(कन्नौज सदर से हिमांशु तिवारी की रिपोर्ट)
कन्नौज जिले में 09 दिसम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला अपर जज एवं सचिव उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ लवली जायसवाल तथा जिले के न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवाप्राधिकरण अजय कुमार श्रीवास्तव के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सोमवार को शहर के एस०बी०एस इण्टर कालेज सदर तहसील में नशीली दवाओं, धूम्रपान एवं शराब उन्मूलन से होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारी एवं रोकथाम, विभिन्न कानूनों में बालकों के अधिकार एवं बाल सेवा योजना के सम्बन्ध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन अपर जिला जज / सचिव लवली जायसवाल द्वारा सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण कर किया।
इस दौरान विधिक जागरूकता शिविर में चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल श्वेतांक अरूण, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल मो० सैफ एवं शिव शंकर दोहरे, प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र लाल सिंह व अन्य शिक्षकगण, कार्यालय लिपिक बसन्तराम एवं पराविधिक स्वयं सेवक अनेश कनौजिया, अशीष श्रमवास्तव मौजूद रहे। शिविर में उपस्थित बालको को नशा मुक्ति और नशा उन्मूलन के लिये नई पीढी को नशे की लत से दूर रहने की सलाह दी गयी।
नशे का उपयोग समाज और मानव जीवन को लिये अभिशाप बन गया है। नई पीढी छात्र जीवन में ही नशा की लत का शिकार हो रही है।इससे मानसिक समस्याये बढ़ती जा रही है। नशा मुक्त समाज बनाने के लिये हम सभी को आगे आना होगा एवं नशे की रोकथाम के लिये नशामुक्ति केन्द्र के माध्यम से ईलाज करवाया जाता है। किन्तु सर्वोत्तम उपाय यह है कि हम सब नशे से दूर रहे ताकि इस प्रकार की समस्या भविष्य में ना आये। उन्होने ने यह भी बताया कि नशीली वस्तु का व्यापार करना जुर्म है।इसके लिये कठोर सजा का भी प्रावधान है।
तंबाकू नशे का सेवन करने वाले व्यक्ति को अगर 15 से 20 नशे वाले पदार्थ न मिले तो धीरे धीरे शरीर से नशे की तलब कम होने लगती है। बशर्ते जब आपको नशे की तलब लगे तब आप नशा ना करे। नशे से मुक्ति पाने के लिये कुछ घरेलू उपाय भी बताया गये जैसे अपना दिमाग सकारात्मक चीजों पर लगाये, अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे, खूब पानी पिये, परिवार के साथ समय बिताये, खुश रहने की कोशिश करे, फलों का जून व नारियल जूस पीये।

स्वेतांक अरूण, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शिविर में उपस्थित शिक्षकों एवं बच्चों को लैंगिक समानता के प्रावधानों एवं पॉक्सो अधिनियम के विषय में भी जानकारी दी।उन्होंने कहा है कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले। लैंगिक असमानता की कुरीति की वजह से वह ठीक से फल फूल नहीं पते है। साथ ही भारत में लड़कियों और लड़कों के बीच न केवल उनके घरों और समुदायों में बल्कि हर जगह लिंग असमानता दिखाई देती है।जिसके प्रभाव दोनों लिंगो पर पड़ता है। आंकड़ों के आधार पर विश्व स्तर जन्म के समय लड़कियों के जीवित रहने की संख्या अधिक है।साथ ही साथ उनका विकास भी व्यवस्थित रूप से होता है। भारत में लड़के और लड़कियों के बालपन के अनुभव में बहुत अलग होता है। यहाँ लड़कों को लड़कियों की तुलना अधिक स्वतंत्रता मिलती है।जबकि लड़कियों की स्वतंत्रता में अनेकों पाबंदियाँ होती हैं। इस पाबंदी का असर उनकी शिक्षा विवाह और सामाजिक रिश्तों खुद के लिए निर्णय के अधिकार आदि को प्रभावित करती है। उन्होंने उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के के दिषय में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड के कारण अपने माता-पिता दोनों को खो देने वाले 01-18 वर्ष आयु की बच्चों की निःशुल्क शिक्षा एवं ऐसे बच्चों को प्रतिमाह 4000/-की आर्थिक सहायता दिये जाने एवं सामान्य योजना के अर्न्तगत 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर जिन्होंने कोचिड अथवा अन्य कारण से अपने माता-पिता अथवा माता या पिता को खो दिया है। जिन्होंने 12 वीं कक्षा के बोर्ड स्नातक अथवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहा है। उसे 2500/- प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु योजना चलाई जा रही है।
उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजय कुमार श्रीवास्तव के आदेश के अनुपालन में आगामी 9 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व अपर जिला जज/नोडल अधिकारी विश्वम्भर प्रसार की अध्यक्षता सोमवार को जनपद न्यायालय के मीटिंग हॉल में प्री-ट्रायल बैठक आयोजन किया गया है।बैठक में लवली जायसवाल अपर जिला जज / पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नोडल अधिकारी प्रशासनिक विभाग उप जिलाधिकारी नवनीता राय पुलिस विभाग से क्षेत्राधिकारी डा० प्रियांका बाजपेई, विद्युत विभाग से अधिशाषी अभियन्ता मगन सिंह एवं प्रशानिक अधिकारी, एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
अपर जिला जज-प्रथम/नोडल अधिकारी विश्वम्भर प्रसाद द्वारा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु विचार विमर्श किया गया।बैठक में प्रशासन की तरफ से उपस्थित नोडल अधिकारी अशोक कुमार द्वारा प्रस्तावित वादों की अद्यतन सूची प्रस्तुत की गयी जिसमें 25797 वादो को निस्तारण हेतु नियत किये गये है।