Pilibhit Weather Alert: पीलीभीत में मौसम को लेकर अगले 24 से 48 घंटे बेहद सावधानी वाले बताए गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पीलीभीत की ओर से जारी एडवाइजरी में 25 सितंबर 2026 को ऑरेंज अलर्ट और 26 सितंबर को रेड अलर्ट का उल्लेख किया गया है। इस दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश, तेज हवा और जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग की 25 सितंबर की चेतावनी में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
सिर्फ बारिश की सामान्य चेतावनी समझकर इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। लगातार बारिश के साथ नदी-नालों में पानी बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे और जर्जर मकानों को नुकसान, बिजली के तारों और आकाशीय बिजली से जुड़े खतरे सामने आ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से पहले से तैयारी रखने और मौसम को हल्के में न लेने की अपील की है।
ऑरेंज से रेड अलर्ट तक, दो दिन क्यों हैं अहम?
जिला प्रशासन की एडवाइजरी के मुताबिक 25 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट और इसके अगले दिन 26 सितंबर को रेड अलर्ट है। इसका मतलब है कि प्रशासन ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारी बारिश का असर सिर्फ शहर की सड़कों तक सीमित नहीं रह सकता। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। खेतों, ग्रामीण रास्तों और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।
बिना जरूरत घर से निकलने से बचें
इसी वजह से एडवाइजरी में आम नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जरूरत न होने पर घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। बारिश के दौरान हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए जरूरी काम होने पर भी स्थानीय स्थिति देखकर ही बाहर निकलना बेहतर होगा।
नदी-नाले और जलभराव वाले इलाके बन सकते हैं संवेदनशील
पीलीभीत में भारी बारिश के दौरान जलस्तर और जलभराव को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों को नदी, नाले, तालाब, पुलिया और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।
बारिश के दौरान किसी छोटे नाले या पुलिया में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऊपर से सामान्य दिखने वाला रास्ता भी कुछ समय बाद जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में पानी से भरे रास्ते को पार करने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है।
कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले रहें अलर्ट
एडवाइजरी में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित एवं मजबूत स्थान पर आश्रय लेने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश का असर कमजोर दीवारों और छतों पर पड़ सकता है।
पहले से सुरक्षित स्थान की पहचान करें
बारिश तेज होने के बाद सुरक्षित जगह तलाशने के बजाय पहले से ही ऐसे स्थान की पहचान करना जरूरी है, जहां जरूरत पड़ने पर परिवार को ले जाया जा सके। खासकर ग्रामीण इलाकों में पुराने मकानों, कमजोर दीवारों और क्षतिग्रस्त छतों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम की चेतावनी सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ Thunderstorm & Lightning और Squall की भी चेतावनी दी है।
पेड़ों और बिजली के उपकरणों से रहें दूर
प्रशासन ने आंधी-तूफान या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। खुले बिजली के तारों, ट्रांसफॉर्मर और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों से भी दूरी बनाए रखें।
अगर बारिश या तेज हवा के दौरान कोई बिजली का तार टूटकर गिरा दिखाई दे तो उसके पास जाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित है।
बच्चों की सुरक्षा पर रखें खास नजर
बारिश के दौरान बच्चे अक्सर पानी भरे स्थानों, नालियों, तालाबों और नदी-नालों के आसपास चले जाते हैं। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों में जाने से रोका जाए।
अभिभावक बच्चों की आवाजाही पर नजर रखें
पानी की गहराई और बहाव का वास्तविक अंदाजा ऊपर से लगाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए माता-पिता और अभिभावकों को बारिश के दौरान बच्चों की आवाजाही पर विशेष नजर रखनी होगी।
वाहन चालकों के लिए भी बदलेंगे सड़क के हालात
भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा होने और फिसलन की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों को जलभराव और फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।
तेज बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है। ऐसे में तेज रफ्तार के बजाय नियंत्रित गति, पर्याप्त सुरक्षित दूरी और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।
मोबाइल, टॉर्च और जरूरी दस्तावेज रखें तैयार
आपदा या खराब मौसम के दौरान सूचना और संपर्क की समस्या सामने आ सकती है। इसलिए एडवाइजरी में नागरिकों को मोबाइल, टॉर्च, आवश्यक दवाइयां और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।
मोबाइल की बैटरी और इमरजेंसी संपर्क का रखें ध्यान
बारिश या बिजली बाधित होने की स्थिति में मोबाइल की बैटरी खत्म न हो, इसके लिए उसे पहले से चार्ज रखना उपयोगी होगा। परिवार के सदस्यों को यह भी पता होना चाहिए कि आपात स्थिति में किससे संपर्क करना है और सुरक्षित स्थान कहां है।
किसानों के लिए भी अलर्ट, फसल और पशुओं को लेकर सावधानी
भारी बारिश का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एडवाइजरी में किसानों को पकी फसल की कटाई और सुरक्षित भंडारण को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करें
किसानों से खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। यानी चुनौती दोहरी है—एक तरफ तैयार फसल को बारिश से बचाना और दूसरी तरफ खेत में पानी जमा होने से रोकना।
पशुओं को ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर रखें
पशुओं को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर बांधने और खुले में न छोड़ने की सलाह दी गई है। बारिश और जलभराव की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा।
पीलीभीत में अब मौसम से ज्यादा जरूरी है तैयारी
पूरी एडवाइजरी को जोड़कर देखें तो प्रशासन का संदेश साफ है—बारिश आने का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी करें। एक तरफ मौसम विभाग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दे रहा है, वहीं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों, वाहन चालकों और किसानों के लिए अलग-अलग सावधानियां जारी की हैं।
इसका सीधा मतलब है कि अगले दो दिन व्यक्तिगत सावधानी के साथ-साथ सामुदायिक सतर्कता के भी हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश और जलभराव का असर अलग-अलग हो सकता है, इसलिए प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
एक नजर में जरूरी सावधानियां
- बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें।
- नदी, नाले, तालाब, पुलिया और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर जाएं।
- आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- खुले बिजली तारों, ट्रांसफॉर्मर और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों से दूर रहें।
- बच्चों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने दें।
- जलभराव और फिसलन वाली सड़कों पर वाहन सावधानी से चलाएं।
- मोबाइल, टॉर्च, जरूरी दवाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार रखें।
- प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
- किसान पकी फसल की कटाई, सुरक्षित भंडारण और खेतों में जलनिकासी की तैयारी करें।
- पशुओं को खुले में न छोड़ें और सुरक्षित ऊंचे स्थान पर रखें।
मुसीबत में ये नंबर रखें याद
पीलीभीत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी एडवाइजरी में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष/कंट्रोल नंबर 05882-254116 और टोल-फ्री नंबर 1077 दिया गया है।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष अथवा टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पीलीभीत में जारी यह चेतावनी सिर्फ मौसम का अपडेट नहीं, बल्कि अगले 24–48 घंटों के लिए सावधानी की कार्ययोजना है। बारिश कितनी और कहां तक असर डालेगी, यह स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, लेकिन प्रशासन ने संभावित जोखिमों को देखते हुए पहले से सतर्क रहने को कहा है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).