मुताबिक गार्ड को पहले से बताया गया था कि एक व्यक्ति अपने दोस्त के साथ आएगा। आरोप है कि दोनों को अंदर जाने दिया गया और रजिस्टर में एंट्री नहीं कराई गई।
पुलिस अब यह भी जांच रही है कि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची और क्या किसी अंदरूनी मदद ने इस वारदात को आसान बनाया।
₹6 लाख की कथित सुपारी ने मामले को दिया नया मोड़
जांच में सबसे चौंकाने वाला एंगल ₹6 लाख की कथित सुपारी का सामने आया है। कई रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि हत्या के लिए करीब छह लाख रुपये की डील का आरोप है।
रिपोर्टों के मुताबिक कथित तौर पर कुछ रकम हत्या के बाद और बाकी रकम बाद में देने की बात थी। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में भुगतान की राशि और तरीके को लेकर अंतर दिखाई देता है, इसलिए इसे फिलहाल पुलिस जांच में सामने आए कथित सौदे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बहू शालू पर क्यों आया पुलिस का शक?
पुलिस के मुताबिक जांच आगे बढ़ने पर शालू की भूमिका सामने आई। रिपोर्टों में दावा है कि शालू और विशाल के बीच घटना से पहले लगातार बातचीत हुई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक घटना वाले दिन दोनों के बीच 14 बार फोन पर बातचीत हुई थी। पिछले कुछ समय में दोनों के बीच कई कॉल होने की बात भी जांच में सामने आई है।
CCTV को लेकर ससुर-बहू में था तनाव?
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक तनाव और आर्थिक विवाद का एंगल भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक विनीत मिनोचा घर के खर्च और पैसे को लेकर काफी नियंत्रण रखते थे। बहू और बेटे को अपनी जरूरतों के लिए सीमित रकम मिलने का आरोप है।
इसके अलावा शालू की गतिविधियों पर CCTV के जरिए नजर रखे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस को शक है कि पैसे को लेकर रोक-टोक और लगातार निगरानी से शालू के मन में नाराजगी बढ़ी और यही कथित तौर पर हत्या की साजिश की वजह बनी।
28 जुलाई के विवाद के बाद बढ़ी थी नाराजगी?
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की जांच में 28 जुलाई के एक विवाद का भी जिक्र सामने आया है। बताया गया है कि इसी विवाद के बाद शालू अपने ससुर से नाराज थी और CCTV निगरानी को लेकर भी असंतुष्ट थी।
हालांकि पुलिस इस पूरे एंगल को कॉल डिटेल, CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों से मिलाकर जांच रही है।
हत्या के बाद बहू को रोते देख किसी को नहीं हुआ शक
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद परिवार के लोग जब घर पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद भावुक था। शालू को भी ससुर की मौत के बाद रोते-बिलखते देखा गया।
शुरुआत में किसी को यह अंदाजा नहीं था कि पुलिस की जांच आगे चलकर उसी बहू तक पहुंच सकती है। लेकिन पुलिस का कहना है कि उसने केवल उसके व्यवहार के आधार पर नहीं, बल्कि CCTV, कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों की गतिविधियों और पूछताछ से मिले सुरागों को जोड़कर कार्रवाई की।
पुलिस ने 24 घंटे के अंदर संदिग्धों तक कैसे पहुंच बनाई?
CCTV फुटेज की जांच के बाद पुलिस को दो संदिग्धों की गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद पुराने कर्मचारी विशाल गौतम की पहचान हुई। उसके बाद उसके साथी राजकिशोर तक पुलिस पहुंची।
दोनों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। रिपोर्टों के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पूछताछ में शालू का नाम सामने आने का दावा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान शालू की कथित भूमिका का खुलासा हुआ। आरोप है कि हत्या की योजना परिवार के अंदर से बनाई गई और आरोपियों को वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया।
हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि पुलिस पूछताछ में सामने आया बयान अपने आप में अदालत में अंतिम दोष सिद्धि नहीं होता। शालू की भूमिका और पूरे मामले में किसकी कितनी जिम्मेदारी है, यह जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले स्वतंत्र सबूतों से तय होगा।
पति सुब्रत की भूमिका अभी साफ नहीं
इस पूरे मामले में विनीत के बेटे और शालू के पति सुब्रत की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने उनसे पूछताछ की है, लेकिन अभी तक उनकी हत्या में भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस फिलहाल कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, सुरक्षा गार्ड की जानकारी और आरोपियों के बयानों को जोड़कर पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
650 CCTV और 45 गार्ड के बावजूद कैसे हुई वारदात?
मामला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि रिपोर्टों के मुताबिक जिस बड़े दवा कारोबार से परिवार जुड़ा है, वहां सुरक्षा व्यवस्था भी काफी मजबूत बताई जा रही है। एक रिपोर्ट में करीब 650 CCTV कैमरों और 45 गार्ड का जिक्र किया गया है।
इसके बावजूद आरोपियों का फ्लैट तक पहुंचना और वहां इंतजार करना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को अंदर आने में किस स्तर पर मदद मिली और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
चोरी या लूट नहीं, परिवार के अंदर की साजिश पर गया शक
हत्या के बाद पुलिस ने यह भी देखा कि घर से बड़ी मात्रा में नकदी या कीमती सामान गायब नहीं था। इससे लूट के एंगल पर सवाल उठे और जांच दूसरी दिशा में बढ़ी।
CCTV में संदिग्धों की मौजूदगी, पुराने नौकर का कनेक्शन, डुप्लीकेट चाबी, फोन कॉल और कथित पैसों की डील जैसे सुरागों ने पुलिस को हत्या के पीछे पहले से रची गई साजिश की ओर पहुंचाया।
इस हत्याकांड में अब तक की सबसे बड़ी कड़ियां
अब तक सामने आई कहानी को आसान भाषा में समझें तो इसकी प्रमुख कड़ियां कुछ ऐसी हैं—परिवार पार्टी के लिए बाहर गया, दो संदिग्ध फ्लैट में पहुंचे, पुराने नौकर का नाम सामने आया, डुप्लीकेट चाबी का कनेक्शन मिला, CCTV और कॉल डिटेल से जांच आगे बढ़ी, ₹6 लाख की कथित सुपारी का एंगल सामने आया और फिर पुलिस ने बहू शालू को कथित साजिश में गिरफ्तार किया।
लेकिन इस पूरी कहानी में कौन कितना शामिल था, साजिश कब और कैसे बनी और हत्या की अंतिम जिम्मेदारी किसकी है—इन सवालों का जवाब जांच और अदालत में पेश होने वाले सबूतों से ही तय होगा।
रोती बहू से कथित मास्टरमाइंड तक कैसे पहुंची जांच?
विनीत मिनोचा हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही है कि शुरुआत में मामला बाहरी हमलावरों का लग रहा था। CCTV ने पुराने नौकर तक पहुंचाया और उसके बाद पुलिस की जांच परिवार के अंदर तक पहुंच गई।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा काम कथित साजिश की पूरी कड़ी को सबूतों के साथ जोड़ना है। फिलहाल शालू, विशाल और राजकिशोर इस केस के मुख्य नाम हैं और पुलिस हत्या की योजना, पैसों के कथित लेन-देन और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).