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Masjid Demolition: मस्जिद के मलबे में मिला 250 साल पुराना कुआं? अब यूपी में एक और मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर..

Masjid Demolition: मस्जिद के मलबे में मिला कुआं 250 साल पुराना? अब यूपी में एक और मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर..

Masjid Demolition: सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे मिले कुएं ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। सोमवार को लखनऊ से पहुंची भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने कुएं की जांच की। सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव खुद कुएं के अंदर उतरे और करीब 15 मिनट तक उसकी संरचना और ईंटों की जांच की। शुरुआती जांच में कुआं 200 से 250 साल पुराना हो सकने की बात सामने आई है और इसकी संरचना प्रथम दृष्टया उत्तर-मध्यकालीन बताई गई है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बने एक अन्य धार्मिक निर्माण को लेकर भी 15 दिन का नोटिस जारी किया गया है।

250 साल पुराना हो सकता है सहारनपुर का कुआं

सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मिले कुएं की जांच के लिए सोमवार को एएसआई की टीम लखनऊ से पहुंची। टीम में एएसआई के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव शामिल थे।

जांच के बाद डॉ. यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुआं 200 से 250 साल पुराना हो सकता है। उन्होंने इसकी संरचना को शुरुआती तौर पर उत्तर-मध्यकालीन बताया। हालांकि, इसकी सही उम्र और ऐतिहासिक महत्व को लेकर आगे की जांच जरूरी होगी।

कुएं के अंदर 15 मिनट तक जांच करते रहे ASI अधिकारी

दोपहर करीब 1:30 बजे पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ ने कलक्ट्रेट परिसर में मिले कुएं का बाहरी परीक्षण किया। उन्होंने आसपास की मिट्टी और कुएं की बाहरी संरचना को बारीकी से देखा।

इसके बाद करीब 1:45 बजे डॉ. मनोज कुमार यादव ने कुएं में उतरने से पहले फीते से इसकी गहराई का अंदाजा लगाया। फिर सीढ़ी लगाकर वह कुएं के अंदर उतरे। करीब 15 मिनट तक कुएं के अंदर मौजूद संरचना और ईंटों की जांच-पड़ताल करने के बाद वह बाहर आए।

20 फीट गहरा और करीब 3 फीट व्यास का है कुआं

एएसआई अधिकारी ने बताया कि धरातल से कुएं की गहराई करीब 20 फीट है, जबकि इसका व्यास लगभग 3 फीट है।

कुएं में इस्तेमाल हुई ईंटों की बनावट भी जांच का अहम हिस्सा रही। अधिकारी के मुताबिक, कुएं में लगी ईंटें लखौरी ईंटें प्रतीत हो रही हैं। इनका अनुपात करीब 20-10-5 बताया गया है, यानी ईंट लगभग 20 सेंटीमीटर लंबी, 10 सेंटीमीटर चौड़ी और 5 सेंटीमीटर ऊंची है।

‘आगे की जांच प्रशासन के फैसले पर निर्भर’

एएसआई अधिकारी ने कहा कि अभी यह प्रारंभिक जांच है। आगे की जांच प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगी। यदि कुएं के आसपास खोदाई या अन्य जांच का फैसला लिया जाता है तो उसके बाद पुरातात्विक पहलुओं को और विस्तार से देखा जाएगा।

डॉ. यादव ने कहा कि सहारनपुर का इतिहास मानवीय संस्कृति के साथ जुड़ा हुआ है और यहां अलग-अलग कालखंडों में कई तरह के निर्माण हुए हैं। कुएं के बारे में उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कुएं जैसी आकृति है और इसकी उम्र करीब 200 से 250 साल हो सकती है।

कुएं की जांच से पहले डॉग स्क्वॉड ने भी की जांच

कुएं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता दिखाई गई। सोमवार को दोपहर करीब 12:30 बजे डॉग स्क्वॉड ने स्थल की जांच की। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने कुएं की बाहरी और आंतरिक संरचना को परखा।

एएसआई की जांच को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

मलबे में 1909 अंकित ईंट मिलने का भी दावा

इसी मामले में कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मलबे को हटाने के दौरान एक ईंट मिलने का भी दावा किया जा रहा है। दावा है कि ईंट पर 1909 अंकित है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 1909 ईंट के निर्माण का साल है या उस पर किसी अन्य जानकारी के तौर पर यह संख्या अंकित है। इसलिए इस दावे को फिलहाल पुष्टि के तौर पर नहीं माना जा सकता। इसे लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं।

सहारनपुर में बढ़ाई गई सुरक्षा, मुख्य गेट से ही प्रवेश

मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रवेश से पहले कर्मचारियों और फरियादियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई।

इसके अलावा लोगों की आईडी चेक की गई और कलक्ट्रेट आने का उद्देश्य भी पूछा गया। प्रवेश केवल मुख्य गेट से दिया गया, जबकि कोषागार, रजिस्ट्री, खनन और अधिवक्ताओं के चैंबर वाले गेट बंद रखे गए।

कलक्ट्रेट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में फरियादी भी पहुंचे। लोगों ने रजिस्ट्री कार्यालय में प्लॉट और मकान से जुड़े काम कराए, जबकि कुछ लोग अधिवक्ताओं के चैंबर में शपथ पत्र तैयार कराने पहुंचे। सदर तहसील में भी फरियादियों की मौजूदगी रही।

एसपी सिटी व्योम बिंदल के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से कलक्ट्रेट समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

सपा-कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट, प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

सहारनपुर में मस्जिद मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं। सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के मंडलायुक्त से मिलने की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। ज्यादातर सपा नेताओं को उनके गृह जनपद में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर में मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। मंडलायुक्त के मौजूद नहीं होने पर अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

सर्किट हाउस में विधान परिषद के अन्य नेता पहले से मौजूद थे। वहां नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव और सांसद इकरा हसन समेत अन्य नेताओं की भी पुलिस ने घेराबंदी की। पूर्व मंत्री शायान मसूद को सर्किट हाउस पहुंचते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

प्रेसवार्ता के दौरान सपा नेताओं ने इसे सरकार और प्रशासन की तानाशाही बताया। उन्होंने मस्जिद स्थल पर सफाई, खोदाई या किसी भी तरह के परिवर्तन पर रोक लगाने तथा भूखंड पर तीसरे पक्ष के अधिकार या निर्माण को रोकने की मांग की।

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय राय को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

मस्जिद प्रबंधन कमेटी हाईकोर्ट में दाखिल करेगी रिट

कलक्ट्रेट मस्जिद मामले में प्रबंधन कमेटी ने भी कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी के अधिवक्ता बाबर वसीम के मुताबिक, हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं का पैनल तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आगामी एक-दो दिन में हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जाएगी। कमेटी की ओर से मामले से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य भी अदालत के सामने रखने की तैयारी है। इसके साथ ही तमाम कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

अब दूसरी खबर: मुरादाबाद में एक और मस्जिद पर कार्रवाई की तैयारी?

सहारनपुर के घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से भी सरकारी जमीन पर बने एक अन्य धार्मिक निर्माण को लेकर कार्रवाई की खबर सामने आई है। दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में करीब 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बने मस्जिद निर्माण को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध निर्माण माना है।

एमडीए ने मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर निर्माण खुद हटाने के निर्देश दिए हैं। तय अवधि में निर्माण नहीं हटाया गया तो एमडीए की टीम द्वारा बुलडोजर से कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

यह मामला सहारनपुर की कलक्ट्रेट मस्जिद से अलग है। मुरादाबाद में कार्रवाई सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर एमडीए के नोटिस के आधार पर प्रस्तावित है।

मस्जिद कमेटी का दावा- निर्माण काफी पुराना

नोटिस जारी होने के बाद मुरादाबाद में मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ गई है। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि मस्जिद काफी पुरानी है।

वहीं एमडीए का कहना है कि जमीन सरकारी होने के कारण उस पर बने निर्माण को नियमों के तहत वैध नहीं माना जा सकता। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि सड़क किनारे निर्माण होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

अब 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद एमडीए की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

मुरादाबाद में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बने धार्मिक निर्माण के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बने मस्जिदनुमा निर्माण को पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से हटाया गया था।

इसके अलावा एमडीए की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनी मीनार को भी हटाकर जमीन खाली कराई गई थी।

एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है।

धार्मिक स्थलों को लेकर देवबंद में भी सुनवाई

सरकारी भूमि पर संचालित अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के संबंध में धारा 67 के तहत जारी नोटिसों के मामलों में सोमवार को ग्राम समाज के लेखपालों के बयान भी दर्ज किए गए।

संबंधित धार्मिक स्थलों के मुतवल्ली और प्रबंधक तहसीलदार के समक्ष पेश हुए। सहारनपुर कलक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच देवबंद तहसीलदार की कोर्ट में निर्धारित तिथि पर भूमि स्वामित्व को लेकर ग्राम समाज के लेखपालों के बयान दर्ज किए गए। अब मामले में अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख दी गई है।

विवादित पोस्टर को लेकर भी जांच शुरू

सहारनपुर के विश्वकर्मा चौक पर एक विवादित पोस्टर लगे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

एसएसपी अभिनंदन सिंह ने कहा कि जिले में पूरी तरह शांति का माहौल है। उन्होंने कहा कि किसी असामाजिक तत्व ने इस तरह के पोस्टर लगाए हैं और इस प्रकरण में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल- कुएं का इतिहास क्या है?

सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मिला कुआं इस पूरे मामले का सबसे अहम नया पहलू बन गया है। एएसआई की प्रारंभिक जांच में इसकी उम्र 200 से 250 साल के बीच होने की संभावना जताई गई है। लखौरी ईंटों और कुएं की संरचना ने पुरातात्विक जांच की जरूरत को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

हालांकि कुएं की वास्तविक उम्र, इसका निर्माण किस उद्देश्य से हुआ था और इसका परिसर के पुराने इतिहास से क्या संबंध है, इन सवालों का जवाब आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दूसरी ओर, मुरादाबाद में अलग मामले में 15 दिन का नोटिस जारी होने के बाद अब वहां प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।